हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव के रूप में संजय गुप्ता की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार और संजय गुप्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया और जस्टिस बीसी नेगी की बेंच ने याचिकाकर्ता तिलक राज शर्मा की याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार ने 1 अक्टूबर 2025 को एक निर्णय लेकर संजय गुप्ता को मुख्य सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि संजय गुप्ता के खिलाफ पहले से तीन एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामले शामिल हैं। याचिका में 9 अक्टूबर 2024 को जारी संशोधित विजिलेंस क्लियरेंस दिशानिर्देशों का भी हवाला दिया गया है। इन दिशानिर्देशों के अनुसार संवेदनशील पदों पर नियुक्ति से पहले संबंधित अधिकारी की विजिलेंस स्थिति पर विचार करना जरूरी है। कोर्ट को यह भी बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट कई मामलों में मुख्य सचिव के पद को अत्यंत संवेदनशील पद मान चुका है। बोर्ड-निगम कर्मचारियों को मासिक पेंशन सप्ताह के भीतर देने के आदेश एक अन्य मामले में हाईकोर्ट ने सार्वजनिक उपक्रमों से रिटायर कर्मचारियों की मासिक पेंशन एक सप्ताह के भीतर अदा करने के आदेश जारी किए। सेवानिवृत पेंशनरों का आरोप है कि उन्हें नियमित रूप से मासिक पेंशन का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जबकि सरकारी कर्मचारियों को यह लाभ नियत तिथि को दिए जा रहे हैं। इस मामले में प्रधान सचिव (वित्त) द्वारा एक हलफनामा दाखिल किया गया है, जिसमें खेद व्यक्त किया गया है कि संबंधित योजनाओं के तहत निर्धारित मासिक आधार पर पेंशन जारी नहीं की जा रही है। इस संबंध में आश्वासन दिया गया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 से इस उद्देश्य के लिए नियमित बजटीय आवंटन प्रदान करने का सचेत निर्णय लिया गया है।