अमृतसर में आत्महत्या करने वाले वेयरहाउस के DM गगनदीप सिंह रंधावा के परिवार ने दो दिन पहले एक बार फिर इंसाफ की मांग दोहराई थी। परिवार के हक में अब केन्द्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू आए है। इस केस में बिट्टू की एंट्री अब हो गई है। बिट्टू ने पंजाब के अफसरों को चेतावनी देते हुए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। बिट्टू ने कहा कि यदि पुलिस ने लालजीत भुल्लर के पित और पीए को गिरफ्तार ना किया तो अधिकारियों की अपनी गद्दियां छोड़नी पड़ेगी। वह एक सप्ताह बाद कुछ बड़ा करेंगे। बिट्टू ने कहा कि मैं परिवार से मिला हूं। परिवार में छोटे बच्चे है। बुजुर्ग मां और रंधावा की पत्नी है। पूर्व मंत्री का पिता कोई मैराथान नहीं भाग रहा जो पुलिस से पकड़ा नहीं जा रहा। पुलिस आम आदमी पार्टी के मंत्रियों की करिंदा बनकर काम कर रही है। मैं प्रशासन के उन अधिकारियों से कहना चाहूंगा कि आप भी पंजाबी हो थोड़ा रहम करो। अपनी कुर्सियां बचाने के लिए गलत का साथ दे रहे हैं। बिट्टू ने कहा कि इंसाफ ना मिलने के कारण ही आज रंधावा का परिवार हाईकोर्ट जाने के लिए मजबूर हुआ है। दो दिन पहले रंधावा की पत्नी ने की थी प्रेस कॉन्फ्रेंस दो दिन पहले डीएम गगनदीप रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि हमें इंसाफ चाहिए। उनका कहना था कि उन्हें मजबूरी में दौबारा मीडिया के सामने आना पड़ा क्योंकि इतने दिनों बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप लगाया और कहा कि पहले उन्हें आश्वासन दिया गया था कि न्याय मिलेगा, लेकिन अब तक केवल बातें ही हुई हैं। CBI जांच और हाईकोर्ट जाने की घोषणा
परिवार ने अंत मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी CBI से कराने की मांग की हुई है। उनका कहना है कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते और निष्पक्ष जांच नहीं होती, वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और अब हम इस मामले में हाईकोर्ट का रुख करेंगे।