यूपी में 1.76 लाख ‘बूथ पालक’ तैनात करेगी भाजपा:बंगाल का माइक्रो-मैनेजमेंट मॉडल लागू होगा; हारी हुई 61 सीटों पर खास नजर

बंगाल जीतने के बाद भाजपा अब मिशन यूपी के लिए जुट गई है। इसके लिए पार्टी 1.76 लाख ‘बूथ पालक’ बनाने जा रही है। इन्हें अपने बूथ के प्रभावशाली लोगों से लगातार संपर्क में रहना होगा। इसके अलावा बूथ कमेटी मेंबर्स के साथ कोऑर्डिनेशन और मॉनिटरिंग करनी होगी। कैबिनेट विस्तार के बाद भाजपा अब संगठन के पुर्जे कस रही है। इसके लिए मंगलवार (12 मई) को लखनऊ के प्रदेश भाजपा मुख्यालय में पार्टी के सभी 98 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्षों की बैठक हुई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा बंगाल फॉर्मूले पर संगठन को एक्टिव करने वाली है। बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने के बाद बंगाल के माइक्रो-मैनेजमेंट मॉडल को यूपी में लागू करेगी। पढ़िए यह रिपोर्ट… लोकसभा- 2024 की हार का कलंक धोने के लिए बड़ी जीत का टार्गेट प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में संगठन की बैठक कैबिनेट विस्तार के दो दिन बाद हुई। इसमें तय हुआ कि लोकसभा- 2024 चुनाव की कमियों को दूर करके 2027 विधानसभा चुनाव में पार्टी को बड़ी जीत दिलानी है। इसके लिए 2022 में हारी उन 61 सीटों को फिर से जीतने का लक्ष्य रखा गया है, जो 2017 में पार्टी ने जीती थीं। इन सीटों को लेकर जिलाध्यक्षों से बात हुई। हार की मुख्य वजह जानने और फिर से जीतने के लिए बूथवार समीक्षा की गई। इसके अलावा पार्टी ने उन बूथों पर फोकस करने का निर्देश दिया, जहां पिछले चुनाव में पिछड़ गई थी। इसके लिए बूथ कमेटी में बदलाव से लेकर निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को एक्टिव करने की रणनीति पर चर्चा हुई। इन सीटों को जीतने के लिए पन्ना प्रमुख, शक्ति केंद्र, लाभार्थी संपर्क जैसे अभियानों की जमीनी हकीकत का आकलन करने का निर्देश भी जिलाध्यक्षों को दिया गया। बंगाल का माइक्रो मैनेजमेंट मॉडल यूपी में लागू होगा पार्टी सूत्रों के मुताबिक, एक महीने के भीतर 1918 मंडलों के 27 हजार 633 शक्ति केंद्रों समेत सभी 1 लाख 62 हजार 459 विधानसभा बूथों का आकलन करने का लक्ष्य रखा है। बंगाल चुनाव के माइक्रो-मैनेजमेंट मॉडल को यूपी में लागू करने के निर्देश जिलाध्यक्षों को दिए गए। बैठक में विपक्षी दलों की मजबूती, कमजोरियों और उनकी रणनीति पर विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है। SIR के बाद यूपी में नए बने 14 हजार नए बूथ पर बूथ कमेटी, बूथ अध्यक्ष और बूथ पालक बनाने के निर्देश दिए गए हैं। बंगाल में माइक्रो मैनेजमेंट के 4 फॉर्मूले 1. पन्ना प्रमुख: पन्ना प्रमुख को वोटर लिस्ट के एक पन्ने में शामिल 30 से 35 वोटर्स की जिम्मेदारी दी गई। वह लगातार इनसे संपर्क रखता था। उनकी समस्याएं सुनना, भाजपा के पक्ष वाले एक-एक वोटर को चिह्नित करके वोटिंग के दिन उसे घर से बूथ तक लाना उसकी जिम्मेदारी में शामिल किया गया। 2. शक्ति केंद्र: 5-7 विधानसभा बूथों का एक क्लस्टर बनाया गया। इसे ‘शक्ति केंद्र’ नाम दिया गया। हर शक्ति केंद्र को 15 से 20 ऐसे वोटरों को भाजपा के पक्ष में वोट कराने का लक्ष्य दिया गया, जो किसी अन्य पार्टी को वोट देते थे। शक्ति केंद्र प्रभारी बूथ कमेटियों में कोऑर्डिनेशन बनाते थे। 3. बूथों को 3 श्रेणियों में बांटा: बूथों को ‘मजबूत, टक्कर देने वाले और कमजोर’ श्रेणियों में बांटा गया। कमजोर और टक्कर देने वाले बूथों पर विशेष निगरानी के लिए एक्स्ट्रा कार्यकर्ता तैनात किए। 4. बूथ के आधार पर हाइपर लोकल कैंपेन करना: प्रदेश के सभी बूथों पर कमेटी और कार्यकर्ताओं का नेटवर्क तैयार करना। हर बूथ पर मुद्दों के आधार पर हाइपर-लोकल कैंपेन तैयार करना। चुनाव के दिन इन्हें रियल टाइम मॉनिटरिंग से जोड़ा गया। इसके अलावा मंडल प्रवास, सत्यापन अभियान भी चलाया गया। विपक्ष की हर रणनीति की रिपोर्टिंग करना और उसकी काट तैयार करना इसमें शामिल है। तीसरी बार जीत के लिए नियुक्त होंगे विधानसभा प्रभारी 2024 के लोकसभा चुनाव को छोड़ दें, तो भाजपा ने यूपी में 2017 से अब तक संगठन के बल पर हर चुनावी लड़ाई जीती है। इसीलिए 2027 के चुनाव को लेकर पार्टी ने 8 महीने पहले ही तैयारी शुरू कर दी है। बंगाल और असम की प्रचंड जीत की लहर पर सवार होकर भाजपा तीसरी बार यूपी जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। पार्टी जल्द सभी 403 विधानसभा सीटों में प्रभारी नियुक्त करेगी। विधानसभा प्रभारी दूसरे जिले के लोगों को बनाया जाता है। इसके लिए सभी जिलाध्यक्षों से नाम मांगे गए हैं। जिलाध्यक्षों से हर महीने जिले की कोर कमेटी की बैठक करने को कहा गया है। PDA की काट निकालने के लिए कार्यकर्ता एक्टिव किए जाएंगे भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती सपा के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की काट निकालने की है। इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को बराबर एक्टिव रखने की रणनीति तय की गई है। जिलाध्यक्षों से कहा गया कि पीएम मोदी को गाली देने वाले सपा के महोबा सांसद अजेंद्र सिंह का महिला कार्यकर्ताओं से विरोध कराया जाए। पीएम ने देशवासियों से ऊर्जा संकट से निपटने के लिए जो अपील की, उसे भी जमीन पर उतारने के लिए कार्यकर्ताओं को एक्टिव करने के निर्देश दिए गए। साथ ही लोगों को समझाना भी है कि पीएम की बात क्यों सही है? जिससे विपक्ष के दुष्प्रचार की हवा निकाली जा सके। छूट गए मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाना प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने बैठक में कहा कि बूथ कमेटियों के जरिए वोटर लिस्ट में छूटे मतदाताओं को चिह्नित करें, उनका फॉर्म-6 भरवाएं। चुनाव से पहले ऐसे सभी लोगों का नाम वोटर लिस्ट में जुड़वा लें। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मैं भी कार्यकर्ता हूं। पार्टी में कार्यकर्ताओं का सम्मान सबसे ऊपर होगा। ———————– ये खबर भी पढ़ें… पहलवान विनेश बोलीं- इन बेशर्मों को क्या फर्क पड़ता है, गोंडा से हरियाणा लौटीं; बृजभूषण का पलटवार- देवीजी का फैलाया रायता समेट रहे गोंडा में हो रही सीनियर नेशनल ओपन कुश्ती चैंपियनशिप में खेलने पर अड़ीं पहलवान विनेश फोगाट मंगलवार सुबह हरियाणा लौट गईं। उन्होंने आज चैंपियनशिप में कुश्ती लड़ने का ऐलान किया था, लेकिन गोंडा नहीं पहुंचीं। पूरी खबर पढ़ें…

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