जलंधर के न्यू राजा गार्डन मिठापुर के हॉकी ग्राउंड में हॉकी प्लेयर मनदीप सिंह के पिता और स्थानीय बच्चों के बीच हुई बहस और धक्का मुक्की का मामला पुलिस कमिश्नर के पास पहुंच गया है। मोहल्ले के लोगों ने इसे लेकर लिखित शिकायत कमिश्नर पुलिस को भेजी है। शिकायत में आरोप लगाए गए हैं कि जब मोहल्ले के 10 से 16 साल के बच्चे केपी स्टेडियम मिठापुर में खेल रहे थे, तब रविंदर सिंह ढिल्लों, कुलदीप सिंह, सरबजीत सिंह और उनके साथियों ने वहां आकर बच्चों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की, उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए आगे से स्टेडियम में न आने को कहा और उनके फोन छीनकर तोड़ दिए। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ये व्यक्ति अक्सर वहां सैर करने आने वालों पर गलत टिप्पणियां करते हैं और इस घटना के दौरान वे बच्चों द्वारा पैसे इकट्ठा करके खरीदे गए खेल के सामान को भी छीनकर ले गए। लोगों ने पुलिस से इन आरोपियों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि भविष्य में बच्चों के किसी भी जान-माल के नुकसान के जिम्मेदार यही लोग होंगे। बता दें कि हॉकी टीम इंडिया के खिलाड़ी और ओलंपियन मनदीप सिंह के पिता रविंदर सिंह बच्चों से उलझकर विवादों में घिर गए हैं। गुरुवार 21 मई को केपी स्टेडियम में बच्चों के साथ उनकी हाथापाई का एक वीडियो सामने आया था। इस मामले में युवक वरुण ने कहा कि वह स्टेडियम में वॉलीबाल खेलने के बाद भागदौड़ कर रहे थे। इस दौरान रविंदर सिंह (भोला पाजी) आए और वह उन्हें डांटने लगे। इस दौरान एक बच्चे के साथ हाथापाई हो गई। लोग बोले-बच्चे यहां नहीं तो कहां खेलें
इस मामले को लेकर बच्चों के पिता और इलाका निवासियों ने विरोध किया और पूछा कि बच्चे यहां ना खेले तो कहां खेले। मामले को लेकर थाना 7 में शिकायत दे दी गई है। मामले को लेकर धैर्य ने कहा कि केपी स्टेडियम नगर निगम का है और स्टेडियम की कमेटी का मनदीप प्रधान भी नहीं है, वह सिर्फ कमेटी का मेंबर है, बावजूद इसके वह खेलने से मना कर रहे हैं। आरोप हैकि कुछ समय पहले स्टेडियम में सैर करने के लिए 200 रुपए चार्ज भी लगाए थे।
रविंदर सिंह बोले-बच्चों ने ताला तोड़ा, रोकने पर गालियां निकालीं
मनदीप के पिता रविंदर ने अपनी सफाई में कहा कि मैदान के पास ही कार पार्किंग की जगह है, जहां कुछ बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे। जब उन्हें वहां खेलने से मना किया गया, तो बच्चों ने विरोध शुरू कर दिया। रविंदर का आरोप है कि बच्चों द्वारा वहां का ताला भी तोड़ा गया। रविंदर सिंह ने आगे बताया कि जब उन्होंने ताला तोड़ने को लेकर बच्चों से पूछताछ की, तो लड़कों ने उनके साथ गाली-गलौज की। इसी बात पर उन्होंने बच्चों को पकड़कर सिर्फ समझाने की कोशिश की थी, लेकिन किसी ने इस घटना का अधूरा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर गलत तरीके से वायरल कर दिया।