22 अप्रैल 2026. CM सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मीटिंग में बिहार के CMO (Chief Minister’s Office) की तस्वीर बदलने की पूरी पटकथा लिखी गई। 10 मई 2026. बिहार के CMO का चेहरा लगभग पूरी तरह बदल गया। एक प्रिंसिपल सेक्रेटरी दीपक कुमार को छोड़ दें तो पूर्व CM नीतीश कुमार के सभी भरोसेमंद अधिकारियों की छुट्टी 4 KG मार्ग (CMO) से कर दी गई है। सूत्रों की मानें तो बहुत जल्द दीपक कुमार की जगह दिल्ली से कोई अधिकारी पटना पहुंच सकते हैं। 10 मई को बिहार के IAS-IPS अधिकारियों की बड़ी संख्या में ट्रांसफर पोस्टिंग की गई। इस बदलाव में CM सम्राट चौधरी ने बहुत आहिस्ते से नीतीश कुमार के भरोसेमंद रहे अधिकारियों की CMO से छुट्टी कर दी है। इनकी जगह उन्होंने अपने दो भरोसेमंद अधिकारी लोकेश कुमार और संजय सिंह की एंट्री कराई है। इसके साथ ही इन्होंने लंबे समय से शंटिंग में चल रहे दो IPS अधिकारी IG विकास वैभव और ADG सुधांशु कुमार को बड़ी जिम्मेदारी दी। वहीं, नीतीश के भरोसेमंद रहे के रवि को निशांत के स्वास्थ्य विभाग और चंद्रशेखर सिंह को विजय चौधरी के जलसंसाधन विभाग का सचिव बना दिया गया है। एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में जानिए, कौन हैं लोकेश कुमार और संजय कुमार सिंह जिन पर सम्राट चौधरी ने सबसे ज्यादा भरोसा जताया है? क्यों के रवि को स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई है? मगध जोन के IG बनाए गए विकास वैभव की क्या खासियत है? सबसे पहले, CMO में एंट्री करने वाले अधिकारी को जानिए लोकेश सिंह, जमीनी समझ और फाइलों में कौमा तक पढ़ने वाले अधिकारी की पहचान 2003 बैच के बिहार कैडर के IAS अधिकारी लोकेश कुमार सिंह के पास 23 वर्षों का प्रशासनिक अनुभव है। इनकी पहचान सीधे ग्राउंड पर उतर समस्याओं का समाधान करने और किसी भी फाइल में कौमा से पूर्ण विराम तक पढ़ने वाले अधिकारी की है। सचिवालय पहुंचने से पहले इन्होंने पश्चिम चंपारण, मधुबनी, गया, सीवान, सारण और मुंगेर जैसे जिलों में जिलाधिकारी के तौर पर काम किया है। सचिवालय में हेल्थ, भूमि राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, बिहार बोर्ड और ग्रामीण विकास समेत 14 विभाग में काम कर चुके हैं। कोरोना काल में खुद को साबित किया, वित्त विभाग में काम से प्रभावित हुए सम्राट लोकेश सिंह अपनी वर्किंग स्टाइल के चलते पहले ही सरकार के चहेते अधिकारियों की लिस्ट में शामिल हो गए थे। स्वास्थ्य विभाग के सचिव के रूप में कोरोना काल के दौरान इन्होंने अपनी एक अलग छाप छोड़ी थी। बिहार के बिगड़ते हालात को संभाला था। लोकेश सम्राट चौधरी के साथ 2024 में भी काम कर चुके हैं। तब सम्राट वित्त विभाग के मंत्री और लोकेश सिंह वित्त विभाग के सचिव थे। संजय कुमार सिंह- एजुकेशन, इंफ्रास्ट्क्चर और टैक्स की मजबूत समझ सम्राट चौधरी जब से CM का पदभार संभाले हैं तब एक अधिकारी जो लगातार उनके साथ दिखाई दे रहे हैं वो संजय सिंह हैं। सम्राट के शपथ के साथ ही इनकी CMO में एंट्री तय हो गई थी। बिहार की ब्यूरोक्रेसी में संजय सिंह की पहचान एक तेज-तर्रार और काबिल अधिकारी की है। इन्हें बिहार की शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और टैक्स की बेहतर समझ है। फिलहाल ये गृह विभाग के OSD थे। नई सरकार के गठन के बाद (नवंबर 2025) से बतौर OSD लगातार सम्राट चौधरी के साथ थे। CMO में एंट्री कराकर CM ने संजय सिंह को उनके काम का इनाम दिया है। संजय सिंह 2007 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। करीब 19 साल के कार्यकाल में कमर्शियल टैक्स और गृह विभाग में काम चुके हैं। इनके पास शिक्षा विभाग में काम करने का लंबा अनुभव है। बिहार एजुकेशन प्रोजेक्ट काउंसिल में प्रोजेक्ट डायरेक्टर और बिहार स्टेट एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में मैनेजिंग डायरेक्टर रह चुके हैं। इसके साथ ही भवन निर्माण विभाग में जॉइंट सेक्रेटरी भी रहे हैं। सचिवालय आने से पहले कटिहार, किशनगंज और शेखपुरा के डीएम रह चुके हैं। अब CMO से निकलकर JDU के पावरफुल मिनिस्टर से जुड़ने वाले अधिकारियों को जानिए कुमार रवि- नीतीश के भरोसेमंद सिपहसालार अब निशांत को गाइड करेंगे 2005 बैच के IAS अधिकारी कुमार रवि नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा के हैं। इनकी गिनती काबिल और रिजलट ओरिएंटेड काम करने वाले अधिकारियों में होती है। UPSC की परीक्षा में टॉप-10 रैंकिंग वाले ये अधिकारी हमेशा नीतीश कुमार के खास रहे। गयाजी, दरभंगा और पटना जैसे बड़े जिलों में DM के रूप में सेवा दी है। नीतीश कुमार ने इन्हें पटना का कमिश्नर बनाया था। बाद में भवन निर्माण विभाग और इसके बाद CMO में ले आए। भवन निर्माण विभाग के सचिव रहते हुए रवि ने बापूर टावर, पटना समाहारणालय समेत नीतीश कुमार के कई ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा किया है। CMO में ये नीतिगत दस्तावेजों, अध्यादेशों और बड़ी योजनाओं की समीक्षा और समन्वय का काम करते थे। कुमार रवि उन गिने-चुने अधिकारियों में शामिल हैं, जिन पर नीतीश कुमार आंख मूंदकर भरोसा करते हैं। ऐसे में जब निशांत पॉलिटिक्स का ककहरा सीख रहे हैं तब नीतीश कुमार ने इन्हें उनके साथ जुड़वाकर साफ मैसेज दिया है कि निशांत सीधे नीतीश कुमार के गाइडेंस में विभाग की फंक्शनिंग को समझेंगे और एक्शन लेंगे। चंद्रशेखर सिंह- नीतीश के भरोसेमंद, श्रवण और विजय चौधरी के विभाग के सचिव बने नीतीश कुमार के भरोसेमंद रहे एक और IAS को जदयू के दो कद्दावर मंत्री के विभाग से जोड़ा गया है। चंद्रशेखर सिंह को श्रवण कुमार के सूचना जन संपर्क विभाग और विजय चौधरी के जल संसाधन विभाग का सचिव बनाया गया है। 2010 बैच के IAS अधिकारी चंद्रशेखर सिंह को भी नीतीश कुमार का भरोसेमंद माना जाता है। यही कारण है कि ये पहले लंबे समय तक पटना के डीएम रहेइ। उस दौरान उन्होंने BPSC अभ्यर्थियों को थप्पड़ जड़ दिया था। इसके बाद पटना के कमिश्नर बने और यहां से सीधे इनकी एंट्री सीएम हाउस में हो गई। चंद्रशेखर सिंह पर नीतीश कितना भरोसा जताते हैं। इसे दो एग्जामपल से समझिए। साल 2024 का समय था। सीनियर IAS केके पाठक शिक्षा विभाग के सचिव थे। स्कूल की छुट्टियों को लेकर पाठक सख्त हो रहे थे। केके पाठक के आदेश के खिलाफ जाकर चंद्रशेखर सिंह ने केके पाठक के आदेश को पटना जिला में बदल दिया था। इसी तरह 2024 में BPSC की परीक्षा के दौरान पटना के बापू परीक्षा केंद्र में पेपर लीक होने की बात सामने आई। परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर कैंडिडेट प्रदर्शन कर रहे थे। तब वहां प्रदर्शन कर रहे एक कैंडिडेट को तब पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह ने थप्पड़ मार दिया था। देश भर में ये मामला उठा लेकिन इनकी कुर्सी पर कोई खतरा नहीं आया। विकास वैभव- 6 साल बाद ग्राउंड पर लौटे सुपरकॉर्प केवल IAS ही नहीं, सम्राट सरकार ने IPS लॉबी में भी बड़ा उलटफेर किया है। वर्षों से शंटिंग में चल रहे दो सीनियर IPS अधिकारी को फिर से बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। गया ब्लास्ट और पटना के गांधी मैदान में मोदी की रैली के दौरान हुए धमाके का उद्भेदन किया था। गया में नक्सलियों के साथ दो-दो हाथ करने वाले और पुलिसिंग में बड़ा सुधार करने वाले विकास वैभव को मगध रेंज का IG बनाया गया है। वहीं, अब तक पुलिस क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो में रहने वाले सुधांशु कुमार को बिहार की पुलिस का नंबर-2 ADG लॉ एंड ऑर्डर बनाया गया है। महिला सीनियर अधिकारी पर लगाया था गाली देने का आरोप मामला 2023 का है। IG विकास वैभव होम गार्ड एंड फायर शेफ्टी में तैनात थे। यहां इनकी सीनियर शोभा अहोटकर थीं। फरवरी 2023 की एक सुबह अचानक सोशल मीडिया पर एक के बाद एक पोस्ट कर शोभा अहोटकर पर गंभीर आरोप लगाए थे। आईजी विकास वैभव ने ट्वीट कर आरोप लगाया, ‘डीजी शोभा अहोटकर द्वारा उन्हें प्रतिदिन अनावश्यक रूप से गालियां दी जा रही हैं। उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। एक ईमानदार अधिकारी के रूप में काम करने के बावजूद उन्हें इस तरह के माहौल का सामना करना पड़ रहा है।’ हालांकि बाद में उन्होंने अपने पोस्ट को डिलीट कर दिया था।