रेवाड़ी केमिकल फैक्ट्री आग के बाद 2 कर्मचारी लापता:सुबह ड्यूटी पर गए थे, एक 2 बच्चों का पिता; SP बोले-लापरवाह बख्शे नहीं जाएंगे

रेवाड़ी में बावल के सेक्टर-5 की केमिकल फैक्ट्री में आग लगने के बाद से बिहार के 2 कर्मचारी धर्मेंद्र और सत्येंद्र पासवान लापता हैं। दोनों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। एक के परिवार ने मंगलवार रात ही पुलिस को शिकायत दे दी थी, जबकि दूसरे की शिकायत बुधवार को मिली। दोनों सुबह 6 बजे की शिफ्ट में डूयटी गए थे। जिसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल रहा। परिवार लोग उनकी तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। बावल पुलिस ने परिवार की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बुधवार को डीसी-एसपी ने फैक्ट्री का निरीक्षण किया। एसपी ने कहा कि इस मामले में किसी भी लापरवाह को बख्शा नहीं जाएगा। आगजनी में झुलसे 6 कर्मचारियों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। ड्यूटी पर जाने के बाद वापस नहीं लौटा बिहार के शेखपुरा के गांव केबलबीघा निवासी जितेंद्र कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका भाई 26 वर्षीय बड़ा धर्मेंद्र पिछले चार साल से कंपनी में काम कर रहा है। मंगलवार को वह सुबह 6 बजे वाली शिफ्ट के लिए ड्यूटी पर गया था। इसके बाद घर नहीं लौटा। आग लगने के बाद से जब उसके भाई का कोई सुराग नहीं मिला तो मामले की शिकायत पुलिस को दी। धमेंद्र के दो बेटें हैं, जिनमें एक 2 साल और दूसरा 6 माह का है। कंपनी में घुसने नहीं दिया जितेंद्र कुमार ने फोन पर दैनिक भास्कर को बताया कि वे अपने भाई की तलाश में मंगलवार को भी कंपनी गए थे, जहां उन्हें अंदर नहीं घुसने दिया। बुधवार को फिर कंपनी गए तो तब भी उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। आग में केबल जलने की बात कहते हुए सीसीटीवी की फुटेज दिखाने से भी इंकार कर दिया। अब उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वे कैसे अपने भाई की तलाश करें। एक और कर्मचारी मिला लापता मंगलवार को धर्मेंद्र के लापता होने की सूचना के बाद बुधवार को एक और कर्मचारी के लापता होने का मामला सामने आया। बिहार निवासी कर्मचारी सत्येंद्र पासवान GLS केमिकल फैक्ट्री में आग लगने के बाद से लापता है। सत्येंद्र पासवान भी मंगलवार को सुबह 6 बजे की शिफ्ट में ड्यूटी पर गए थे। समय बीतने के साथ कंपनी में लापता कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ रही है। झुलसने से 3 की हालत गंभीर जानकारी के अनुसार, आग की चपेट में आने से हरि बाबू, प्रवेश और विक्रम गंभीर रूप से झुलस गए। जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद गुरुग्राम के निजी अस्पताल भेज दिया गया। विक्रम के एक निजी बावल में ही उपचार चल रहा है। रेवाड़ी के सेक्टर-4 निवासी अमित (50) व मूलरूप से बिहार निवासी प्रदीप (52) को रेवाड़ी में बावल रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अमित के पांव और प्रदीप के हाथ और पांव झुलसे हुए हैं। एक अन्य राहुल को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। हालांकि, इसकी अभी अधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। जानिए… क्या था मामला 12 घंटे चला बचाव अभियान: बावल की फैक्ट्री में लगी आग पर करीब 12 घंटे बाद काबू पाया जा सका। आग बुझाने में रेवाड़ी के अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और महेंद्रगढ़ से गाड़ियां बुलाकर फायरबिग्रेड की 35 गाड़ियां लगाई गई थी। आग पर कंट्रोल होने तक एक गाड़ी को कई-कई चक्कर लगाने पड़े। एक धमाके साथ मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे बजे आग लगी और रात 10 बजे आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका। 8 घंटे चला अभियान: मंगलवार शाम को ही धारूहेड़ा में रामपुरा की TOXMO इलेक्ट्रिक स्कूटी में फैक्ट्री में आग लगी थी। जिस पर 10 गाड़ियों ने करीब साढ़े 8 घंटे की कड़ी मशक्त के बाद काबू पाया गया था। शिकायत पर केस दर्ज, जांच शुरू बावल थाना के एसएचओ फूल कुमार ने कहा कि दो कर्मियों के लातपा होने की शिकायत मिली है। जिस पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। अभी तक आग से 6 कर्मचारियों के झुलसने की सूचना है। कंपनी से अभी तक झुलसे कर्मचारियों के नामों की सूची नहीं मिली है। डीसी-एसपी ने किया निरीक्षण बुधवार को डीसी अभिषेक मीणा और एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा निरीक्षण करने बावल की GLS कंपनी पहुंचे। निरीक्षण के दौरान राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन पूरी रात चला और अभी भी जारी है। 6 लोगों को सुरक्षित बाहर (रेस्क्यू) निकाला जा चुका है। जिनका विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। एसपी- एनडीआरएफ की टीम बुलाई एसपी ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया गया है ताकि रेस्क्यू में किसी प्रकार की चूक न रहे। मलबे को हटाकर कंपनी के एक-एक कोने की तलाशी ली जाएगी। उन्होंने कहा कि मिसिंग होने की सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन की पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता राहत, बचाव और सर्च ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा करना है। लापरवाह लोगों पर कार्रवाई होगी इसके बाद मामले की निष्पक्ष जांच में किसी स्तर पर भी लापरवाही सामने आने पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन और पुलिस की टीमें पूरी तरह से मौके पर मुस्तैद हैं और स्थिति पर 24 घंटे पैनी नजर बनाए हुए हैं।

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