अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 702 मामलों में बरामद नशीले पदार्थों को नष्ट किया गया। यह कार्रवाई ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में की गई। इस कमेटी की अध्यक्षता डीसीपी इन्वेस्टिगेशन रविंदर पाल सिंह संधू ने की, जबकि एडीसीपी इन्वेस्टिगेशन जगबिंदर सिंह और एसीपी डिटेक्टिव हरमिंदर सिंह सदस्य के रूप में मौजूद रहे। टीम निर्धारित प्रक्रिया के तहत खन्ना पेपर मिल पहुंची, जहां सभी जब्त किए गए नशीले पदार्थों को बॉयलर में डालकर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। नष्ट किए गए नशीले पदार्थों में 7 किलो 218 ग्राम हेरोइन, 90,986 नशीले कैप्सूल, 1,18,780 नशीली गोलियां थीं। जनसहयोग से ही खत्म होगा नशा इसके अलावा 29 किलो 892 ग्राम नशीला पाउडर, 75 किलो 709 ग्राम चरस, 27 किलो 740 ग्राम भूकी, 21 किलो 957 ग्राम स्मैक, 10 ग्राम गांजा, 1540 नशीले इंजेक्शन और 591 ग्राम भांग शामिल हैं। इस दौरान पुलिस ने नशामुक्त अभियान के लिए पब्लिक का सहयोग मांगा है। उन्होंने कहा कि जनसहयोग से नशा का खात्मा हो सकेगा। नशामुक्त समाज के लिए अभियान जारी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। डीसीपी इन्वेस्टिगेशन रविंदर पाल सिंह संधू ने कहा इस तरह की कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए पुलिस ने युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान शुरू किया है। इसके तहत तस्करों की धरपकड़ की जा रही है।