कनाडा पुलिस भर्ती परीक्षा में सिख को नहीं बैठने दिया:कृपाण उतारने को कहा, युवक बोला- नहीं उतारूंगा; एग्जाम हॉल से निकाला

कनाडा के विन्नपेग शहर में सिख युवक को पुलिस भर्ती परीक्षा में बैठने से रोका गया। एग्जामिनर ने उसे कृपाण उतारकर एग्जामिनेशन सेंटर में आने को कहा तो युवक ने कृपाण उतारने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसे एग्जामिनेशन हॉल में एंट्री नहीं दी गई और वह बिना भर्ती परीक्षा दिए लौट गया। पंजाबी युवक जसपाल सिंह गिल का कहना है कि कृपाण उसकी आस्था का प्रतीक है। जसपाल का कहना है कि पुलिस अधिकारियों ने उसे परीक्षा हॉल में प्रवेश देने के बदले कृपाण उतारने की शर्त रखी थी, जिसे मानने से उसने इनकार कर दिया। अब वह इस मामले की शिकायत कनाडा के मानवाधिकार आयोग में करेगा। यह घटना कुछ दिन पहले की है, लेकिन जसपाल सिंह अब कनाडा में मीडिया के सामने आया है। वहीं, विन्नपेग पुलिस ने भी इस संबंध में अपनी सफाई जारी कर दी है। दादा और पिता भी थे पुलिस अफसर जसपाल सिंह गिल का परिवार पीढ़ियों से खाकी वर्दी के जरिए समाज की सेवा करता आया है। जसपाल ने बताया कि उसके दादा और पिता भारत में पुलिस अधिकारी थे। उन्हीं को अपना आदर्श मानकर जसपाल ने भी पुलिस सेवा में जाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। 2021 में भारत से कनाडा (न्यू ब्रंसविक) आया जसपाल 2024 में वहां का स्थायी निवासी (PR) बना। पिछले साल नौकरी के लिए विन्निपेग शिफ्ट हुआ था। जसपाल ने परीक्षा केंद्र पर घटी घटना बताई… पुलिस का पक्ष- सुरक्षा सर्वोपरि, हमने दिया था विकल्प इस विवाद पर विन्निपेग पुलिस सर्विस (WPS) के प्रवक्ता ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि परीक्षा मुख्यालय के एक सुरक्षित क्षेत्र में आयोजित की गई थी। उस क्षेत्र की सुरक्षा के लिए वहां मौजूद उम्मीदवारों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है। प्रवक्ता ने दावा किया कि जसपाल सिंह को विकल्प दिया गया था कि वह परीक्षा की अवधि तक अपनी कृपाण को एक सुरक्षित लॉकर या स्टोरेज में रख सकते हैं। पुलिस का कहना है कि उम्मीदवार ने इस तालमेल को स्वीकार करने से मना कर दिया और खुद ही परीक्षा न देने का फैसला लिया। प्रवक्ता ने आगे कहा कि पूर्व में कई सिख उम्मीदवारों ने इस सुरक्षा प्रक्रिया को अपनाते हुए परीक्षा पूरी की है। हम सुरक्षा और धार्मिक मान्यताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते हैं। नीतिशास्त्र विशेषज्ञ बोले- कृपाण उतरवाना गलत इस मामले में यूनिवर्सिटी ऑफ मैनिटोबा के नीतिशास्त्र विशेषज्ञ नील मैकआर्थर ने जसपाल का समर्थन करते हुए कहा कि जब पुलिस (RCMP) खुद अपने अधिकारियों को ड्यूटी के दौरान कृपाण पहनने की अनुमति देती है, तो परीक्षा के दौरान इसे उतरवाना तर्कहीन लगता है। ॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… कनाडा में पंजाबी युवक की गोलियां मारकर हत्या:ऑफिस में घुसकर फायरिंग की, मौके पर ही दम तोड़ा; गैंगस्टर गोदारा ने जिम्मेदारी ली कनाडा में ऑफिस में काम कर रहे पंजाबी युवक की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। हमलावर सरे के 76 एवेन्यू बिल्डिंग की दूसरी मंजिल में घुसे और लॉबी से निकल रहे युवक पर फायरिंग कर दी। फायरिंग के कारण आसपास बैठे लोग घबरा गए और उन्होंने तुरंत पुलिस को फोन किया। पढ़ें पूरी खबर…

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