बिहार के 3 हस्तियों को पद्मश्री:लोक नृत्य गुरु विश्वबंधु और कृषि वैज्ञानिक डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी को मरणोपरांत मिला सम्मान

बिहार की 3 बड़ी हस्तियों को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। इनमें लोक नृत्य गुरु विश्वबंधु, भोजपुरी लोक संगीत के दिग्गज भरत सिंह भारती और कृषि वैज्ञानिक डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी शामिल हैं। राष्ट्रपति भवन में कार्यक्रम चल रहा है। इसमें द्रौपदी मुर्मू सभी सम्मानित लोगों या उनके परिजन को पुरस्कार दे रही हैं। लोक नृत्य गुरु विश्वबंधु और प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी का निधन हो चुका है। इन दोनों को मरणोपरांत पद्मश्री मिला है। वहीं भोजपुरी लोक संगीत के दिग्गज भरत सिंह भारती को भी पद्मश्री सम्मान मिला है। अब जानिए कौन हैं तीनों हस्तियां 1. विश्वबंधु विश्वबंधु बिहार के प्रसिद्ध लोक नृत्य कलाकार थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन भारतीय नृत्य और संस्कृति को आगे बढ़ाने में लगा दिया। वे एक बेहतरीन नर्तक, कोरियोग्राफर और गुरु थे। उन्होंने लोक नृत्य को सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज और संस्कृति से जोड़ने का काम किया। उन्होंने बिहार की प्रसिद्ध सांस्कृतिक संस्था सुरांगन की स्थापना की, जहां सालों तक लोगों को मुफ्त में नृत्य सिखाया गया। उनके नृत्य में लोक जीवन, भारतीय परंपरा और आधुनिक सोच का सुंदर मेल देखने को मिलता था। विश्वबंधु ने देश-विदेश में 6 हजार से ज्यादा मंचों पर प्रस्तुति दी और बिहार की संस्कृति को पहचान दिलाई। उनके योगदान के लिए उन्हें कई बड़े सम्मान भी मिले। 30 मार्च 2015 को उनका निधन हो गया। 2. भरत सिंह भारती भरत सिंह भारती भोजपुरी लोक संगीत के बहुत बड़े कलाकार और शिक्षक माने जाते हैं। उन्होंने भोजपुरी लोकगीत, भजन, कजरी, होली और देवी गीत जैसी लोक परंपराओं को बचाने और आगे बढ़ाने में बड़ा योगदान दिया। वे बचपन से ही संगीत से जुड़े थे और हारमोनियम, तबला, बांसुरी, ढोलक जैसे कई वाद्य यंत्र बजाने में माहिर थे। आकाशवाणी पटना और दूरदर्शन के माध्यम से उन्होंने भोजपुरी संगीत को घर-घर तक पहुंचाया। उन्होंने संगीत सिखाने के लिए संस्थान भी खोले, जहां हजारों युवाओं ने प्रशिक्षण लिया। उनके कई गीत आज भी भोजपुरी समाज में बहुत लोकप्रिय हैं। संगीत के क्षेत्र में लंबे योगदान के लिए उन्हें कई बड़े पुरस्कार मिले, जिनमें संगीत नाटक अकादमी अमृत पुरस्कार भी शामिल है। 3. डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी बिहार के प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक थे और राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के कुलपति भी रह चुके थे। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने और खेती को बेहतर बनाने के लिए कई नए प्रयोग किए। उन्होंने ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मापने के लिए “त्रिवेदी स्केल” तैयार किया, जिसे देश-विदेश में पहचान मिली। उन्होंने किसानों को नई तकनीक से खेती करने के लिए प्रेरित किया, जिससे उत्पादन बढ़ा और किसानों को ज्यादा फायदा हुआ। डॉ. त्रिवेदी ने मछली आधारित खेती, लीची उत्पादन और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा दिया। वे गांव और किसानों से हमेशा जुड़े रहे। कृषि क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले। 12 मई 2026 को उनका निधन हो गया।

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