पठानकोट में एयरफोर्स स्टेशन के पास नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने कार सवार 3 युवकों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुद को पंजाब पुलिस का कांस्टेबल बताया। उन्होंने पुलिस कर्मचारियों को एक आईडी कार्ड दिखाते हुए कहा कि वे खुफिया ड्यूटी पर तैनात हैं। लेकिन जांच में उनका आईडी कार्ड फर्जी निकला। पुलिस ने तीनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में सामने आया कि उक्त आरोपी पुलिस आईडी कार्ड दिखाकर सुरक्षा बलों और टोल प्लाजा को चकमा दे रहे थे। आरोपियों ने कबूल किया है किया उन्हें होशियारपुर के एक पेट्रोल पंप के पास 2 दिन पहले कांस्टेबल का आई कार्ड मिला था। इसका उपयोग हाईवे पर टोल प्लाजा और पुलिस नाकों से बिना रोक-टोक और बिना शुल्क दिए आसानी से निकलने के लिए करते थे। 2 दिन पहले कांस्टेबल का आई कार्ड मिला होशियारपुर के एक पेट्रोल पंप के पास आरोपियों को उन्हें 2 दिन पहले पंजाब पुलिस के कांस्टेबल का आई कार्ड मिला था। डीएसपी विपिन कुमार ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया कि उन्होंने यह आई कार्ड उठाया और योजना बनाई कि इसका इस्तेमाल कर टोल प्लाजा की फीस और पुलिस नाकों की जांच से बचा जा सके। आरोपी टोल प्लाजा पर यही आई कार्ड दिखाते थे। कार्ड पर पंजाब पुलिस के कांस्टेबल सुनील शर्मा का नाम लिखा था। पुलिस अब अमृतसर पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल सुनील शर्मा के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। डीएसपी के अनुसार, एएसआई सरताज सिंह अपनी टीम के साथ नौशहरा नलबंदा के पास विशेष नाके पर तैनात थे। रात करीब 11 बजे गांव पंजुपुर की तरफ से एक आई-20 कार (PB07BD5949) आती दिखाई दी। पुलिस ने कार रुकवाई तो उसमें तीन युवक सवार थे। युवक ने खुद को कांस्टेबल बताया पूछताछ के दौरान कार चला रहे युवक ने खुद को कांस्टेबल सुनील शर्मा बताया और पहचान के लिए पुलिस आईडी कार्ड दिखाया। लेकिन जब साथ बैठे अन्य दो युवकों से पहचान पत्र मांगे गए तो वे कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। संदेह होने पर पुलिस ने आईडी कार्ड की जांच की, जिसमें वह फर्जी निकला। इसके बाद सख्ती से पूछताछ करने पर तीनों युवकों ने स्वीकार किया कि वे पुलिस विभाग में कार्यरत नहीं हैं। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने फर्जी आईडी कार्ड इसलिए बनाए थे ताकि हाईवे पर टोल प्लाजा और पुलिस नाकों से बिना रोक-टोक और बिना शुल्क दिए आसानी से निकल सकें। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके कब्जे से फर्जी आईडी कार्ड और कार जब्त कर ली है। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और सरकारी कर्मचारी बनकर धोखा देने समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।