“पहले आपके पति का मर्डर करूंगा फिर मोतिहारी में ATM उठाएंगे। हम लोगों के पास 30 से 40 लाख रुपए आ जाएंगे। गैंग में पैसों का बंटवारा करने बाद हम नेपाल निकल जाएंगे। कुछ दिन नेपाल में ही रहेंगे। जब माहौल शांत हो जाएगा तब भारत आएंगे। इसके बाद अगले टारगेट पर काम करेंगे। हम ब्लैक कलर की स्कॉर्पियो डी गाड़ी का इस्तेमाल करेंगे। पुलिस पकड़ती है तो गाड़ी छोड़कर भाग जाएंगे..।” डॉक्टर बनकर पति की कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की डील करने वाली महिला रिपोर्टर से ये प्लान शूटर रुदल ने शेयर किया था। इस डील के 5 दिन बाद ही मोतिहारी में वैसा ही हुआ जैसा शूटर का प्लान था। रघुनाथपुर के भवानीपुर चौक से SBI के ATM को काटकर बदमाशों ने 4 मिनट में 36.37 लाख रुपए उड़ाए। इस घटना में बिना नंबर की ब्लैक कलर की स्कार्पियो इस्तेमाल हुई थी, जिसके बारे में शूटर ने महिला रिपोर्टर को बताया था। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में पढ़िए और देखिए शूटर ने डील के दौरान क्या प्लान शेयर किया और कैसे ठीक वैसे ही वारदात को अंजाम दिया गया… मर्डर डील में शूटर ने रिपोर्टर को बताया अपना प्लान भास्कर की महिला रिपोर्टर ने डॉक्टर बनकर शूटर्स से पति और बॉयफ्रेंड के साथ सौतन के मर्डर की डील की। डील के दौरान ही पूर्वी और पश्चिमी चंपारण एरिया में एक्टिव 5 शूटर्स वाले गैंग के लीडर रुदल ने बातों-बातों में रिपोर्टर से अपने दूसरे प्लान भी शेयर किए। रिपोर्टर- आपके साथ कितने लोग काम करते हैं?
रुदल – मेरे साथ अभी 5 लोग काम करते हैं। रिपोर्टर – अच्छा, आप पांच लोग हैं?
रुदल – हां, हमारी गैंग पांच लोगों की है, बेतिया में कोई भी काम होगा, सब हो जाएगा। रिपोर्टर – अच्छा, इतना पावर है आप लोगों का।
रुदल – बस पैसे फेंकिए, सब काम हो जाएगा। रिपोर्टर – कौन-कौन सा काम करते हैं आप?
रुदल – सब कुछ गांजा, हेरोइन, स्मैक, कोकिन, सब होगा। ATM उठाने से लेकर हर बड़ा काम होगा। रिपोर्टर – अच्छा, आप लोग तो मास्टरमाइंड हैं।
रुदल – ATM के लिए बहुत टारगेट आते हैं। नेपाल तक हम लोग काम करते हैं। रिपोर्टर – ATM उठाने में आप लोग एक्सपर्ट हैं क्या?
रुदल – हां, इसलिए तो हम लोगों को टारगेट मिलता है, भारत से लेकर नेपाल तक काम करते हैं। रिपोर्टर – किस तरह के ATM उठाते हैं?
रुदल – हमारी गैंग बहुत जगह से जुड़ी है, जो भी काम मिल जाए उठा लेते हैं। रिपोर्टर – ATM के लिए भी हथियार लेकर जाते हैं क्या?
रुदल – हमारे पास बहुत सामान होते हैं, ATM के लिए ही उसका इस्तेमाल होता है। रिपोर्टर – आप ATM वाले केस में जेल चले गए तो हमारा काम कैसे होगा?
रुदल – हमारी बात छोड़ दीजिए, हम लोग गाड़ी की धूल की तरह उड़ते हैं, कोई पकड़ नहीं पाएगा। रिपोर्टर – पुलिस कभी पकड़ नहीं पाती है क्या?
रुदल – मोबाइल पुलिस को नहीं मिलता, मैं 12 सिम रखता हूं। पुलिस को भनक तक नहीं लगती। रिपोर्टर – ATM उठाते समय देखिएगा पकड़े गए तो मेरा काम कैसे होगा?
रुदल – आप लोग नया-नया काम करा रहे हैं ना, हम लोग कितने काम कर चुके हैं। रिपोर्टर – मेरे पास तो अभी मोतिहारी से भी ATM उठाने का काम आया है, पहले आपके पति का मर्डर करूंगा फिर ATM उठाऊंगा। ATM की लूट पर रिपोर्टर ने उगलवाए राज शूटर ने जैसे ही ATM लूट का प्लान बताया रिपोर्टर ज्यादा से ज्यादा इनपुट निकालने में जुट गई। बातचीत में रिपोर्टर ने यह जानकारी निकालने की कोशिश कि ATM लूट या चोरी की घटना होती कैसे है? क्या इसमें कोई बाहर की भी गैंग शामिल है। रिपोर्टर – किस ATM की लूट करनी है, ये कैसे तय करते हैं?
रुदल – देखते हैं, कहां का ATM अनसेफ है, जहां रात में लोग कम आते-जाते हों। पैसे जहां ज्यादा रहते हैं। रिपोर्टर – और क्या करते हैं आप लोग लूट के पहले?
रुदल – पहले कई दिनों तक रेकी की जाती है, कौन से ATM पर गार्ड नहीं रहता है। रिपोर्टर – लूट में कितने लोग शामिल रहते हैं?
रुदल – अकेले का काम नहीं है, अलग-अलग लोग काम देखते हैं। कोई बाहर सड़क पर नजर रखता है, कोई आसपास की हलचल देखता है। रिपोर्टर – अच्छा, पूरी टीम है आपकी?
रुदल – पैसे तक पता कर लिए जाते हैं, कब कितने पैसे ATM में रहेंगे। रिपोर्टर – आप लोगों का चेहरा पहचान में नहीं आता है क्या?
रुदल – नहीं, हम लोग चेहरा ढंककर ही निकलते हैं। कैमरे हर जगह लगे हैं, लेकिन कई बार कैमरे में तस्वीर आ ही जाती है। चेहरा ढंका रहता है तो पहचानना मुश्किल होता है। रिपोर्टर – आप लोगों को डर नहीं लगता है?
रुदल – लगता है, पुलिस की अचानक पेट्रोलिंग और आसपास के लोगों के जाग जाने का डर रहता है। कई बार छोटी सी आवाज भी पूरा मामला बिगाड़ देती है। ATM लूट के लिए पहले तय करते हैं समय रिपोर्टर ने सवाल किया कि घटना का समय क्या होता है? पुलिस से कैसे निपटते हैं? अगर कहीं से कोई भनक लग जाए तो क्या करते हैं। इस पर रुदल बोला- शहरों में निगरानी ज्यादा है, वहां खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए हम शहर के ATM को कम टारगेट करते हैं। हम लोग अधिकतर घटनाएं देर रात या सुबह के समय करते हैं, जब लोगों की आवाजाही कम रहती है। ऐसी ATM मशीन तोड़कर कैश निकाल लेते हैं। हम लोग गैस कटर, लोहे के औजार और गाड़ी की मदद से मशीन को उखाड़ते हैं या तोड़ देते हैं। इस दौरान CCTV और अलार्म को हम पहले से बंद कर देते हैं। हमारी टीम में ऐसे लड़के होते हैं जो टेक्निकली काफी एक्सपर्ट होते हैं। सुरक्षा को लेकर ATM में जो भी सिस्टम लगाया जाता है, वह पहले से ब्रेक कर नेटवर्क से डिस्कनेक्ट कर देते हैं। रुदल बोला- टेक्निकल एक्सपर्ट टीम के सदस्य सबसे पहले कैमरे पर ब्लैक स्प्रे डाल देते हैं। कितना भी महंगा कैमरा हो, वह काम करना बंद कर देता है। ATM का काम करने जब भी जाते हैं तो हमारे साथ 5 से 6 लोगों की टीम होती है। कम से कम दो गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं। काम के बाद हम लोग मोबाइल फेंक देते हैं। इस दौरान हम लोगों के पास हथियार भी होते हैं। अगर कोई परेशानी नहीं हुई तो हम फायरिंग नहीं करते हैं। अगर कोई रोकने-टोकने आता है तो गोली भी मार देते हैं। एक साथ दो से तीन टारगेट रखते हैं रिपोर्टर ने सवाल किया कि एक साथ आप लोग कितनी घटनाओं को टारगेट करते हैं। एक साथ सब टारगेट करते हैं, फंस गए तो क्या होगा? सबका प्लान फेल हो जाएगा। इस पर शूटर रुदल बोला- मेरी गैंग किसी एक घटना के बाद रुकती नहीं है, बल्कि हम कम समय में कई टारगेट को पूरा कर लेते हैं। जब कोई बड़ा काम करना होता है तो उसके पहले एक साथ कई प्लान तैयार कर लेते हैं। वारदात के बाद नेपाल भाग जाते हैं रुदल ने बताया, लगातार घटनाएं होने से पुलिस भी कंफ्यूजन में पड़ जाती है। इसके बाद गैंग को भागने का समय मिल जाता है। हम लोग वारदात को अंजाम देने के बाद नेपाल निकल जाते हैं। वहां हमारे रहने और छिपने की पहले से व्यवस्था रहती है। गैंग के सदस्य तब तक वहां रहते हैं, जब तक पुलिस शांत नहीं हो जाती है। जब मामला पूरी तरह शांत हो जाता, तब वापस भारत आ जाते हैं। अगर किसी घटना में नाम आ जाता है तो इतने पैसों की पहले से व्यवस्था कर लेते हैं कि केस लड़कर बाहर आने में कोई समस्या ना हो। अगर पुलिस गैंग के किसी सदस्य को पकड़ भी लेती है, तो पैसों के दम पर जल्दी जमानत हो जाती है। रुदल ने बताया, काम करने से पहले ही सब तैयारी रहती है। पैसे भी रहते हैं और भागने का रास्ता भी तय रहता है। बातचीत के दौरान रुदल ने रिपोर्टर को भरोसा दिलाते हुए कहा, आप चिंता मत करिए, आपके मामले में भी ऐसा ही होगा। काम होने के बाद हम लोग सीधे नेपाल चले जाएंगे। कुछ दिन बाद मामला ठंडा पड़ जाएगा, फिर कोई कुछ नहीं कर पाएगा। किसी पर शक भी नहीं जाएगा और कोई फंसेगा भी नहीं। शूटर ने जैसा बताया, ठीक वैसा ही हुआ डील करने वाली रिपोर्टर से शूटर रुदल ने बताया कि उसके पास चोरी की ब्लैक स्कॉर्पियो गाड़ी है। वह पूरी गैंग के साथ उसी से चलता है। पुलिस की चेकिंग हुई तो शूटर गाड़ी छोड़कर भाग जाएंगे। इसके बाद पुलिस गाड़ी की कितनी भी जांच करे, कोई सुराग ही नहीं मिलेगा। शूटर रुदल ने बताया कि मोतिहारी में ATM उठाने का टारगेट मिला है। शूटर के मुताबिक टारगेट मिला है, इसका मतलब कोई बड़ी या बाहर की गैंग है जो रुदल को टास्क देती है। रुदल ने पूरा प्लान बताया कि ATM को उठा लिया जाएगा। इसके बाद ज्यादा पैसा आ जाएगा। इस पैसे से ही रुदल और उसके शूटर अपना केस लड़गे। मामला ठंडा होने के बाद दूसरा टास्क मिलते ही अगला काम करेंगे। अब जानिए 4 मिनट में ATM काटकर कैसे 36.37 लाख उड़ाए 28 अप्रैल की रात मोतिहारी के रघुनाथपुर में SBI के ATM से 36.37 लाख उड़ाए गए। वारदात ATM के CCTV में कैद हुई है। पुलिस की जांच में भी सामने आया है कि घटना में 4 से 5 बदमाश शामिल थे। बदमाशों के पास दो गाड़ियां थीं, एक स्विफ्ट डिजायर और दूसरी ब्लैक कलर की बिना नंबर वाली स्कॉर्पियो। ATM चोरी करने के CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि महज 4 मिनट के अंदर अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया है। चार बदमाशों ने बेहद सुनियोजित तरीके से ATM से 36.37 लाख उड़ा लिए। घटना को अंजाम देने से पहले बदमाशों से ATM के बाहर लगे CCTV पर ब्लैक स्प्रे किया ताकि उनकी पहचान नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने बेहद तेजी से ATM मशीन को काटना शुरू कर दिया। करीब 4 मिनट के अंदर ही उन्होंने मशीन को काटकर उसमें रखा पूरा कैश निकाल लिया। रात 2 बजकर 12 मिनट पर हुई इस घटना में बदमाशों की उम्र भी वही दिख रही है जैसे रुदल के भेजे फोटो में दिख रहा है। पूरी घटना और रुदल का बताया प्लान दोनों में बहुत कुछ एक जैसा है। रुदल ने रिपोर्टर को बताया था कि पूर्वी और पश्चिमी चंपारण एरिया में वह कोई भी काम कर सकता है। अपने नेटवर्क की ताकत बताते हुए रुदल ने यह भी दावा किया कि दोनों जिलों के साथ पूरे बिहार में कहीं कोई भी काम होगा तो उसकी गैंग कर देती है। भास्कर के इनपुट पर पुलिस की रडार पर रुदल गैंग शूटर ने जब मोतिहारी में ATM उठाने का प्लान बताया तो रिपोर्टर को भी यकीन नहीं हुआ, लेकिन डील के 5 दिन बाद 28 अप्रैल की रात जब मोतिहारी के रघुनाथपुर में घटना हुई तो लगा शूटर रुदल ने ही घटना को अंजाम दिया है। इसके बाद भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम शूटर से डील की फुटेज और बाकी डिटेल के साथ मोतिहारी SP स्वर्ण प्रभात से मिली। भास्कर के इनपुट पर अब मोतिहारी पुलिस भी ATM लूट की घटना के खुलासे के करीब पहुंच गई है। रुदल के साथ गैंग के 5 शूटर्स पुलिस की रडार पर हैं। रुदल का 3 राज्यों तक कनेक्शन है शूटर रुदल का बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। बिहार ही नहीं यूपी, झारखंड और बंगाल तक उसका कनेक्शन है। वो हथियार सप्लाई से लेकर सुपारी किलिंग की पूरा गैंग चलाता है। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में पता चला है कि रुदल की यूपी के बड़े अपराधियों से सेटिंग है। वह यूपी के अपराधियों को क्राइम के लिए बिहार बुलाता है, जब यूपी से डिमांड आती है तो गैंग के साथ यूपी में घटना करने जाता है। ————- ऑपरेशन कॉन्टैक्ट किलर पार्ट- 1 पर पढ़िए महिला रिपोर्टर की शूटर्स से मर्डर की डील:कहा- पति को मरवाना है, बड़ा नेता है, बोला- हत्या लाइव दिखाऊंगा; पिस्टल हाथ में रख दी ‘आप वीडियो कॉल पर रहना, लाइव मर्डर दिखाएंगे। मर्डर का पूरा वीडियो आपको बाद में भेज देंगे। आपको जब कान में पति की आखिरी चीख सुनाई दे तभी बाकी पैसे UPI करना। माहौल शांत हो जाएगा तो आपके घर को तोड़ने वाली लड़की को भी टपका देंगे। पति की लोकेशन आपको देनी पड़ेगी। बॉडीगार्ड साथ में रहा तो उसको भी गोली मार देंगे। हमारे पास 5 शूटर्स की टीम है। सुपारी ले ली तो यमराज भी नहीं बचा पाएंगे। अब तक कई को मौत के घाट उतार चुका हूं..।’ ये डील 5 शूटर्स की गैंग चलाने वाला कॉन्ट्रैक्ट किलर कर रहा है। महिला रिपोर्टर के हाथ में पिस्टल रखकर शूटर ने दावा किया कि इसी से मारूंगा। उसने रिपोर्टर से कहा, एक साथ 9 गोली मारेंगे।। 9 से ज्यादा गोली लगी तो रेट 5 लाख से ऊपर हो सकता है। पूरी खबर पढ़िए