मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को देर रात गुरुग्राम कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की लंबी दलीलें सुनने के बाद संजीव अरोड़ा को 7 दिनों के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिमांड पर भेज दिया है। संजीव अरोड़ा की कोर्ट में पेशी रात के वक्त हुई, जो करीब 3 घंटे से भी अधिक समय तक चली। कोर्ट रूम में गहमागहमी का माहौल रहा। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से वरिष्ठ वकीलों ने पक्ष रखते हुए अरोड़ा से पूछताछ के लिए 10 दिनों की रिमांड की मांग की थी। ईडी का तर्क था कि मामले की तह तक जाने और अहम दस्तावेजों की बरामदगी के लिए मंत्री को हिरासत में लेकर पूछताछ करना अनिवार्य है। देर रात तक चली सुनवाई बचाव पक्ष ने आरोपों को बताया बेबुनियाद दूसरी ओर, संजीव अरोड़ा के वकील ने ईडी के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में दलील दी कि मंत्री पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया कि इस मामले में विभाग द्वारा पहले कोई उचित जांच नहीं की गई और सीधे गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है। वकील ने रिमांड का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। 16 मई को होगी अगली पेशी अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया और ईडी को 7 दिन की रिमांड मंजूर की। अब संजीव अरोड़ा 16 मई तक ईडी की हिरासत में रहेंगे, जिसके बाद उन्हें दोबारा गुरुग्राम कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस दौरान ईडी उनसे करोड़ों रुपए के कथित घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सवालों पर पूछताछ करेगी।