पेट्रोल-डीजल ₹4 महंगा हुआ तो ₹1000 तक बढ़ा घर खर्च:बिहार में सोना, दूध, खाना-LPG सब महंगा, ईरान संकट से अभी और कितनी बढ़ेगी महंगाई

पेट्रोल-डीजल की बढ़ी हुई कीमत और रुपए की वैल्यू अब तक के सबसे निचले स्तर (96.83 रुपए प्रति डॉलर) पर पहुंचने के चलते महंगाई बढ़ गई है। इसका असर खाने के प्लेट तक पहुंच गया है। औसतन हर परिवार पर करीब 1000 रुपए महीने का खर्च बढ़ा है। चावल, दाल, दूध से लेकर तेल तक की कीमत बढ़ी है। डीजल की कीमत बढ़ने से माल ढुलाई बढ़ी है। इससे आने वाले दिनों में और कीमतें बढ़ने की संभावना है। पटना में महंगाई कितनी बढ़ी है? आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल होने वाले सामानों की कीमत कितनी बढ़ी है? यह जानने के लिए हम मीठापुर मंडी, बाजार समिति और चितकोहरा बाजार गए। पढ़िए खास रिपोर्ट…। पहले जानिए क्यों बढ़ी महंगाई पांच दिन में पेट्रोल-डीजल की कीमत 4 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ी है। डीजल की कीमत बढ़ने से माल ढुलाई खर्च बढ़ा है। इससे अनाज से लेकर फल, सब्जी तक सभी सामान की कीमत अधिक हुई है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही लड़ाई के चलते पहले से गैस संकट है। CNG की कीमत 2 रुपए प्रति किलो तक बढ़ी है। यह 79.09 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। दूध के दाम 2 रुपए प्रति लीटर बढ़े
14 मई को अमूल और मदर डेयरी ने दूध के दाम 2 रुपए प्रति लीटर बढ़ाए थे। अमूल का फुल क्रीम मिल्क 68 से 70 रुपए लीटर हो गया। ऐसे ही मदर डेयरी का फुल क्रीम दूध 70 से 72 रुपए प्रति लीटर हुआ। अब सुधा डेयरी ने भी दूध के दाम 2 रुपए बढ़ा दिए हैं। फुल क्रीम मिल्क (गोल्ड) के लिए प्रति लीटर 67 रुपए देने होंगे। सुधा शक्ति 57 रुपए के बजाय 59 रुपए प्रति लीटर मिलेगा। गाय के दूध की कीमत 54 रुपए से बढ़कर 56 रुपए हो गई है। कंपनियों के मुताबिक, गाय-भैंस को दिए जाने वाले चारे, पैकेजिंग और ईंधन की लागत बढ़ने से दूध के दाम बढ़ाए गए हैं। सोना-चांदी के गहने महंगे हुए 13 मई को केंद्र सरकार ने सोने और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया। इसे 2024 के बजट में 15% से घटाकर 6% किया गया था। इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने से सोना-चांदी की कीमत बढ़ी है। 10 ग्राम सोना की कीमत 1.60 लाख रुपए और 1 किलो चांदी की कीमत 2.85 लाख रुपए है। 22 कैरेट सोना की कीमत 14,660 रुपए प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोना की कीमत 11,995 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। सोना-चांदी की कीमत बढ़ने गहनों की बिक्री घट गई है। बेटे-बेटी की शादी करने वाले परिवारों की परेशानी अधिक बढ़ी है। गहने की कीमत बढ़ने से बजट बिगड़ रहा है। अब जानिए दाम बढ़ने से आम आदमी पर कितना बोझ बढ़ा है? बढ़ी हुई महंगाई के चलते लोगों के लिए अपने परिवार का पेट भरने की लागत बढ़ गई है। चावल, दाल, तेल और मसाले सभी किराना सामानों की कीमत 2 से 5 रुपए प्रति किलो या इससे भी अधिक बढ़ी है। Header- किराना के सामान की कीमत कितनी बढ़ी? एक परिवार पर कितना बोझ बढ़ेगा? अगर आप महीने में 30 लीटर पेट्रोल खर्च करते हैं तो 4 रुपए प्रति लीटर कीमत बढ़ने से महीने का खर्च 120 रुपए बढ़ जाएगा। ऐसा ही डीजल के मामले में होगा। हर महीने 30 किलो CNG खरीदते हैं तो महीने का 60 रुपए खर्च बढ़ेगा। अगर आपके घर में रोज 2 किलो दूध खर्च होता है तो महीने में 120 रुपए ज्यादा लगेंगे। अगर मध्यम वर्गीय परिवार में छह लोग हैं तो एक महीने में सिर्फ राशन पर करीब 500 रुपए अधिक खर्च होंगे। इसमें पेट्रोल, तेल, साबुन, फल और दूसरी चीजों को जोड़ दें तो हर महीने के कुल खर्च में करीब 1000 रुपए वृद्धि होगी। CNG की कीमत बढ़ने से ऑटो-रिक्शा का किराया बढ़ेगा। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से कैब का किराया बढ़ेगा। ईंधन की कीमत बढ़ने से पहले फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन और फिर ट्रांसपोर्टेशन महंगा होगा। कपड़े, जूते, बर्तन, फर्नीचर हर चीज पर इसका असर पड़ेगा। माल ढुलाई खर्च बढ़ने से 10% और ज्यादा महंगी होंगी खाने-पीने की चीजें
डीजल की कीमत बढ़ने से माल ढुलाई की लागत बढ़ी है। इसके चलते आने वाले दिनों में खाने-पीने के सामानों की कीमत 10% से ज्यादा बढ़ने की संभावना है। पहले कोलकाता से सामान मंगाने पर 170 रुपए प्रति क्विंटल किराया लगता था। अब 220-225 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। मध्य प्रदेश से माल ढुलाई 190 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़कर 240 रुपए प्रति क्विंटल हो गई है। महाराष्ट्र से माल ढुलाई 300 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़कर 340 रुपए प्रति क्विंटल हो गई है। दुकानदार-ट्रांसपोर्टर बोले- माल ढुलाई की लागत बढ़ी, आगे और बढ़ेगी कीमतें मीठापुर के किराना दुकानदार राकेश कुमार ने कहा, ‘पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने का असर माल ढुलाई की लागत पर पड़ेगा। प्लांट में भी डीजल की जरूरत पड़ती है। इसलिए सामानों की कीमत पर असर पड़ना तय है।’ पटना फूड मर्चेंट एसोसिएशन के शमशाद ने कहा, ‘महंगाई का असर फलों के कारोबार पर पड़ रहा है। किराया बढ़ गया है। मार्केट गिर गया है। 15-20 दिन पहले रोज 12 गाड़ी सेब बेचता था, अभी दो-तीन गाड़ी ही बिक रही है। एक गाड़ी में 900-1000 बॉक्स होते हैं। एक बॉक्स में 15 किलो सेब आता है।’ एसएमजी ट्रांसपोर्ट के मैनेजर दीपक कुमार ने कहा, ‘डीजल की कीमत बढ़ने का असर ट्रांसपोर्ट के कारोबार पर पड़ रहा है। हम पर कई तरह से महंगाई का दबाव है। आने वाले समय में भाड़ा बढ़ सकता है। सभी ट्रांसपोर्ट्स परेशानी का सामना कर रहे हैं।’ पटना के केसरी नगर में भूंजा दुकान चलाने वाले अनिल कुमार ने कहा, ‘होलसेल में पहले मिक्चर 130 रुपए किलो था। अब 140 रुपए किलो हो गया है। चना का भूंजा 120 से 130 रुपए किलो और मकई का भूंजा 70 रुपए से 80 रुपए किलो हो गया है। सत्तू की कीमत 120 रुपए किलो से बढ़कर 130 रुपए किलो हो गई है। चितकोहरा बाजार में खरीददारी करने आईं सुषमा ने कहा, ‘सभी चीजों की महंगाई है। तेल कुछ महंगा हुआ है, मसाला ज्यादा महंगा हुआ है। दाल-चावल भी महंगा हुआ है। पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ी है तो सभी सामान महंगे होंगे ही।’ अभी 4 और चीजों के दाम बढ़ सकते हैं… 1. पेट्रोल-डीजल 13-14 रुपए और महंगा हो सकता है युद्ध से पहले 27 फरवरी को कच्चा तेल 67 डॉलर प्रति बैरल था, जो इस वक्त 107 डॉलर पहुंच गया है। यानी करीब 60% की बढ़ोत्तरी। लेकिन इस बीच पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े। 2. खाने का तेल 5% महंगा हो सकता है 3. रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों के दाम 10% तक बढ़ सकते हैं अभी साबुन, शैंपू और बिस्किट जैसी रोजमर्रा की चीजों के दाम स्थिर हैं। लेकिन नेस्ले, ब्रिटैनिया, ITC जैसी बड़ी FMCG कंपनियां लागत बढ़ने की बात कर रही हैं। 4. दवाइयां और मेडिकल डिवाइस के दाम बढ़ सकते हैं

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