बलिया में एक ही व्यक्ति चपरासी भी और शिक्षामित्र भी:रोक के बावजूद 179 फर्जी कर्मियों का वेतन जारी, भुगतान घोटाला पार्ट-1

रामेश्वर सिंह बलिया में भीमपुरा कस्बे के रामकरण इंटर कॉलेज में चपरासी हैं। नियुक्ति 1 जुलाई, 2005 को हुई थी। हैरत की बात ये है कि रामेश्वर कस्बे के कंपोजिट स्कूल में 23 अगस्त, 2015 से शिक्षामित्र के रूप में भी तैनात हैं। दोनों पदों का वेतन और मानदेय ले रहे हैं। इसी तरह उनका सगा भतीजा शिवमंगल सिंह भी उसी कॉलेज में चपरासी है। साथ ही कस्बे के एक सरकारी स्कूल में शिक्षामित्र भी है। शिवमंगल की पत्नी विभा सिंह भी उसी कॉलेज में चपरासी है। बलिया में इसी तरह से 179 फर्जी नियुक्तियां करके 45 करोड़ रुपए के वेतन-एरियर्स का भुगतान कर दिया गया। आजमगढ़, जौनपुर, मऊ और आगरा में भी 194 फर्जी चपरासी, बाबू और टीचर, फर्जी दस्तावेज से नौकरी हासिल करके सरकारी खजाना लूट रहे हैं। शिक्षा निदेशक की रोक के बावजूद करोड़ों रुपए का वेतन भुगतान हो रहा है। पढ़िए, शिक्षा विभाग में फर्जी नियुक्ति और वेतन भुगतान घोटाले का पार्ट- 1 सगे चाचा से ज्यादा भतीजे की उम्र भीमपुरा में चपरासी का वेतन और शिक्षामित्र का मानदेय उठा रहे शिवमंगल सिंह और उनके सगे चाचा रामेश्वर सिंह की डीटेल मानव संपदा पोर्टल पर मौजूद है। पता चलता है कि रामेश्वर ‘एक्स सर्विसमैन’ कोटे से शिक्षामित्र बने हैं। मतलब वे फौज में भी नौकरी भी कर चुके हैं। FIR कराने वाले DIOS ही तोड़ रहे नियम कहानी साल- 2018 से शुरू होती है। बलिया में 2018 से 2022 के बीच जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) रहे रमेश सिंह ने माध्यमिक विद्यालयों और संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में चपरासी, बाबू, टीचर के 179 पदों पर नियुक्तियां कीं। इनमें कई रसूखदारों के बेटे और रिश्तेदार शामिल थे। गैर अनुदानित संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों को संलग्नक दिखाकर सहायक शिक्षकों भी भर्ती कर दी। फिर ट्रेजरी से वेतन भी जारी करा दिया। 5 जुलाई, 2024 को देवेंद्र कुमार गुप्ता DIOS बने, तो उन्होंने जुलाई में ही इन 179 फर्जी नियुक्ति पाए लोगों का वेतन रोक दिया। साथ ही, 9 सितंबर को चिट्ठी लिखकर इसकी सूचना उस वक्त के अपर मुख्य सचिव (ACS) को दी। उन्होंने लिखा था- रमेश सिंह ने चपरासियों की भर्ती के संबंध में लागू आउटसोर्सिंग नियम के बावजूद बैकडेट दिखाकर स्थायी नियुक्ति की है। देवेंद्र गुप्ता ने 179 फर्जी नियुक्ति से जुड़ी फाइल गायब कराने के मामले में फरवरी, 2025 में बलिया कोतवाली में FIR दर्ज करा दी। इसमें पूर्व DIOS रमेश सिंह, उनके सहायक संजय कुमार कुंवर, सीनियर असिस्टेंट अजय सिंह, उर्दू अनुवादक मुहम्मद मैनुद्दीन और हेड क्लर्क शिवानंद तिवारी को आरोपी बनाया गया। इसके बाद सभी 179 लोग वेतन रोके जाने के मामले में कोर्ट में चले गए। हाईकोर्ट ने 8 जनवरी, 2026 को मामले की जांच और भुगतान करने का आदेश दे दिया। इसकी आड़ लेकर मौजूदा DIOS देवेंद्र कुमार गुप्ता ने मार्च, 2026 तक सभी 179 लोगों का वेतन और एरियर्स मद में 45 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया। हाईकोर्ट ने समिति बनाकर जांच कराने का आदेश दिया इस मामले से जुड़ी 27 याचिकाएं हाईकोर्ट में पहुंचीं। हाईकोर्ट ने 8 जनवरी, 2026 को 179 फर्जी नियुक्तियों की जांच के लिए समिति बनाने का भी आदेश दे दिया। कहा था- नियुक्ति पर विवाद है और वेतन सरकारी ट्रेजरी से जा रहा है। ऐसे में यह अहम हो जाता है कि समिति बनाकर जांच कराई जाए। आदेश में यह भी कहा गया था कि जो भी वेतन जारी किया जा रहा, उसकी भी जांच होगी। गड़बड़ी मिलने पर भुगतान की वसूली होगी। समिति में माध्यमिक शिक्षा निदेशक, वित्त नियंत्रक और बलिया, आगरा, आजमगढ़ और मऊ के जिला विद्यालय निरीक्षकों को शामिल करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि समिति सभी प्रबंध समिति और इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को नोटिस देकर नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज मांगेगी। इसके लिए 3 सप्ताह का समय दिया गया था। कॉलेजों को नोटिस मिलने के 2 सप्ताह के अंदर दस्तावेज सौंपने थे। दस्तावेजों की जांच में जरूरत पड़ने पर CBCID के इंस्पेक्टर जनरल (IG) की मदद लेने का भी आदेश था। समिति को दस्तावेज मिलने के 4 सप्ताह बाद अपनी रिपोर्ट तैयार करनी थी। इसके आधार पर शिक्षा निदेशालय को फैसला करना था कि 179 कर्मचारियों की नियुक्ति वैध है या अवैध? हाईकोर्ट के आदेश पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने 4 फरवरी, 2026 को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई। 5 फरवरी को बलिया DIOS देवेंद्र गुप्ता से 179 नियुक्तियों से जुड़े दस्तावेज और उनकी रिपोर्ट मांगी थी। जो बलिया DIOS की ओर से आज तक नहीं भेजी गई है। इसके चलते जांच पूरी नहीं हो सकी है। 2025 में बनी SIT की जांच का भी अता-पता नहीं इससे पहले 20 जनवरी, 2025 को विशेष सचिव योगेश कुमार ने बलिया, आगरा, आजमगढ़ और जौनपुर के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक और संस्कृत विद्यालयों में हुई फर्जी नियुक्तियों की जांच के लिए दो सदस्यीय SIT बनाई थी। इसमें स्कूल शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा और CBCID के IG एम राजेश कुमार शामिल थे। साथ ही अपर मुख्य सचिव (माध्यमिक शिक्षा) को निर्देश दिए गए थे कि वे फर्जी नियुक्ति वाले सभी लोगों के दस्तावेज SIT को उपलब्ध कराएं। बलिया के शिक्षा माफिया ने इस SIT की जांच रुकवाने के लिए हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में रिट दाखिल कर दी। तब विशेष सचिव योगेश कुमार ने कोर्ट में दिए हलफनामे में कहा था कि SIT जांच पूरी करने के बहुत करीब है। इस पर कोर्ट ने SIT जांच जारी रखने और बलिया समेत चारों जिलों की जांच के आदेश दिए थे। हालांकि, इसके बाद एक साल से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद भी SIT की जांच रिपोर्ट का अता-पता नहीं है। ACS ने भुगतान पर रोक लगाई, DIOS ने जारी कर दिए ₹45 करोड़ तत्कालीन अपर शिक्षा निदेशक सुरेंद्र कुमार तिवारी ने 13 फरवरी, 2026 को बलिया में फर्जी नियुक्त 179 कर्मियों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद DIOS देवेंद्र गुप्ता ने मार्च में सभी 179 कर्मचारियों के वेतन के तौर पर 45 करोड़ रुपए जारी कर दिए। जवाब में कहा कि हाईकोर्ट की ओर से अवमानना नोटिस जारी होने के आधार पर वेतन का भुगतान किया गया। जबकि अवमानना याचिका में कोर्ट को पूरे मामले से अवगत कराना चाहिए था, जो नहीं कराया गया। डीएम की अनुशंसा के बावजूद बलिया में तैनात हैं देवेंद्र बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने DIOS देवेंद्र गुप्ता की तरफ से वेतन भुगतान आदि को लेकर शासन को एक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने 31 मई को देवेंद्र गुप्ता के रिटायरमेंट को देखते हुए उन्हें निदेशालय से अटैच करने की अनुशंसा की थी। इसके बावजूद देवेंद्र बलिया में ही जमे हैं। आरोप है कि रिटायरमेंट से पहले वे 25% कमीशन लेकर 179 कर्मियों का एरियर भुगतान कर रहे हैं। इसके कई ऑडियो भी वायरल हैं। मामले में महाराजगंज जिले के फरेंदा से कांग्रेस विधायक वीरेंद्र चौधरी ने 6 अप्रैल, 2026 को सीएम योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है। 179 पदों पर रसूखदारों के करीबियों को भी बांटी नौकरी भुगतान घोटाला पार्ट-2 में कल पढ़िए- बलिया DIOS के नाम पर वसूली का खेल चला। एरियर भुगतान के एवज में 25% कमीशन वसूला जा रहा था। बलिया DIOS जांच कमेटी की बैठक में दलालों को लेकर निदेशालय पहुंच गए थे। ————————- ये खबर भी पढ़ें… 20 हजार शिक्षक-अनुदेशकों की भर्ती होगी- योगी का ऐलान, लखनऊ में CM ने 24 हजार अनुदेशकों को बढ़ी सैलरी का चेक दिया सीएम योगी ने रविवार को लोकभवन में 24 हजार 717 अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय का चेक दिया। सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से उनका मानदेय 9 हजार रुपए से बढ़ाकर 17 हजार किया है। कार्यक्रम में सीएम योगी ने शहरी स्कूलों में 20 हजार नए शिक्षक और अनुदेशकों की भर्ती का ऐलान किया। कहा, 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती के लिए डिमांड की जा चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…

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