अखिलेश के बाद केशव-ब्रजेश अपनी झुलसीं विधायक से मिलने पहुंचे:4 दिन से मेदांता में भर्ती, सपा प्रमुख के पुतले में आग लगाते वक्त जली थीं

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव मंगलवार को अचानक मेदांता हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने वहां भर्ती भाजपा विधायक अनुपमा जायसवाल का हाल जाना। अखिलेश ने हाथ जोड़कर नमस्कार किया तो अनुपमा मुस्कराने लगीं। अखिलेश ने विधायक का इलाज कर रहे डाक्टरों से बात भी की। अखिलेश ने मुलाकात की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की। जिस पर एक शेर लिखा, ‘उनका जो फर्ज है, वो अहल-ए-सियासत जानें, मेरा पैगाम मोहब्बत है, जहां तक पहुंचे।’ अखिलेश के जाने के बाद कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर, डिप्टी सीएम केशव मौर्य, ब्रजेश पाठक, महामंत्री धर्मपाल सिंह, विधायक नीरज बोरा ने भी मुलाकात की। बहराइच से विधायक अनुपमा 25 अप्रैल को नारी वंदन अधिनियम संसद में गिरने के विरोध में अखिलेश यादव और राहुल गांधी का पुतला फूंक रही थीं, तभी झुलस गई थीं। 25 अप्रैल को उन्हें बहराइच से लखनऊ लाकर मेदांता अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इस घटना के तुरंत बाद अखिलेश ने X पर वीडियो पोस्ट किया था। लिखा था, ‘आग लगाने वाले सावधान रहें। आग लगाने वाली महिला की इलाज की व्यवस्था की जाए।’ 2 फोटो देखिए… अखिलेश ने कहा- राजनीति अपनी जगह, मानवीय संबंधों का महत्व अपनी जगह
सपा प्रमुख ने कहा, हम नहीं चाहते हैं कि समाज के बीच आग जले। हम चाहते हैं समाज में सौहार्द की फुहार हो। हमारी सकारात्मक राजनीति की स्वस्थ परंपरा ने हमें यही सिखाया है। इसीलिए हम भाजपा विधायक अनुपमा जायसवाल से मिलने गए। उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करके आए हैं। राजनीति अपनी जगह है और मानवीय संबंधों का महत्व अपनी जगह। सद्भाव बना रहे, सौहार्द बना रहे! सपा मीडिया सेल ने कहा- पीएम और सीएम को देखने जाना चाहिए था
इस मामले में सपा मीडिया सेल ने पीएम मोदी और सीएम योगी पर निशाना साधा। X पर लिखा, राजनैतिक दल भले ही अलग हों, विचारधारा अलग हो, लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव महिलाओं का सम्मान करने और सद्भाव में सबसे आगे हैं। भाजपा विधायिका अनुपमा जायसवाल सपा प्रमुख अखिलेश यादव का पुतला जलाते समय खुद जल गई थीं। उन्हें देखने, उनका कुशलक्षेम पूछने और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ सपा प्रमुख खुद मेदांता हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने अनुपमा से भेंट की, कुशलक्षेम पूछा, अच्छे स्वास्थ्य की कामना की और परिजनों से मुलाकात की। जबकि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ बिष्ट को अपनी विधायिका को देखने मिलने खुद जाना चाहिए था, लेकिन वे लोग बंगाल चुनाव में व्यस्त थे और विपक्ष को कोस रहे थे। महिला सुरक्षा और नारी वंदन का भाजपाई और समाजवादी पार्टी के बीच का अंतर स्पष्ट है। कैसे हुई थी घटना, सिलसिलेवार पढ़िए… बहराइच में 25 अप्रैल को दोपहर एक बजे भाजपा कार्यकर्ता नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। कार्यकर्ताओं ने जैसे ही पुतले में आग लगाई। लपटें भड़क उठीं और विधायक अनुपमा जायसवाल के चेहरे पर आ गईं। उनका चेहरा और सिर के बाल झुलस गए। मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों ने तुरंत कपड़े से आग बुझाई। विधायक को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से मेदांता भेज दिया गया। अनुपमा जायसवाल योगी सरकार के पहले कार्यकाल में करीब 2 साल बेसिक शिक्षा और महिला एवं बाल विकास मंत्री थीं। घटना की 3 तस्वीरें देखिए… वरिष्ठ पत्रकार ने कहा- अखिलेश ने नई मिसाल पेश की
वरिष्ठ पत्रकार और लंबे समय तक सपा को कवर करने वाले अशोक त्रिपाठी कहते हैं, अखिलेश यादव ने राजनीतिक व्यवहार की एक नई मिसाल पेश की है। साथ ही विरोध करने वालों को ये संदेश देने की कोशिश की है कि उनकी लड़ाई विचारों की है, न कि निजी। अखिलेश यादव ने एक तीर से कई निशाने साधे हैं। अपना ही पुतला जलाने पर न तो उन्होंने कोई शिकायत की और न ही कोई विपरीत टिप्पणी की। अनुपमा एक महिला विधायक हैं, उन्होंने महिलाओं को संदेश देने की कोशिश की है। अनुपमा जायसवाल जिस बहराइच की सदर सीट से विधायक हैं, उस पर अखिलेश यादव अपने करीबी यासर शाह को चुनाव लड़ाते हैं। 2022 में करीब 4 हजार वोटों से अनुपमा जायसवाल चुनाव जीती थीं। ये ऐसा कदम है जिसपर भाजपा भी चाहकर कोई अटैक नहीं कर पाएगी। ब्रजेश पाठक ने कहा- जल्द स्वस्थ्य होने की कामना की अखिलेश के अस्पताल पहुंचने के बाद मंगलवार शाम को यूपी सरकार के दोनों डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य भी अस्पताल पहुंचे। दोनों नेताओं ने विधायक अनुपमा जायसवाल का हालचाल जाना। ब्रजेश पाठक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह के साथ अस्पताल जाकर उन्होंने स्वास्थ्य की जानकारी ली। साथ ही प्रभु श्रीराम से उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। इससे पहले मंत्री ओमप्रकाश राजभर भी अस्पताल पहुंचे थे। अब नारी शक्ति वंदन अधिनियम को जानिए… 17 अप्रैल 2026 को संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में गिर गया। यह बिल 30 साल में 7वीं बार खारिज हुआ, जब सरकार इसे पास कराने के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत जुटाने में विफल रही। इस बार मतदान में इसके समर्थन में 298 मत पड़े, जबकि विरोध में 230 वोट आए। यह बिल महिलाओं को 33% आरक्षण देने के साथ-साथ परिसीमन से जुड़ा था। विपक्षी दलों ने जनगणना और परिसीमन के बिना ही आरक्षण को तुरंत लागू करने की मांग की थी, जबकि सरकार ने इसे इसके साथ जोड़कर पेश किया। 12 साल के शासन में यह पहला मौका था, जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। इससे पहले अमित शाह ने लोकसभा में एक घंटे की स्पीच में कहा था कि अगर ये बिल पास नहीं होते हैं तो जिम्मेदारी विपक्ष की होगी। बिल गिरने के बाद भाजपा ने इसे मुद्दा बनाया। जगह-जगह विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किए। ———————– ये खबर भी पढ़ेंः- महुआ ने IPS अजय पाल को फेयर-एंड-लवली बबुआ कहा:डांसर के साथ का वीडियो पोस्ट किया, लिखा- हीरोगिरी नहीं चलेगी पश्चिम बंगाल चुनाव में ऑब्जर्वर बनाए गए यूपी के IPS अधिकारी अजय पाल सुर्खियों में हैं। अब ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने उन्हें ‘फेयर एंड लवली बबुआ’ कहा है। महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया X पर दो वीडियो पोस्ट किए हैं। दावा किया है कि IPS अजय पाल शर्मा डांसर के साथ नाच रहे हैं। तंज कसते हुए उन्होंने कहा- हीरोगिरी थोड़ा संभलकर करिएगा, रहिए ठंडा-ठंडा, कूल-कूल। बंगाल में हमेशा तृणमूल। पढ़ें पूरी खबर…

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