बिहार में मौसम के मिजाज में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आज यानी गुरुवार को उत्तर-पूर्वी बिहार के 7 जिलों में तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 50kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है। वहीं पटना समेत बाकी 31 जिलों में मौसम सामान्य रहेगा और उमस भरी गर्मी बनी रहेगी। मौसम विभाग की ओर से अगले दो दिन तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंधी-पानी के साथ बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के बावजूद बिहार के कई हिस्सों में गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। कैमूर जिले का भभुआ बुधवार को राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक, बिहार में इस बार सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। राज्य में अब तक कुल 115.9mm बारिश हुई, जो सामान्य से 170% अधिक है। सबसे ज्यादा पूर्णिया में 115mm बारिश हुई।
पूर्णिया में सबसे अधिक बारिश, कई जिलों में झमाझम मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-मध्य और उत्तर-पूर्व बिहार के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई, जबकि सीमांचल और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में पिछले 24 घंटों (12 मई) के दौरान जोरदार बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक वर्षा कृत्यानंद नगर में हुई, जहां 115 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार हुई भारी बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा बनमनखी में 68.2mm, कटिहार में 68mm और कसबा में 62.6mm बारिश दर्ज की गई। बुधवार को हुई बारिश की कुछ तस्वीरें… जानें मौसम बदलने का कारण मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बिहार में प्री-मानसून गतिविधियां काफी सक्रिय हो गई हैं, जिसके कारण कई जिलों में मौसम तेजी से करवट ले रहा है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है और स्थानीय स्तर पर बन रहे सिस्टम के कारण प्री-मानसून गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं। इसी वजह से सीमांचल और उत्तर-पूर्व बिहार में बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि बारिश और बिजली गिरने के समय लोग खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहें। किसानों, बच्चों और खुले में काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान लोगों को सुरक्षित और पक्के मकानों में रहने को कहा गया है। पटना में बुधवार को अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2.5 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 25 डिग्री रहा। दिनभर उमस और बादलों की आवाजाही बनी रही, जबकि शाम ढलते ही मौसम का मिजाज बदलने लगा। अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम
राजधानी समेत राज्य के कई हिस्सों में कभी बादलों की आवाजाही, कभी उमस तो कभी तेज हवाओं ने मौसम को अस्थिर बना दिया है। मौसम विभाग ने उत्तर बिहार के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले 48 घंटे सतर्क रहने की चेतावनी दी है। कई जिलों में आंधी, वज्रपात, बारिश और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अभी प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं, जिसके कारण अगले कुछ दिन तक गर्मी और आंधी-बारिश का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, सीमांचल और उत्तर-पूर्व बिहार में बारिश, ठनका और तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा, जबकि दक्षिण-पश्चिम बिहार के जिलों में गर्मी और उमस का असर जारी रह सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि शाम और रात के समय मौसम अधिक सक्रिय रहेगा। ऐसे में बिजली गिरने और पेड़-पोल गिरने जैसी घटनाओं की आशंका भी बनी रहेगी। उत्तर बिहार में जहां बारिश और तेज हवाओं का असर रहेगा, वहीं दक्षिण-पश्चिम बिहार में अगले तीन-चार दिन के दौरान गर्मी फिर जोर पकड़ सकती है। पटना में गाड़ी पर गिरा ताड़ का पेड़ और पोल, एक घंटा जाम
बुधवार की रात तेज हवा चलने की वजह से पटना के गर्दनीबाग पुल पर एक ताड़ का पेड़ थार गाड़ी पर गिर गया। साथ ही एक बिजली का पोल भी उसी गाड़ी के ऊपर आ गिरा। पुलिसकर्मियों और व स्थानीय लोगों की मदद से कार चालक को बाहर निकाला गया। इस घटना में कार चालक अभिषेक गौरव चोटें आई हैं। वह सगुना मोड़ इलाके में रहते हैं। थार पर ताड़ का पेड़ और बिजली का पोल गिरने की वजह से ट्रैफिक बाधित हो गई। वाहनों की लंबी लाइन लग गई। थार क्षतिग्रस्त हो गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासन की टीम की मदद से पेड़ व पोल को किसी तरह से सड़क से हटाया गया।