बिहार में सरकारी टेंडरों की हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी ठेकेदार रिशुश्री के ठिकानों पर एसवीयू (विशेष सतर्कता इकाई) ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार की सुबह एसवीयू की टीम ने रिशुश्री के मीठापुर स्थित कामत राम सखी एन्क्लेव के फ्लैट नंबर 5ए में छापेमारी की। करीब 6 घंटे तक चले इस सर्च ऑपरेशन में 2 करोड़ रुपए के जेवर और 2.5 लाख रुपए कैश बरामद किए गए। रिशुश्री, वरीय आईएएस संजीव हंस के अलावा बिहार के कई टॉप अफसरों, विभिन्न विभागों के इंजीनियरों और नेताओं के करीबी हैं। उन पर पहले से ही ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत केस दर्ज कर रखा है। एसवीयू थाने में दर्ज पीसी एक्ट (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के तहत जांच एजेंसी ने बुधवार को यह छापेमारी की। रिशुश्री पर सरकारी टेंडरों में हेराफेरी कर अपनी कंपनी ‘रिलायबल इंफ्रा सर्विसेज’ को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप है। पटना हाईकोर्ट ने बीते सोमवार, 18 मई को ही सरकारी टेंडरों की हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी ठेकेदार रिशुश्री की क्रिमिनल रिट याचिका को खारिज कर दिया था। रिशुश्री को एसवीयू ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया एसवीयू ने बुधवार की देर रात पूछताछ के लिए रिशुश्री को हिरासत में ले लिया। एसवीयू की टीम उन्हें यह कहकर घर से लाई थी कि कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर करने हैं, जिसके बाद उन्हें कार्यालय में बैठा लिया गया। फिलहाल उनकी गिरफ्तारी को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, पर सूत्रों का कहना है कि उन्हें केवल पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनके खिलाफ जो आरोपों के साक्ष्य मिले हैं, एसवीयू उनकी गहन जांच करने में जुटी है।