पूर्व क्रिकेटर व कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने एक इंटरव्यू में अपने कैंसर के कठिन दौर की बातें साझा की। उन्होंने बताया कि जब वह कैंसर से जूझ रही थीं, तब सिद्धू अंदर से पूरी तरह टूट चुके थे। वह अक्सर रो पड़ते थे और कहते थे, मुझे छोड़कर मत जाना, मैं तुम्हारे बिना नहीं रह पाऊंगा। नवजोत कौर ने कहा कि उस मुश्किल समय में उन्हें पति का असली प्यार देखने को मिला। उन्होंने कहा- मैं भगवान का शुक्र करती हूं कि इस बीमारी ने मुझे एहसास कराया कि मेरे पति मुझसे कितना प्यार करते हैं। बाहर से हमेशा हंसते-मजाक करते दिखने वाले सिद्धू असल में बहुत नरम दिल इंसान हैं। कैंसर के दौरान परिवार को भारी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। उसी समय सिद्धू को जेल भी जाना पड़ा, जिससे हालात और बदतर हो गए। एक समय ऐसा भी था, जब उनके पास सर्जरी तक के पैसे नहीं बचे थे। नवजोत कौर की 3 बड़ी बातें… अकाउंट्स सील कर दिए गए थे: नवजोत कौर सिद्धू ने बताया कि साल 2018 में नवजोत सिंह सिद्धू के अकाउंट्स सील कर दिए गए थे। उनका कहना है कि उस समय इनकम टैक्स रिव्यू चल रहा था। उन्होंने कहा कि आज तक अकाउंट्स सील हैं और केस जीतने के बावजूद भी वे अपने पैसे नहीं निकाल पा रहे हैं। अपनी नौकरी तक छोड़नी पड़ी: उन्होंने बताया कि आर्थिक संकट इतना बढ़ने का एक कारण यह भी रहा कि उन्हें अपनी नौकरी तक छोड़नी पड़ी थी। उस समय जब परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी थी, तब उन्होंने अमृतसर स्थित अपने घर पर करीब 30 करोड़ रुपये खर्च किए थे। शो छोड़ने पर 12 करोड़ रुपए का जुर्माना भरा: नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि इसके बाद उनके पति पर रोड रेज मामले में केस दर्ज हुआ। इसी दौरान उन्हें एक शो भी छोड़ना पड़ा, जिसके चलते उन्हें करीब 12 करोड़ रुपए का जुर्माना भरना पड़ा। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे बन गए कि उन्हें अपना फ्लैट तक बेचना पड़ा। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी आ गया था, जब सर्जरी करवाने तक के लिए उनके पास पैसे नहीं बचे थे। नवजोत ने कहा था- डेली गोमूत्र पीती हूं, कैंसर ठीक हुआ डॉ. नवजोत कौर सिद्धू करीब 4 महीने पहले मथुरा में कथा व्यास अनिरुद्धाचार्य के गौरी गोपाल आश्रम पहुंचीं थीं। तब उन्हेंने कहा था मैं रोजाना गोमूत्र से स्नान करती हूं। इसके साथ ही वह नियमित रूप से गोमूत्र का सेवन भी करती हैं। उन्होंने कहा था कि कैंसर को हराने में गोमूत्र एक बड़ी दवा साबित हुआ। उन्होंने बताया था उन्हें जब कैंसर हुआ था, तब डॉक्टरों की टीम ने कह दिया था कि वह सिर्फ चार हफ्ते की मेहमान हैं। इसके बाद उन्होंने आयुर्वेद के अनुसार डाइट अपनाई और नियमित रूप से गोमूत्र का सेवन किया। उनका कहना है कि इसी से उन्होंने कैंसर को मात दी। लेकिन चार सप्ताह क्या, अब मैं पूरी तरह फिट हूं। डॉ नवजोत कौर ने कहा था कि अगर पाम ऑयल व जंक फूड खाएंगे तो बीमारियां लगेंगी। कैंसर भी हो सकता है। इसलिए सभी को आयुर्वेदिक डाइट लेनी है। इससे आपके शरीर के सेल कैंसर सेल में तब्दील नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक डाइट से कोई बीमारी नहीं होंगी। पढ़ें पूरी खबर पति ने बताया था, कैसे ठीक हुईं नवजोत, गोमूत्र का जिक्र नहीं शुगर-दूध बंद किए, हल्दी-नींबू पानी दिया: पति नवजोत सिंह सिद्धू ने पत्नी के कैंसर के इलाज के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि कैंसर एक इंफ्लामेशन है, जोकि दूध, कार्बोहाइड्रेट्स (गेहूं), रिफाइंड शुगर (जैसे कि जलेबी) और मैदा जैसी चीजों से होता है। इसलिए, इन्हें बंद कर दिया। हमने डाइट में वे चीजें एड कीं, जिसकी जरूरत थी। पत्नी को सुबह 10 बजे नींबू पानी दिया जाता था, जिसमें गर्म पानी, कच्ची हल्दी, एक लहसुन और सेब का सिरका होता था। चाय बंद कर गुड़ मिलाकर काढ़ा दिया: सिद्धू ने कहा था- इसके आधा घंटे बाद 10 से 12 नीम के पत्ते और तुलसी देते थे। चाय पूरी तरह से बंद कर दी गई थी। सुबह चाय की जगह पत्नी को दाल चीनी, लौंग और छोटी इलायची का काढ़ा दिया जाता था। इसमें नाममात्र के लिए गुड़ मिलाते थे। सफेद पेठे का जूस, बेरीज दिए: सिद्धू ने कहा था- डाइट में नट्स एड किए गए थे। साथ ही सफेद पेठे का जूस दिया जाता था। इसके एक-डेढ़ घंटे बाद ब्लू बेरीज देते थे। अगर कोई ब्लू बेरी नहीं अफोर्ड कर सकता तो उसकी जगह अनार दिया जा सकता है। अगर कोई अनार भी इस्तेमाल नहीं कर सकता तो आंवला सबसे अच्छा है। ब्लैक बेरी (शहतूत) खाने से कैंसर को मात देने में बहुत मदद मिलती है। बेरीज के साथ चुकंदर, गाजर और आंवला का एक गिलास जूस और ड्राई फ्रूट दिए जाते थे। इसके बाद नोनी (सिद्धू की पत्नी का निकनेम) को कुछ नहीं दिया जाता था। देर शाम करीब साढ़े 7 बजे नोनी को अंत में उबला हुआ किनोवा (बथुआ) दिया जाता था। बादाम के आटे की रोटी, 4 बीज दिए: सिद्धू ने कहा था- अगर किनोवा नहीं तो बादाम के आटे की रोटी, दो सब्जियां और सलाद दिया जाता था। दूध की जगह नारियल का दूध इस्तेमाल किया जाता था। बादाम मिल्क का इस्तेमाल करते थे। पत्नी को आयुर्वेद के हिसाब से 4 बीज भी दिए जाते थे। इसमें तिल, अलसी के बीज, सूरजमुखी के बीज शामिल थे। (पढ़ें पूरी खबर) नीम-हल्दी से कैंसर के इलाज का दावा डॉक्टर ने खारिज किया था नवजोत सिंह सिद्धू ने दावा किया था कि उन्होंने आयुर्वेदिक तरीके से अपनी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू का इलाज किया। उनका कहना था कि कैंसर सेल्स को बढ़ाने वाली मीठी चीजें बंद कर दी गईं, जिसके बाद डॉ. नवजोत कौर सिद्धू कैंसर फ्री हो गईं। सिद्धू ने इस बारे में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल की अगुआई में 262 ऑन्कोलॉजिस्ट ने इस दावे पर सवाल उठाए। डॉक्टरों ने कहा था कि सिद्धू द्वारा बताई गई कुछ चीजों पर रिसर्च जरूर चल रही है, लेकिन उनसे कैंसर ठीक होने का दावा सही नहीं है। डॉक्टरों का कहना था कि इन दावों के पर्याप्त वैज्ञानिक सबूत नहीं हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि कैंसर जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल में जांच करानी चाहिए। टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के डायरेक्टर परमेश सीएस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लेटर भी पोस्ट किया था, जिस पर 262 मौजूदा और पूर्व कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टरों के हस्ताक्षर थे। लेटर में कहा गया था कि डेयरी प्रोडक्ट और शुगर छोड़ने से कैंसर खत्म होने या हल्दी और नीम से लाइलाज कैंसर ठीक होने के दावों के समर्थन में कोई ठोस क्लिनिकल एविडेंस मौजूद नहीं है। हालांकि, इनमें से कुछ चीजों पर रिसर्च जारी है। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की थी कि ऐसे दावों के कारण कैंसर के इलाज में देरी न करें। उनका कहना था कि समय पर पहचान होने पर सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी और कीमोथेरेपी से कैंसर का इलाज संभव है। पढ़ें पूरी खबर ************ ये खबर भी पढ़ें: कांग्रेस ने सिद्धू की पत्नी को पार्टी से निकाला: नवजोत कौर ने लिखा- पप्पू ने अपने नाम पर मुहर लगाई; BJP ने मेरे टैलेंट को पहचाना पंजाब में पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से निकाल दिया गया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम और पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने इसकी जानकारी दी है। हालांकि इससे कुछ दिन पहले ही नवजोत कौर सिद्धू ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया था। (पढ़ें पूरी खबर)