रिलेशनशिप एडवाइज- गर्लफ्रेंड कभी प्यार जताए, कभी गायब हो जाए:कभी बहुत बातें तो कभी मैसेज का जवाब भी नहीं, क्या ये नॉर्मल है

सवाल- मेरी उम्र 28 साल है। मैं पिछले कुछ महीनों से एक लड़की को डेट कर रहा हूं। उसका व्यवहार बहुत अजीब है। कभी तो वो खूब बातें करती है, ढेरों प्लान बनाती है, फोन करती है, मिलती है, हम साथ घूमते हैं। कभी अचानक कई-कई दिनों के लिए गायब हो जाती है। फोन नहीं उठाती, मैसेज का जवाब नहीं देती। क्या ये बिहेवियर नॉर्मल है? क्या वो इस रिलेशनशिप को लेकर सीरियस है? मैं इस बिहेवियर को कैसे समझूं, क्या करूं? एक्सपर्ट- डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा जवाब- सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। रिलेशनशिप की शुरुआत में उतार-चढ़ाव आना सामान्य है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति का व्यवहार लगातार ऐसा ही बना हुआ है तो इसे मनोविज्ञान में ‘हॉट-एंड-कोल्ड बिहेवियर’ कहा जाता है। हालांकि, आपने अपने सवाल में ये नहीं स्पष्ट किया है कि- हम इन संभावनाओं के बारे में इसलिए पूछ रहे हैं, क्योंकि आपके सवाल से ये क्लियर नहीं है कि आपको लेकर डेटिंग पार्टनर का नजरिया क्या है? हालांकि, अगर दोनों ओर से प्यार-मोहब्बत का एहसास नहीं भी है, इसके बावजूद किसी रिश्ते में ऐसी कंडीशन हेल्दी नहीं है। प्यार कोई ‘लुका-छिपी’ का खेल नहीं किसी भी रिलेशनशिप में स्थिरता नींव की तरह होती है। इसी के आधार पर रिश्ते का भविष्य तय होता है। यह कोई ‘लुका-छिपी’ का खेल नहीं है कि कुछ दिन साथ में हैं और कुछ दिनों के लिए अचानक गायब हो गए। इस तरह की कंडीशंस रिलेशनशिप को टॉक्सिक बना सकती हैं। ग्राफिक में देखिए, टॉक्सिक रिलेशनशिप के संकेत- पार्टनर ऐसा कब बिहेव करता है? आमतौर पर पार्टनर ऐसा व्यवहार तब करता है, जब वह रिलेशनशिप को लेकर अनिश्चितता में होता है। मुमकिन है कि वह आपको पसंद तो करती हो, लेकिन भविष्य को लेकर श्योर न हो। आपने बताया कि आप अभी डेटिंग फेज में हैं। इसका मतलब है कि रिश्ते को लेकर कमिटमेंट नहीं है। ऐसी स्थिति में संभव है कि वह आपके अलावा अन्य विकल्प भी एक्सप्लोर कर रही हो। इसे अवॉइडेंट बिहेवियर कहते हैं। इसके सभी कारण ग्राफिक में देखिए- लड़की का नजरिया भी समझें जरूरी नहीं है कि लड़की जानबूझकर आपका दिल दुखा रही हो। कुछ लोग रिश्तों में ज्यादा करीब आने से घबराते हैं। जब भावनाएं बहुत तीव्र हो जाती हैं, तो वे थोड़ी दूरी बनाने लगते हैं। कभी-कभी पुराने रिश्तों के बुरे अनुभव, जिम्मेदारी से डर या जिंदगी की दूसरी परेशानियां भी वजह हो सकती हैं। इसलिए कोई फैसला लेने से पहले खुलकर बात करना जरूरी है। ब्रेन का ‘डोपामिन लूप’ में फंसना अगर कोई व्यक्ति किस्तों में प्यार करता है तो इससे दिमाग ‘डोपामिन लूप’ में फंस जाता है। जब पार्टनर अच्छे से बात करता है तो हाई महसूस होता है और जब वो गायब होता है तो बेचैनी महसूस होती है। Gen-Z इसे ‘बेडक्रंबिंग’ भी कहते हैं। इसका मतलब है कि व्यक्ति को सिर्फ उतने ही प्यार के टुकड़े देना, जिससे वह रिश्ता छोड़कर न जाए, लेकिन उसे पूरा हक भी न मिले। अब आपको यह पता करना होगा कि कहीं आप भी ‘डोपामिन लूप’ में तो नहीं फंस गए हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक में देखिए- रिलेशनशिप में जिम्मेदारी भी जरूरी रिलेशनशिप सिर्फ एक शख्स के हिसाब से नहीं चलता है। इसमें दोनों की अपनी-अपनी मौजूदगी मायने रखती है। इसमें दोनों लोगों के बराबर के इन्वेस्टमेंट्स होते हैं। इसके साथ दोनों की अपनी-अपनी जिम्मेदारियां भी होती हैं। आपको क्या करना चाहिए? जिस स्थिति में अभी आप फंसे हुए हैं, उसमें कोई भी जल्दबाजी का फैसला आपको गिल्ट में डाल सकता है। इसलिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें- स्पष्ट बातचीत करें सही समय चुनकर आप अपनी फीलिंग्स शेयर करें। पार्टनर को स्पष्ट तौर पर बताएं कि “जब तुम कई दिनों तक गायब होती हो तो मैं कन्फ्यूज और इनसिक्योर महसूस करता हूं।” इस तरह के वाक्य स्थिति को बेहतर ढंग से बयां कर सकते हैं। साथ ही रिश्ते की दिशा और उम्मीदों पर खुलकर बात करना जरूरी है। कम्युनिकेशन की अपेक्षाएं तय करें यह साफ करें कि कितनी बातचीत या अपडेट आपके लिए जरूरी है। अगर पार्टनर को स्पेस चाहिए तो वह पहले से बताए। ऐसा एक बेसिक नियम बनाना रिलेशनशिप को स्थिर बना सकता है। इमोशनल बाउंड्री बनाएं अपनी खुशियों और मूड को सिर्फ एक व्यक्ति की उपलब्धता पर निर्भर न होने दें। यह किसी भी रिलेशनशिप के लिए हेल्दी नहीं है। दोस्तों, काम और हॉबीज पर फोकस रखने से भावनात्मक संतुलन बना रहता है। समयसीमा तय करें रिश्ते को समझने के लिए खुद को एक तय समय दें। अगर इस दौरान भी व्यवहार में निरंतरता नहीं आती तो यह संकेत है कि सामने वाला अपना 100 प्रतिशत नहीं दे रहा है। सम्मान को प्राथमिकता दें याद रखें, जहां आपकी मौजूदगी की कद्र नहीं होती, वहां स्वस्थ और लंबे समय तक चलने वाला प्यार बन पाना मुश्किल होता है। अंतिम सलाह जो रिश्ता बार-बार आपको खुद की वैल्यू पर सवाल करने को मजबूर करे, वह लंबे समय में खुशी नहीं दे सकता। प्यार में उत्साह जरूरी है, लेकिन स्थिरता उससे भी ज्यादा जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति आपकी मौजूदगी को सहजता से स्वीकार नहीं कर पा रहा है तो यह भी उसका एक जवाब हो सकता है। ………………
ये खबर भी पढ़िए
रिलेशनशिप एडवाइज- गर्लफ्रेंड अपनी जरूरतें सीधे नहीं बताती:इनडायरेक्ट ताने देती है, मैं इमोशनल स्ट्रेस में हूं, क्या करूं? रिलेशनशिप में अपनी बात रखना हर किसी का हक है, लेकिन उसे कहने का तरीका स्पष्ट होना चाहिए। बार-बार बातों को घुमाना और खुद को ‘बेचारा’ दिखाना इमोशनल मैनिपुलेशन है। यह स्थिति धीरे-धीरे रिश्ते की सहजता को खत्म कर सकती है। आगे पढ़िए…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *