हरियाणा में हांसी से BJP विधायक विनोद भयाणा को अपने ही हलके के ग्रामीणों का विरोध झेलना पड़ा। मामला था 68 करोड़ का भाखड़ा नहर प्रोजेक्ट शुरू करवाने का, जिसके विरोध में ग्रामीण गांव चनौत में दस दिन से धरना देकर बेठे है। ग्रामीण चाहते हैं कि भाखड़ा नहर का शुद्ध पानी लाने के लिए बने प्रोजेक्ट में से उनके गांव के लिए पेयजल व्यवस्था की जाए। मगर, सरकार इसकी मंजूरी नहीं दे रही। इसी धरने को विधायक खत्म कराने पहुंचे थे, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें ही खूब खरी खोटी सुना डाली। ग्रामीणों ने विधायक को दो टूक कहा कि अगर पानी मिलेगा तो ही उनको वोट देंगे। अगर पानी नहीं मिला तो पूरा गांव उनका विरोध करेगा। ग्रामीणों ने उन्हें एक-एक करके किए गए वादे पढ़कर सुनाए और कहा कि इनमें से एक भी पूरा नहीं हुआ। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ग्रामीणों के पास विधायक सिर झुकाए बैठे रहे। हालांकि, विधायक ने कहा कि यह मेरा विषय नहीं है, मैं इस बारे में सरकार से बात करूंगा। इसलिए धरने पर गए थे विधायक भयाणा दअरसल, भाखड़ा नहर का शुद्ध पानी लाने के लिए करीब ₹68 करोड़ की लागत से प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। यह प्रोजेक्ट तीसरी बार अटक गया है। चनौत गांव के ग्रामीणों के धरने के चलते पिछले 10 दिनों से प्रोजेक्ट रुका हुआ है। इससे पहले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से एनओसी न मिलने के कारण काम बाधित हुआ था। इसके बाद पिछले वर्ष तेज बारिश के कारण हांसी-बरवाला रोड पर हुए भारी जलभराव की वजह से काम रोकना पड़ा था। अब, चानौत गांव के ग्रामीणों के आंदोलन के कारण काम एक बार फिर बंद है। ये है ग्रामीणों की मांग चानौत गांव के ग्रामीण हांसी-बरवाला रोड के किनारे धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों की मुख्य मांग यह है कि इस पाइपलाइन प्रोजेक्ट के तहत उनके गांव के जलघर (वाटर वर्क्स) के लिए भी पेयजल का सीधा कनेक्शन दिया जाए, ताकि गांव को हमेशा के लिए पेयजल संकट से मुक्ति मिल सके। अगर ऐसा नहीं होता है तो वह प्रोजेक्ट शुरू नहीं होने देंगे। यहां जानिए ग्रामीणों ने विधायक से क्या-क्या कहा…