वैभव ने क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा:IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा 65 छक्के लगाए; ईशान का नहीं चला बल्ला

IPL 2026 का दूसरा एलिमिनेटर मैच आज सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच खेला जा रहा है। न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादवेंद्र सिंह क्रिकेट स्टेडियम में हैदराबाद ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है। राजस्थान ने हैदराबाद को 244 रन का टारगेट दिया है। ईशान ने छक्के के साथ अपनी पारी की शुरुआत की। हालांकि, जोफ्रा आर्चर के दूसरी ओवर में वे फरेरा को कैच दे बैठे। ईशान ने 33 बनाए। उनकी पारी में 3 छक्के और 3 चौके शामिल हैं। इससे पहले वैभव सूर्यवंशी ने क्रिस गेल का एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के जमाने का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। गेल ने 2012 में 59 जमाए थे। सूर्यवंशी इस सीजन 65 छक्के जमा चुके हैं। उन्होंने 16 बॉल पर अर्धशतक लगाए। इस सीजन में उनके 600 रन भी पूरे हो गए हैं। सूर्यवंशी 97 रन बनाकर आउट हो गए। उन्होंने प्रफुल हिंगे की गेंद पर थर्ड मैन के ऊपर शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन आर स्मरण ने शानदार कैच पकड़ लिया। सूर्यवंशी ने सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 5 चौके और 12 छक्के शामिल रहे। वैभव के आउट होने के बाद ईशान किशन ने वैभव के पीठ थपथपाई। आज का मैच हैदराबाद और राजस्थान दोनों के लिए काफी अहम है। इस मुकाबले को हारने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी। आईपीएम में तीसरी बार बिहार के ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी आमने-सामने हैं। वैभव पहली बार एलिमिनेटर मैच खेल रहे हैं। क्रिस गेल बोले- मेरा रिकॉर्ड सिर्फ वैभव सूर्यवंशी ही तोड़ सकता था वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी देख वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल भी उनके मुरीद हो गए। इंडियन स्पोर्ट्स नेटवर्क के मुताबिक, गेल ने कहा, मैंने पहले ही कहा था कि अगर कोई मेरा रिकॉर्ड तोड़ सकता है, तो वह सिर्फ वैभव सूर्यवंशी ही होंगे। आज मुझे बेहद खुशी है कि वैभव सूर्यवंशी ने एक ही सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का मेरा रिकॉर्ड तोड़ दिया। महज 15 साल की उम्र में ऐसा करना आसान नहीं है और इतनी कम उम्र में दुनिया में किसी ने यह उपलब्धि हासिल नहीं की। वैभव सूर्यवंशी एक असाधारण प्रतिभा हैं। उनके जैसी प्रतिभा न सिर्फ मैंने, बल्कि मेरे जैसे कई खिलाड़ियों ने भी अपने जीवन में बहुत कम देखी है। बीसीसीआई को उनका खास ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि वह भारत के लिए भविष्य में बहुत बड़ी संपत्ति साबित हो सकते हैं। क्या निडर खिलाड़ी हैं। वैभव सूर्यवंशी Vs ईशान किशन वैभव राजस्थान के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ इसी सीजन में शतक लगाया था। वहीं, ईशान किशन के पास ऑरेंज कैप हासिल करने का अच्छा मौका है। इसके लिए उन्हें आज 83 रन की धमाकेदार पारी खेलनी होगी। वैभव 14 मैच में 334.48 के स्ट्राइक रेट से 680 रन बना चुके हैं। इनमें एक शतक के साथ 4 फिफ्टी शामिल हैं। उनकी पारी में 65 छक्के और 55 चौके शामिल हैं। साथ ही उन्होंने इस सीजन 1 शतक भी लगाए हैं। ईशान इस सीजन में 500 रन का आंकड़ा पार कर चुके हैं। उन्होंने 179.48 की स्ट्राइक रेट से खेलते 569 रन बनाए है। इस सीजन ईशान 6 अर्धशतक लगा चुके हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी मैच में उन्होंने शतक नहीं लगाया है। पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से ईशान किशन ने 91 और हेनरिक क्लासेन ने 40 रन बनाए थे। वहीं, दूसरे मैच में राजस्थान की तरफ से वैभव सूर्यवंशी ने 37 गेंद में 103 रन बनाए थे। इसके जवाब में सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से ईशान किशन ने 74 और अभिषेक शर्मा ने 57 रन की पारी खेली थी। इस सीजन में वैभव दो बार ऑरेंज कैप हासिल कर चुके हैं। अब ईशान किशन भी ऑरेंज कैप की रेस में शामिल हो गए हैं। ऑरेंज कैप में सबसे पहले नाम गुजरात टाइटंस की ओर से खेलने वाले साई सुदर्शन का है। वे 652 रन के साथ सबसे टॉप पर हैं। वहीं, वैभव इस लिस्ट में छठे और ईशान 7वें नंबर पर है। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलते हुए ईशान 83 रनों से अधिक की पारी खेलते हुए ईशान किशन ऑरेंज कैप अपने नाम कर लेंगे। वहीं, वैभव को ऑरेंज कैप की रेस में बने रहने के लिए 79 रन से ज्यादा की पारी खेलनी होगी। श्रीलंकाई कप्तान बोले- वैभव जैसा बच्चा आजतक नहीं देखा IPL 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले से पहले राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ी दासुन शनाका ने बिहार के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। शनाका ने कहा कि उन्होंने ड्रेसिंग रूम में वैभव जैसा “कूल” और संतुलित युवा खिलाड़ी पहले कभी नहीं देखा। इस सीजन वैभव सूर्यवंशी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दुनियाभर का ध्यान खींच चुके हैं। पिछले मैच में मुंबई इंडियंस के खिलाफ वह सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए थे, लेकिन उससे पहले लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 38 गेंदों में 93 रन की तूफानी पारी खेली थी। वैभव किस तरह सफलता और असफलता को संभालते हैं, इस सवाल पर शनाका ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी ताकत उनका शांत स्वभाव और प्रोफेशनल रवैया है। शनाका ने कहा, “वह बहुत प्रोफेशनल है। बात सिर्फ रन बनाने या फेल होने की नहीं है, बल्कि वह प्रैक्टिस में क्या करता है और ड्रेसिंग रूम में कैसे व्यवहार करता है, यही सबसे खास है। वह बहुत कूल है। मैंने ड्रेसिंग रूम में उसके जैसा बच्चा नहीं देखा। सीनियर खिलाड़ी अक्सर नए खिलाड़ियों पर दबाव डालते हैं, लेकिन यह लड़का बेहद शांत रहता है। मुझे उसका चीजों को संभालने का तरीका बहुत पसंद है। चाहे वह रन बनाए या फेल हो जाए, वह बिल्कुल नेचुरल रहता है। उसमें काफी क्षमता है और आगे उससे बहुत अच्छी चीजें देखने को मिलेंगी।”

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