यूपी में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी है। आज यानी गुरुवार को 51 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। बुधवार को गाजियाबाद, वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज, मथुरा, मेरठ, गोरखपुर सहित करीब 30 जिलों में बारिश हुई। मथुरा, उन्नाव और प्रयागराज में आंधी और बारिश के साथ ओले गिरे। कई जगह पेड़ टूटकर गिर गए। टीन शेड उड़ गए। प्रदेशभर में आंधी, बारिश और तूफान से 55 लोगों की मौत हो गई। प्रयागराज में सबसे ज्यादा 17 और भदोही में 16 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद बदायूं और फतेहपुर में 5-5 मौतें हुईं। प्रतापगढ़ में 4 लोगों की मौत हो गई। कानपुर देहात में बिजली गिरने से 33 बकरियों की मौत हो गई। वहीं, पिछले 24 घंटे में बांदा प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- गुरुवार से तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। 16 मई से बुंदेलखंड और दक्षिणी जिलों में लू चलने और तपिश बढ़ने की संभावना है। बुधवार की मौसम की तस्वीरें- यूपी के 51 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट फतेहपुर, प्रतापगढ़, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, एटा, मैनपुरी, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं। अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम? मौसम में उतार-चढ़ाव क्यों हो रहा?
मौसम विभाग का कहना है कि उत्तराखंड के पहाड़ों पर मौसम लगातार बदल रहा है। कहीं बर्फबारी तो कहीं बारिश हो रही है। किसी-किसी दिन धूप के साथ मौसम साफ हो जा रहा है। अगले कुछ दिन ऐसे ही उतार-चढ़ाव के आसार हैं। इसका असर यूपी में दिख रहा है। पहाड़ों से आने वाली हवाएं मौसम को ठंडा बनाए हैं। बारिश के अनुकूल सिस्टम तैयार कर रही हैं। इस साल मानसून में कम बारिश का अनुमान
निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर ने इस साल के मानसून का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार, मानसून में बारिश सामान्य से 6% कम रह सकती है। जून से सितंबर तक मानसून के 4 महीनों में देश में बारिश का सामान्य औसत 868.6 मिमी. है। सामान्य से कम मानसून का मतलब है कि बारिश 90% से 95% के बीच रहेगी। एजेंसी ने 94% बारिश का अनुमान दिया है। जून में सामान्य बारिश होगी, लेकिन जुलाई से गिरावट शुरू होकर अगस्त और सितंबर में मानसून कमजोर पड़ेगा। खासकर अगस्त-सितंबर में बारिश की कमी ज्यादा रहने के संकेत हैं। सवाल- लू लगने से बचने के लिए क्या करना चाहिए? जवाब- गर्मी में सिर्फ धूप से बचना ही काफी नहीं है, बल्कि सही आदतें अपनाना भी उतना ही जरूरी है। थोड़ी-सी सावधानी लू जैसी गंभीर समस्या से बचा सकती है। गर्मी से कैसे बचें, ग्राफिक से समझिए यूपी में भी मानसून में कम बारिश होगी, वजह जानिए
जून से सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश में भी सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत हैं। जो कम वर्षा का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। साथ ही इस साल जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मानसून को प्रभावित कर सकती है। अल-नीनो और ला-नीना के बारे में जानिए