पठानकोट में लॉरेंस गैंग के एक कथित सदस्य ने शहर के मशहूर इमीग्रेशन कंसलटेंट से 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी है। रकम न देने पर पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी गई है। कथित गैंगस्टर ने कंसलटेंट को उसके कार्यालय और घर का बकायदा एड्रेस भी बताया। कंसलटेंट ने थाना डिवीजन नंबर 2 में शिकायत दर्ज करवाई तो पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में पठानकोट निवासी सचिन ने पुलिस को दिए बयान में इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। सचिन पठानकोट के पॉश एरिया में इमीग्रेशन कंसलटेंसी का काम करते हैं। सचिन के मुताबिक वह अपनी माता के इलाज के लिए पटेल चौक स्थित निजी अस्पताल गए हुए थे। दोपहर करीब 1:19 बजे उनके मोबाइल नंबर पर एक विदेशी नंबर +16064541086 से व्हाट्सऐप कॉल आई, लेकिन किसी कारणवश बात नहीं हो सकी। इसके तुरंत बाद उन्हें एक अन्य नंबर +19123103107 से दोबारा व्हाट्सऐप कॉल आई। खुद को बताया लॉरेंस गैंग का सदस्य जब सचिन ने कॉल उठाई तो फोन करने वाले ने अपना नाम आरजू बताया। उसने सीधे तौर पर कहा कि वह लॉरेंस गैंग का सदस्य है। सचिन द्वारा जवाब देने पर आरोपी ने उन्हें डराने के इरादे से उनके घर और दफ्तर का पूरा पता बोलकर सुनाया। उसे धमकियां दी गईं 10 करोड़ की मांग, मना करने पर दी धमकी पीड़ित का आरोप है कि आरोपी आरजू ने फोन पर धमकी देते हुए 10 करोड़ की रंगदारी की मांग की। जब पीड़ित ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो आरोपी ने कहा कि अगर मांग पूरी नहीं हुई तो उसे जान से मार दिया जाएगा। धमकी देने के बाद आरोपी ने फोन काट दिया। पुलिस ने दर्ज किया मामला पीड़ित सचिन की शिकायत पर थाना 2 पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच के लिए साइबर सेल को सौंप दिया है। ताकि, धमकी भरे कॉल के लिए इस्तेमाल किए गए विदेशी नंबरों के आईपी एड्रेस और लोकेशन को ट्रेस किया जा सके। इलाके में इस घटना के बाद से व्यापारियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल है।