पंजाब में निकाय चुनाव के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और पुलिस अधिकारियों के बीच हुई बहस और हाथापाई के मामले पर सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि केंद्रीय राज्यमंत्री ने पुलिस को अपशब्द कहे। उन्होंने पुलिस को दल्ला तक कहा। पुलिसकर्मियों का गिरेबान पकड़ा। यहां तक की लेडी SSP को धमकाया। वहीं कांग्रेस ने दावा किया कि बिट्टू ने इंस्पेक्टर का गिरेबान पकड़ा। वहीं, BJP की दलील है कि Z+ सिक्योरिटी वाले व्यक्ति के प्रोटोकॉल में चूक हुई है। बिट्टू ने क्या कहा- प्वाइंटों में जानिए मंगलवार को बिट्टू अपने समर्थकों सहित धूरी पहुंचे थे। इस दौरान पुलिस अधिकारी और मीडिया के सामने पुलिस मुलाजिमों को कहा कि आज आपके एसएसपी कह रहे हैं कि हमें नियम नहीं पता। आपका ही आदमी रिकॉर्ड कर रहा है। इस पर एसएसपी ने मैं सुधारना चाहता हूं कि मैंने क्या बोला था। इस पर बिट्टू ने एक मुलाजिम को कहा कि तुम एसएसपी के सामने भी जवाब दे रहे हो। मुझे समझ नहीं आता कि एक एसएसपी खड़ी है और तुम उनसे भी बड़े बन रहे हो। एसएसपी ने कहा कि मैंने कहा था कि मुझे नियम पता थे। इस पर बिट्टू ने कहा कि मैं सात घंटे से आपकी बात मान रहा हूं। अब क्या मैं भगवंत मान को वहां से ढूंढकर लाऊंगा? अगर एक आम नागरिक सड़क पर जा सकता है, तो मैं भी जा सकता हूं। चाहे बस में जाऊं या ट्रैक्टर पर। हमने सोचा कि 5 बजे वोटिंग बंद हो गई तो चलें। चुनाव आयोग और कोर्ट ने आप पर अफसर इसीलिए लगाए हैं, क्योंकि आपने जो किया… मेरे बाद भगवंत मान आपको क्या देगा? मारपीट और गिरफ्तारी के आरोप बिट्टू ने कहा कि यह 4 महीने का सीएम है। एक मंत्री आपसे आकर लड़ेगा। मैं यहां 7 घंटे बैठा रहा, क्या किसी और के साथ ऐसा होता है? आप लोग अंदर डंडे मार लेते हो, सड़क पर नहीं मार सकते। एक नेता ने आरोप लगाया कि छह-सात पुलिस वालों ने मुझे वहां पीटा, पांच-छह लोग थे। इसकी वीडियो बनी है। एक पुलिसवाले ने महिला को हाथ लगाया। इस पर बिट्टू ने कहा, “AAP सरकार के नौकर हो, आपको वेतन मिलता है। आपका काम गुंडागर्दी करना है?” इस पर पुलिस मुलाजिम ने कहा कि हम तो सेवा में लगे हैं। इस पर बिट्टू ने कहा कि “पीछे से आकर तुम मेरी बांह मरोड़ रहे हो। तुम वर्दी में गुंडे हो। तुम कौन हो, पहले यह बताओ? हमें क्या पता तुम कर्मचारी हो, हमें तो तुम गुंडे लग रहे हो। तुम सिविल कपड़ों में यहां क्या कर रहे हो?” प्रशासन और सरकार पर निशाना आपका हंसना दुनिया को बेवकूफ बनाता है। मुलाजिम ने कहा कि हम गवर्नर राज के समय के भर्ती हैं। हमने आतंकवाद का समय देखा है। इस पर बिट्टू ने कहा, “ओंकार सिंह को लेकर क्या अपडेट है? उन्हें छुड़ाने के लिए ही ये सब कर रहे हैं। वे उसे मारपीट रहे हैं। जो सड़क पर गुंडागर्दी कर रहे हैं, वे उसके साथ क्या कर रहे होंगे? ये भगवंत मान के गुंडे हैं या सुखबीर के? भगवंत मान ने मुझे तीन बार जेल भेजा है। भाजपा के कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं।” आप यहां वही कर रहे हैं, जो पश्चिम बंगाल में होता है। जिले में तो रंग लगे हैं, कहीं गोली चल रही है, कहीं AK-47 चल रही है। इनसे ग्रेनेड और लॉन्चर नहीं रुकते, ये बस आम लोगों पर जोर आजमाते हैं। पोलिंग बूथों के अंदर 300 गुंडे बैठे थे। शर्म नहीं आती? तुम अपनी सरकार वालों के सामने सलाम ठोकते हो। एक शराबी के कहने पर तुम यह सब कर रहे हो। सड़क जाम और नशे का मुद्दा बिट्टू ने कहा कि पुलिस वालों ने सिविल ड्रेस में गुंडागर्दी की है। यह सड़क हमारे लिए कैसे बंद हो सकती है? बसें और ट्रक निकल रहे हैं। अपना जोर चिट्टा (नशा) बेचने वालों और गैंगस्टरों पर दिखाओ। तुम्हारे थाने में कितने कत्ल होते हैं और चिट्टे के कितने केस दर्ज हैं? बसों में बच्चे और लड़कियां बैठी हैं, उन्हें तो जाने दो। इन्हें कोई शर्म नहीं है। हमारा खून का रिश्ता है (ओंकार सिंह के साथ), हमें भी साथ ले जाओ। हम तुम्हारे पर्चों (केस) से नहीं डरते, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से बेल (जमानत) करा लेंगे। मेरी उम्र 52 साल है, अब मुझसे भागा नहीं जाता। “ये सरकारी गुंडे हैं और सरकार की कठपुतली बने हुए हैं। जब किसानों का डंडा चलता है और निहंग सिंहों का ‘बाटा’ फिरता है, तब देखा करो ये कैसे भागते हैं।” ओंकार सिंह को छोड़ दो मेरी पहली बात यही थी कि ओंकार सिंह को छोड़ दो। प्यार से छोड़ दो या धक्के से। जब पुलिस सामने आएगी, तभी बात बनेगी। ओंकार सिंह को पुलिस ने ही उठाया है और पुलिस ही छोड़ेगी। ये पुलिस वाले गुलाम हैं, कोई एसडीएम या डीसी सामने नहीं आएगा। या तो मुझ पर पर्चा दर्ज करके जेल में डालो, या जो गलत काम कर रहे हो, उसे सही करो। “मैं सुबह 6 बजे मन बनाकर आया था कि आज खाकी (पुलिस) के साथ टकराना ही है।” हम कोई नकली वोट डालने या मारपीट करने नहीं आए। हमने 5 बजे तक इंतजार किया। आम जनता को क्यों रोका गया है, इसके जिम्मेदार आप हो। मैं अकेला हूं या हमारे साथ दो-चार लोग हैं, और ये हमसे डरे हुए हैं। दरअसल इनका मुख्यमंत्री डरा हुआ है। हमने कौन सी समस्या खड़ी की है? हम 5 बजे के बाद अपने रास्ते जा रहे थे और इन्होंने रोक लिया। हमारे मुख्य नेता को इन्होंने सुबह ही उठा लिया था। “हम भाजपा कार्यकर्ता को छोड़कर नहीं जाएंगे, चाहे ये हमें जेल ले जाएं। हम उसे साथ लेकर ही जाएंगे।” अरोड़ा बोले- केंद्रीय राज्यमंत्री ने कल गुंडागर्दी की पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा मैं आपके सामने यह तस्वीर रखना चाहता हूं कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता रवनीत सिंह बिट्टू के जरिए कल नगर निगम चुनावों के दौरान किस तरह कथित तौर पर गुंडागर्दी की। पूरे पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी ने साफ निर्देश दिए थे कि पूरे पंजाब में लोकतंत्र के इस मंदिर का चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से कराया जाए। लेकिन जब धूरी में हुआ है। वह बर्दाश्त से बाहर है। जो काम उन्होंने किया, उसका पूरा पंजाब निंदा कर रहा है। इस तरह गुंडागर्दी भारतीय जनता पार्टी की लंबे समय से कार्यशैली यही बन चुकी है कि हर चुनाव में वे कथित तौर पर गुंडागर्दी और मशीनरी के दुरुपयोग का सहारा लेते हैं। जैसा कि हमने हाल ही में बंगाल चुनावों में देखा, उसी तरह उन्होंने कथित तौर पर प्रक्रिया का दुरुपयोग किया और अब कल पंजाब में भी वही करने में कोई कसर नहीं छोड़ी…” पन्नू ने भी भाजपा को घेरा AAP नेता बलतेज पन्नू ने अलग-अलग प्रेस कांफेंस कहा कि कल पंजाब में नगर निगम (MC) के चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए, लेकिन कुछ पक्षों द्वारा इसे शांतिपूर्ण न रहने देने की पूरी कोशिश की गई। विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी के रवनीत सिंह बिट्टू ने कल जिस तरह का व्यवहार दिखाया, वह न केवल निंदनीय है, बल्कि एक उच्च पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह का व्यवहार किया जाना कई सवाल खड़े करता है। बिट्टू ने एक गुरसिख पुलिसकर्मी का कॉलर पकड़ा और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। मैं उन शब्दों का प्रयोग इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं करना चाहता, क्योंकि हम सभ्य लोग हैं और हमारे माता-पिता व शिक्षकों ने हमें दूसरों से सम्मानपूर्वक बात करना सिखाया है। पुलिस कमर्चारी के गले और दाढ़ी को हाथ लगाया कांग्रेस ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट डालकर लिखा कि आप सरकार की शह पर पुलिस द्वारा गुंडागर्दी करना और करवाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन उससे भी ज्यादा शर्मनाक है रवनीत बिट्टू द्वारा कानून अपने हाथ में लेकर एक पुलिस कर्मचारी के गले और दाढ़ी को हाथ लगाना। जो लोग संविधान और कानून की बातें करते हैं, वही अगर खुलेआम कानून का उल्लंघन करने लग जाएं, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत हैं। मंत्री के प्रति व्यवहार निंदनीय केंद्रीय राज्यमंत्री बिट्टू के प्रति पुलिस का व्यवहार बेहद निंदनीय है और यह राज्य के प्रशासनिक ढांचे की कार्यकुशलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त नेता कोई आम शख्सियत नहीं होता; ऐसे कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल बिना किसी कारण के नहीं बनाए जाते। इन अहम नियमों की घोर अनदेखी या उल्लंघन सीधे तौर पर प्रशासन की लापरवाही और तालमेल की भारी कमी को उजागर करता है। पंजाब जैसे बेहद संवेदनशील सीमावर्ती राज्य में संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की सुरक्षा के मामले में ऐसी बड़ी लापरवाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। बिट्टू का पलटवार: व्यक्तिगत हमले बंद करें, मुझसे निपटें रवनीत सिंह बिट्टू ने आम आदमी के नेताओं पर दोबारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आप यह व्यक्तिगत हमले किसी पर भी करना बंद करें और मुझसे निपटें। अगर किसी का भाई या बहन सरकारी नौकरी करता है, जैसा कि हर परिवार में होता है, तो उसकी अपनी एक अलग पहचान और निजी छवि होती है। गुरकबाल सिंह अपना जीवन और अपनी नौकरी कर रहे हैं, उनका इन बातों से कोई लेना-देना नहीं है। यह शहीदों के परिवारों के साथ हमेशा होता है; जिन्होंने बलिदान और शहादत दी है, उन्हीं के कारण आज आप पंजाब में चैन की सांस ले रहे हैं। पिता ने कनपटी पर हमला बोला
आपके पिता विधायक भगवान दास अरोड़ा एक अच्छे इंसान थे, लेकिन उन्होंने डिप्रेशन में जाकर अपनी कनपटी पर गोली मार ली थी, क्योंकि आप उस समय ट्रांसपोर्ट कारोबार को लेकर उन्हें परेशान करते थे। वह ट्रांसपोर्ट व्यवसाय आपकी माताजी के नाम पर था और आप अपने ससुराल वालों के हाथों में खेलने लग गए थे। अंत में एक पिता अपने बेटे की खातिर क्या नहीं करता, उन्होंने सारी ट्रांसपोर्ट आपके नाम कर दी। इसके बाद आप अपनी ही बहन और दीपा जी के घर पर कब्जा करने चले गए, जहां झगड़ा हुआ और आप पर धारा 452 का मामला दर्ज हो गया। अमन अरोड़ा खुद भगौडे है
अमन अरोड़ा जी, आप पुलिस की बात करते हैं, लेकिन आप तो खुद पुलिस से भगोड़े हैं और आपको दो साल की सजा हो चुकी है। अगर यह सजा बरकरार रहती है, तो आप न मंत्री रहेंगे, न संतरी। आपने अपने पिता के जाली हस्ताक्षर अपनी माता के दस्तावेजों पर किए, जिसके बारे में दीपा जी जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी।