फरीदाबाद में बल्लभगढ़ के सेक्टर-3 स्थित सरकारी अस्पताल की पार्किंग में टॉर्च की रोशनी में हुई महिला की डिलीवरी के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने स्टाफ नर्स राखी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुखबीर को सस्पेंड कर दिया है। जांच में सामने आया है कि स्टाफ नर्स ने परिजनों के साथ गलत व्यवहार किया, जबकि कर्मचारी सुखबीर मौके पर मौजूद नहीं था। महिला की जब डिलीवरी हो गई तो वह मौके पर पहुंचा। शुक्रवार-शनिवार की देर रात एक परिवार महिला की डिलीवरी के लिए अस्पताल आया था। यहां उन्हें इमरजेंसी वार्ड का गेट बंद मिला। इसके बाद महिला ने पार्किंग में ही बेटे को जन्म दिया। अब जानिए परिवार ने क्या आरोप लगाया था…. अस्पताल का मेन गेट बंद मिला:
फरीदाबाद के बल्लभगढ़ (सेक्टर 3) सरकारी अस्पताल फर्स्ट रेफरल यूनिट में शुक्रवार-शनिवार रात करीब 2 बजे बड़ौली गांव का एक परिवार महिला की डिलीवरी कराने पहुंचा। महिला बलेश को लेबर पेन हो रहा था। बलेश के जेठ चमन चंदीला ने कहा कि रात में अस्पताल का मेन गेट भी बंद था। इमरजेंसी में कोई स्टॉफ नहीं मिला:
चमन ने बताया कि मैं गेट खोलकर तुरंत इमरजेंसी वार्ड में पहुंचा, वहां भी कोई स्टाफ मेंबर मौजूद नहीं था। परिवार के अन्य लोग बलेश को लेकर पार्किंग में ही खड़े थे। मैं खुद ही व्हीलचेयर लेकर पार्किंग में पहुंचा। पार्किंग में ही डिलीवरी करानी पड़ी:
चमन ने आगे बताया कि बलेश के साथ मां भी मौजूद थी। पार्किंग में काफी देर तक अस्पताल का कोई स्टाफ नहीं पहुंचा। बलेश की हालत गंभीर होती जा रही थी। मजबूरी में मां को ही बलेश की डिलीवरी करानी पड़ी। बलेश ने बेटे को जन्म दिया। अगर समय से डिलीवरी न होती बलेश और उसके बच्चे की मौत हो सकती थी। NHM डायरेक्टर ने स्टाफ से पूछताछ की थी शनिवार को मामला बढ़ने पर स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के डारेक्टर डॉ. वीरेंद्र यादव को मौके पर जांच के लिए भेजा। उन्होंने गर्भवती के परिवार और अन्य स्टाफ से भी पूछताछ की। साथ ही परिवार द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो को भी देखा। कमेटी को जांच में लापरवाही मिली चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO) डॉ. जयंत आहूजा और डिप्टी CMO डॉ. रचना की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी बनाई गई थी। जांच में स्टाफ नर्स राखी और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी सुखबीर की लापरवाही सामने आई है। डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि दोनों को सस्पेंड कर दिया गया है।