वृंदावन में एंटी टेररिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। संत प्रेमानंद से मिलकर बिट्टा भावुक हो गए। उन्होंने कहा- जीवन में मैंने बहुत संघर्ष देखे हैं। अनेक जवानों को शहीद होते देखा, लेकिन मैं आज भी जीवित हूं। यह ईश्वर और संतों की कृपा है। बिट्टा ने कहा कि उनकी सभी इच्छाएं पूरी हो चुकी हैं और वह अपनी किडनी संत प्रेमानंद महाराज को समर्पित करना चाहते हैं। इस पर संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि इसके लिए साधुवाद, लेकिन मैंने संकल्प लिया है कि किसी के शरीर का एक बूंद खून भी अपने शरीर में नहीं लूंगा। इसके बाद मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर से भी मुलाकात की। उन्होंने सनातन बोर्ड के गठन की मांग का समर्थन किया। देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि सरकार को इस दिशा में जल्द फैसला लेना चाहिए। बिट्टा बोले- जीवन में सब कुछ देख लिया मनिंदरजीत सिंह बिट्टा दो दिन की ब्रज यात्रा पर हैं। पहले दिन सोमवार को उन्होंने गोवर्धन में भगवान गोवर्धन नाथ के दर्शन किए। दूसरे दिन मंगलवार को वह वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। वह रमणरेती क्षेत्र स्थित केली कुंज आश्रम पहुंचे और वहां करीब 15 मिनट तक रुके। बिट्टा ने कहा कि मुझ पर कई बार हमले हुए। कई जवान शहीद हुए, लेकिन मैं बोनस की जिंदगी लेकर बच गया। यह सब आपकी और राधारानी की कृपा से संभव हुआ। मैंने सभी तीर्थ स्थलों के दर्शन किए हैं। जीवन में बहुत कुछ देख लिया है। अब धारा 370 हट चुकी है। घर-घर तिरंगा लहरा रहा है। राम मंदिर का निर्माण भी हो गया। जिन चीजों को देखने की उम्मीद नहीं थी, वह भी देख लीं। संत प्रेमानंद ने कहा- इस भेष में भी आप संत हैं संत प्रेमानंद महाराज ने बिट्टा से कहा- आपने अपना जीवन देश, धर्म और राष्ट्रहित के लिए समर्पित किया है। अधिकांश लोग अपने सुख के लिए काम करते हैं, लेकिन आपने राष्ट्र को सर्वोपरि रखा। इसके लिए आपको बार-बार प्रणाम है। आपकी भावना संतों जैसी है। आप इस भेष में भी संत हैं। आपने राष्ट्र सुख के लिए अपना जीवन तक बलिदान करने का प्रयास किया है। बिट्टा ने किडनी देने की इच्छा जताई मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने हाथ जोड़कर कहा कि मैंने अपनी किडनी को मंदिर की तरह संभालकर रखा है। मेरी सभी इच्छाएं पूरी हो चुकी हैं। मैं अपनी किडनी आपको देने आया हूं। कृपया मुझे वापस मत भेजिए। यह सुनकर संत प्रेमानंद महाराज मुस्कुरा दिए। उन्होंने कहा- मैं भागवत शक्ति से संपन्न हूं। मेरी किडनी मुझे परास्त नहीं कर सकती। जिस दिन अंतिम सांस होगी, उसी दिन शरीर साथ छोड़ेगा। पिछले 20 वर्षों से मेरी किडनी खराब है। कई सालों से डायलिसिस चल रहा है। फिर भी ईश्वर की कृपा से मैं बोल और सेवा कर पा रहा हूं। मैं आपकी भावना का सम्मान करता हूं। अगर आपके शरीर का कोई अंग भारतीय सेना या समाज की सेवा में लगे, तो यह सबसे बड़ा पुण्य होगा। सनातन बोर्ड की मांग का किया समर्थन मनिंद्ररजीत सिंह बिट्टा ने प्रियकांत जू मंदिर पहुंचकर देवकीनंदन ठाकुर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सनातन बोर्ड के गठन की मांग का समर्थन किया। देवकीनंदन ठाकुर लंबे समय से इस मुद्दे पर अभियान चला रहे हैं। मुलाकात के दौरान देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में सनातन बोर्ड का गठन कर देना चाहिए। कई लोग संत प्रेमानंद को किडनी का ऑफर दे चुके हैं संत प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनियां पिछले कई साल से खराब हैं। वे लंबे समय से डायलिसिस पर हैं। उनकी लोकप्रियता और श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए कई नामचीन हस्तियों और भक्तों ने उन्हें अपनी किडनी दान करने की पेशकश की है। इनमें अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा, मध्यप्रदेश के आरिफ खान चिश्ती और बिग बॉस फेम एजाज खान शामिल हैं। हालांकि, संत प्रेमानंद ने सभी के प्रस्तावों को विनम्रता से ठुकरा दिए। उन्होंने कहा कि वे अपनी सेवा के लिए किसी दूसरे व्यक्ति को ऑपरेशन और शारीरिक कष्ट नहीं देना चाहते। बिट्टा को जिंदा शहीद कहा जाता है मनिंदरजीत सिंह बिट्टा को ‘जिंदा शहीद’ भी कहा जाता है। वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ने वाले अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चे के अध्यक्ष हैं। उन्हें यह उपाधि उनके साहस, 1990 के दशक में जानलेवा हमलों (14 बार बम हमले) से बचने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद देश सेवा में लगे रहने के कारण दी गई है। ————————– ये खबर भी पढ़िए- अखिलेश बोले-पूजा पाल से इतना प्यार तो डिप्टी-सीएम बना दें, 3 डिप्टी हो जाएंगे तो क्या दिक्कत? सपा मुखिया अखिलेश यादव मंगलवार को प्रयागराज पहुंचे। उन्होंने कहा- पूजा पाल के लिए मुख्यमंत्री और भाजपा का जो प्यार है, वह तो उन्हीं लोगों से पूछिए। कुछ लोग हैं, जिन्हें लगता था कि वह मंत्री बनेंगी। मैं तो अभी भी अपील करता हूं कि उन्हें डिप्टी सीएम बना देना चाहिए। अगर तीन डिप्टी सीएम भी हो जाएंगे तो क्या दिक्कत है। पढ़ें पूरी खबर…