‘मेरा लड़का नाबालिग है। घर का सारा काम करता था। उसपर कोई केस नहीं है। पता कर लीजिए। उसे दोस्त ने मोबाइल से बात कर फंसा दिया। मेरे बेटे को छोड़ दिया जाए।’ नीलम देवी रोते-रोते बड़ी मुश्किल से इतना कह पाती हैं। आंखों से लगातार बह रहे आंसू पोंछते हुए कहती हैं, ‘वह मुंबई में काम करता था। बीमार पड़ा तो मैंने उसे घर बुला लिया था। मेरे पति को मीडिया से पता चला कि उसे पुलिस उठाकर ले गई है।’ नीलम देवी विक्की मौर्य की मां हैं। विक्की पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में से एक है। बंगाल STF ने चंद्रनाथ हत्याकांड में बिहार के बक्सर से दो युवकों (विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा) को गिरफ्तार किया है। ये दोनों युवक कौन हैं? क्या करते हैं? परिवार के लोगों का क्या कहना है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम दोनों के घर पहुंची। पढ़िए पूरी रिपोर्ट 2 हजार रुपए लेकर बेटा मुंबई कमाने गया था विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा दोस्त हैं। दोनों के घर बक्सर स्टेशन से ठीक पीछे पीसी कॉलेज और उसके आसपास हैं। भास्कर रिपोर्टर सबसे पहले विक्की मौर्य के घर पहुंचे। विक्की के पिता गौतम दवा की दुकान चलाते हैं। हमने उनसे विक्की की गिरफ्तारी को लेकर बात की। उनसे पूछा आपको कैसे पता चला कि आपके बेटे को बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसपर गौतम ने कहा, ‘मेरा बेटा घर से 2000 रुपए लेकर निकला था। कहा था कि मुंबई कमाने जा रहा हूं। वहां पहुंचकर जिस कंपनी में काम करूंगा, उसका लोकेशन भेज दूंगा। वह अपने दोस्त के साथ गया था। मीडिया से पता चला कि उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है।’ उन्होंने बताया, ‘मेरे बेटे की उम्र 19-20 साल है। उसने मैट्रिक तक पढ़ाई की है। पहले भी कमाने के लिए बाहर गया था। बताया था कि मुंबई-अहमदाबाद के बीच बन रहे बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से जुड़ी एक कंपनी के स्टोर में डाटा इंट्री ऑपरेटर का काम करता हूं।’ आपको पुलिस ने हिरासत में रखा, क्या पूछा? इस सवाल पर गौतम ने कहा, ‘DSP साहब आए थे। मुझे और मेरे मेंटली डिस्टर्ब बेटे को साथ ले गए। कहा था कि एक घंटा के लिए चलिए। हम दोनों को 30 घंटे बैठाए रखा। बस एक ही सवाल की विक्की कहां है? पुलिस ने हमारे सभी मोबाइल फोन ने जब्त कर लिए थे।’ ‘मैंने पुलिस से कहा कि कैसे बताऊं कि विक्की कहा हैं। मोबाइल फोन तो आपके पास है। फोन दीजिएगा तभी न कॉल कर पूछ सकता हूं।’ मेरा बेटा 7 मई को घर से निकला था गौतम ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि बंगाल के सीएम के पीए की हत्या कब हुई। मुझे तो मीडिया से पता चला कि मेरे बेटे को इस मामले में पकड़ा गया है। मेरा बेटा 6 मई को घर पर था। 7 मई की दोपहर मुंबई जाने की बात कहकर निकला था।’ हिरासत के दौरान क्या पुलिस ने मारपीट की? इस सवाल के जवाब में गौतम ने कहा, ‘नहीं, पुलिस ने मारपीट नहीं की। पुलिस पर कोई आरोप नहीं है। डॉक्टर की पर्ची दिखाने पर भी उसे दवाई नहीं खाने दिया। अगर उसकी दिमागी हालत और खराब हो जाएगी तो कोई जवाब देगा?’ उन्होंने कहा, ‘आज तीन दिन हो गए। मेरे घर के सभी मोबाइल फोन पुलिस के पास हैं। मैं EMI नहीं भर पा रहा हूं। पैसे का नुकसान हो रहा है। मेरा बेटा दोषी नहीं है। आज तक उसके खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं है। मयंक मिश्रा उसका दोस्त है। वह उसे अपने साथ ले जाता था।’ विक्की मौर्या के माता-पिता से बात करने के बाद हम मयंक मिश्रा के घर पहुंचे। दोनों के घरों के बीच की दूरी करीब 100 मीटर है। घर पर हमें मयंक के दादा राज दयाल मिश्रा मिले। उन्होंने बताया कि मेरा बेटा जितेंद्र मिश्रा अपने परिवार के साथ रांची में रहता है। वहीं पर ठेकेदारी का काम करता है। मयंक यहां आता था? इस सवाल पर राज दयाल ने कहा, ‘मयंक बक्सर बहुत कम आता था। 10 दिन पहले यहां आया था, फिर चला गया। दो दिन पहले पुलिस हमारे यहां छापेमारी करने आई थी। घर में छानबीन कर चली गई था। आज मीडिया के माध्यम से पता चला कि बंगाल की किसी घटना में उसे गिरफ्तार किया गया है।’ मयंक पर पहले से कोई केस दर्ज था? इस सवाल पर राज दयाल ने कहा, ‘एक साल पहले बक्सर महराजा पेट्रोल पंप के पास मारपीट के मामले में वह जेल गया था। हम लोग उससे ज्यादा मतलब नहीं रखते हैं। हमलोगों को पता है कि मयंक रांची में कंप्यूटर सीखकर कुछ काम करता है।’ अब जानिए सुवेंदु अधिकारी के PA की हत्या के मामले में कैसे पकड़े गए बिहार के दो युवक सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट की हत्या के मामले में बंगाल STF ने बक्सर से दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी को अयोध्या से पकड़ा गया है। सोमवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों को नॉर्थ 24 परगना के बारासात कोर्ट में पेश किया। अदालत ने उन्हें 13 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के सिलसिले में बंगाल STF की टीम ने रविवार रात बक्सर के तीन थाना क्षेत्रों में छापेमारी की। इस दौरान मयंक मिश्रा और विक्की मौर्य गिरफ्तार कर पश्चिम बंगाल ले गई। जांच में सामने आया कि आरोपियों तक पहुंचने में टोल प्लाजा पर किया गया एक UPI पेमेंट और CCTV फुटेज सबसे बड़ा सुराग बना। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंची। बंगाल चुनाव नतीजों के दो दिन बाद, 6 मई को नॉर्थ 24 परगना के मध्यमग्राम में 42 साल के चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावर ने उनकी कार रोककर कई राउंड फायरिंग की, जिसमें उन्हें सीने और पेट में तीन गोलियां लगीं।