गंगा दशहरा पर वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या सहित प्रदेश में कई जगह घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। मंगलवार सुबह से ही स्नान, पूजा और दान का सिलसिला जारी है। काशी में भी गंगा घाटों पर अब तक 1 लाख से अधिक श्रद्धालु डुबकी लगा चुके हैं। काशी के अस्सी घाट पर मां गंगा को 25500 फीट की चुनरी चढ़ाई गई। प्रयागराज में संगम पर हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद सूर्य को अर्घ दिया। अयोध्या के सरयू घाट पर भी सुबह से श्रद्धालु पहुंचे और दान पुण्य कर आस्था में सराबोर नजर आ रहे हैं। आज शाम काशी में विशेष गंगा आरती होगी। इसके बाद घाटों पर दीप सजाए जाएंगे। आज पूरा माहौल देव दिवाली जैसा रहेगा। ज्योतिषाचार्यो के अनुसार अधिकमास यानी पुरुषोत्तम मास में आठ साल बाद गंगा दशहरा का महापर्व मनाया जा रहा। ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को वृषभ लग्न और हस्त नक्षत्र में मां गंगा के अवतरण का उत्सव भक्त मना रहे हैं। इसी नक्षत्र व लग्न में मां का अवतरण हुआ था। इसके साथ ही चार विशिष्ट योग और चार उत्तम मुहूर्त में गंगा मां का पूजन होगा जो सौ गुना फलदायी है। गंगा दशहरा पर मां गंगा के पूजन के विशिष्ट मुहूर्त बन रहे हैं। ब्रह्म मुहूर्त (स्नान के लिए) सुबह 4:04 से 4:45 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त (पूजा के लिए) दिन में 11:51 से 12:46 बजे तक है। वैसे दिनभर पूजन के लिए शुभ है। 3 तस्वीरें देखिए… गंगा दशहरा से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…