BJP विधायक बोले-मैंने जेल में जाट युवाओं को रुपए दिए:हिसार में आरक्षण आंदोलन के 26 युवकों का किस्सा सुनाया; बदले में चुनाव में मदद की

चरखी दादरी से BJP विधायक सुनील सांगवान ने 2016 में हुए जाट आरक्षण आंदोलन का एक किस्सा सुनाकर इसे फिर चर्चा में ला दिया है। मौका था हिसार में जाट सेवक संघ की ओर से UPSC अभ्यर्थियों के सम्मान समारोह का। यहां विधायक ने आंदोलन के वक्त युवाओं की गिरफ्तारी का किस्सा सुनाया। सांगवान ने बताया कि जिस वक्त यह आंदोलन हुआ, उस वक्त मैं झज्जर जेल में बतौर जेलर तैनात था। रात का वक्त था, जाट समाज के 26 युवाओं को जेल में लाया गया। उस समय जेल में खाना बन चुका था और कैंटीन से सामान खरीदने के लिए इनके पास पैसे नहीं थे। तब मैंने सोचा इनके घर वाले मिलने कैसे आएंगे, क्योंकि बाहर कर्फ्यू लगा हुआ था, रोड बंद थे। ऐसे समय में मैंने हर युवक के खाते में 5-5 हजार रुपए डलवाए थे। अगले दिन जब झज्जर से दलाल खाप के लोग उन युवकों से मिलने आए। उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर मिलने की इच्छा जताई तो मैंने मना कर दिया, क्योंकि जेल में माहौल बिगड़ने का डर था। इस पर मैंने एक शर्त रखी कि अगर युवकों से मिलना चाहते हो और सच में मदद करनी है तो उनके खाते में पैसे डलवाने पड़ेंगे। इसके बाद हर एक युवक से एक-एक व्यक्ति की जेल में मुलाकात करवाई। इसका फायदा मुझे चुनाव में मिला, जब उन युवाओं ने मुझे फुल सपोर्ट किया। विधायक बोले- चुनाव में युवा उनके लिए चट्‌टान बनकर खड़े हुए सांगवान ने भावुक होते हुए बताया कि मदद का सिलसिला सिर्फ जेल की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहा। जब वे युवा जेल से बाहर आए और वक्त बदला, तो उन्होंने उस मदद को भुलाया नहीं। जेल से बाहर आकर इन युवाओं ने पहले मेरे पिता सतपाल सांगवान और उनके बाद मेरे लिए चरखी दादरी विधानसभा चुनाव में चट्टान बनकर खड़े हो गए। भाजपा विधायक सुनील सांगवान के संबोधन की 3 बड़ी बातें… राम रहीम को 6 बार पैरोल-फरलो देकर चर्चा में आए सुनील सांगवान ने जेलर रहते हुए रेप और हत्या के मामले में सुनारिया जेल में बंद राम रहीम को 6 बार पैरोल व फरलो दी थी। दादरी से जब सुनील सांगवान को टिकट मिला था तो इस मामले ने तूल पकड़ा था। इसके बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा था- टिकट मिलने के बाद कांग्रेस ने मुझे बदनाम करने के लिए ये षडयंत्र रचा। मैंने 2019 में 2 बार और 2020 में भी एक बार राम रहीम की पैरोल एप्लीकेशन को रिजेक्ट किया था। रही बात 6 बार पैरोल देने की, तो हमारा काम उसकी चिट्‌ठी को आगे भेजना है। फैसला लेने का काम डिविजनल कमिश्नर का है। ————————— ये खबर भी पढ़ें… जाट नेता बोले-हमारी बिरादरी से CM न होने का फायदा:हरियाणा में समाज ने तरक्की की, अब ज्यादा नौकरियां मिल रही; पहले सत्ता के नशे में थे जाट नेता हवा सिंह सांगवान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि जब से हरियाणा में नॉन जाट मुख्यमंत्री बना है, तब से जाट समाज ने तेजी से तरक्की की है। उन्होंने कहा कि पहले जाट सत्ता के नशे में थे, जबकि अब वास्तविक धरातल पर आकर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। (पूरी खबर पढ़ें)

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