नालंदा के सकरावां गांव में मंगलवार को नींबू लेने के विवाद में 12 साल के बच्चे की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद तत्काल घटना की सूचना स्थानीय अस्थावां थाना की पुलिस को दी गई। जब तक पुलिस गांव में पहुंचती, मृतक के परिजन लाश को लेकर आरोपी के घर की ओर जाने लगे। आरोपी के घर पहुंचने से पहले पुलिस गांव में पहुंची और आक्रोशित परिजन और गांव के लोगों को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान आक्रोशितों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए लाठियां चटकाई। हालात को देखते हुए सकरावां गांव में 12 थानों की पुलिस को बुलाना पड़ा। फिलहाल, हालात काबू में हैं। मृत बच्चे की लाश और उसके परिजन समेत गांव के कुछ अन्य लोगों को पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में रखा है। सदर डीएसपी नुरुल हक मौके पर कैंप कर रहे हैं। घटना से जुड़ी तीन तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला मृत बच्चे की पहचान राजकुमार पासवान के बेटे शुभम कुमार उर्फ झगड़ू के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना से ठीक पहले झगड़ू गांव के अन्य बच्चों के साथ कंचा खेल रहा था। पास में ही नींबू का एक पेड़ था। तेज हवा चलने से पेड़ से एक नींबू गिरा, जिसे बच्चे ने उठा लिया। इससे नाराज नींबू के पेड़ के मालिक गोरख मियां ने बच्चे पर लाठियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आरोपी की ओर से किए गए हमले में बच्चा लहूलुहान हो गया। उसके सिर से खून बहने लगा। जानकारी के बाद बच्चे के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और उसे लेकर बिहारशरीफ अस्पताल के लिए निकले, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले बच्चे ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत की खबर के बाद गांव के लोग उसकी लाश लेकर वापस आए और आरोपी के घर जाने की कोशिश करने लगे। गांव की महिला बोली- जब तक बदला नहीं लेते, शांत नहीं रहेंगे राबड़ी देवी ने बताया कि गिरे हुए नींबू के उठाने को लेकर बच्चे की हत्या कर दी गई। अगर आरोपी को शिकायत थी तो उसका पैसा ले लेता, लेकिन बच्चे की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। बच्चे के अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। राबड़ी देवी ने बताया कि पुलिस ने हम लोगों की पिटाई की। गांव की महिलाओं पर लाठियां बरसाई है। महिला ने बताया कि जब तक बच्चे की हत्या का बदला नहीं ले लिया जाता, तब तक हम लोग शांत नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि आरोपी गोरख मियां ने बच्चे की इस तरह से पिटाई की कि उसका सिर फट गया था, लगातार खून निकल रहा था। पुलिस की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंची, लाठीचार्ज कर दिया ग्रामीण गौरव ने बताया कि दोपहर के समय जब सब सो रहे थे, तभी शुभम कुमार उर्फ झगड़ू पास में घर के पास नींबू खाने गया था। वहां उस पर हमला किया गया। मेरे छोटे भाई ने भागकर घर पर जानकारी दी कि शुभम की गोरख मियां पिटाई कर रहा है। जब चाची और अन्य परिजन उसे लेकर अस्पताल के लिए निकले, तो मसीदपुर पार करते ही रास्ते में बच्चे ने दम तोड़ दिया। घटना के समय घर के पुरुष सदस्य मौजूद नहीं थे। बाद में करीब 10 पुलिस की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घर का दरवाजा खोलने के लिए दबाव बनाया और इस दौरान अचानक लाठीचार्ज कर दिया, जिससे मेरी भाभी के हाथ में चोट आई है। वहीं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नालंदा जिलाध्यक्ष सत्येंद्र पासवान मुकुल ने इस मामले में शामिल आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक बच्चे का क्या दोष था? उसे जानबूझकर निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा मिले। दोषियों की गिरफ्तारी में देरी हुई या मामले को दबाने की कोशिश की गई, तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी। अब तक 12 लोग गिरफ्तार वहीं नालंदा एसपी भारत सोनी ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल 12 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस मौके पर कैम्प कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। घटनास्थल पर मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। FSL की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है। जिला इंटेलिजेंस की टीमें आसपास के इलाकों में सर्वे कर रही हैं ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या दोबारा हिंसा को रोका जा सके। मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि विवाद की शुरुआत महज नींबू तोड़ने को लेकर हुई थी। घटना के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो उन्हें स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया।