13 साल की नौकरी में 5 करोड़ की संपत्ति, दरभंगा से मधुबनी तक 4 घंटे चला सर्च ऑपरेशन
दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड के बीडीओ चंद्रमोहन पासवान पर आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बड़ी कार्रवाई की है। भ्रष्टाचार के जरिए काली कमाई करने वाले चंद्रमोहन के केवटी स्थित बीडीओ कार्यालय, सरकारी आवास, दरभंगा के बहादुरपुर स्थित किराए के मकान, मधुबनी के बाबूबरही स्थित पैतृक आवास, बाबूबरही बाजार स्थित व्यावसायिक स्थल और शंकरपुर-मोहनपुर के बीच स्थित एक बंद मकान में छापेमारी की गई। ईओयू की 50 सदस्यीय टीम को इन ठिकानों से 1 करोड़ 34 लाख रुपए की जमीन-जायदाद और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कागजात मिले हैं, जिनका वर्तमान बाजार मूल्य करीब 5 करोड़ रुपए है। यही नहीं, ईओयू ने बीडीओ के खाते में जमा 10 लाख रुपए को फ्रीज कर दिया है। ईओयू ने उनके खिलाफ आय से 81.03 प्रतिशत अधिक संपत्ति (डीए) का केस मुजफ्फरपुर के न्यायालय में दर्ज किया है। चंद्रमोहन के एक भाई विश्वमोहन खजौली में स्टेशन अधीक्षक हैं और दूसरे भाई डॉक्टर हैं। इन दोनों भाइयों, खुद और अपनी पत्नी के नाम पर उन्होंने जमीन-जायदाद खरीदी है। अब तक की जांच में 89.13 लाख की काली कमाई की बात सामने आई है। ईओयू अब उन्हें नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाएगी। चंद्रमोहन के बारे में ईओयू ने ग्रामीण विकास विभाग को सूचना दे दी है, जिससे उन पर विभागीय कार्रवाई होना तय है। छापेमारी में क्या-क्या हुआ बरामद? जमीन के दस्तावेज: पत्नी, साले और भाई के नाम पर खरीदी गई महंगी जमीनों के कागजात। बैंक पासबुक: बीडीओ, पत्नी और बच्चों के नाम से खुले कई बैंक खाते। अन्य कागजात: रेलवे से इस्तीफे का आवेदन और अन्य व्यक्तियों के नाम से जुड़े निवेश के दस्तावेज। 8 पन्नों की डायरी खोलेगी भ्रष्टाचार के राज छापेमारी के दौरान टीम को बीडीओ के बौंसी स्थित आवास से आठ पन्नों की एक डायरी मिली है। सूत्रों के अनुसार, इस डायरी में भ्रष्टाचार के कई राज और लेन-देन का ब्योरा कोड वर्ड में दर्ज हो सकता है। टीम ने बीडीओ के बड़े भाई विश्वमोहन पासवान से भी पूछताछ की है, जो अभी खजौली में स्टेशन अधीक्षक हैं। परिवार के नाम पर निवेश का ‘खतरनाक खेल’ बीडीओ ने अपनी काली कमाई को सफेद करने के लिए पत्नी, भाई और साले को ढाल बनाया। शिकायतकर्ता मो. इकबाल अंसारी के आरोपों के अनुसार, दरभंगा के बहादुरपुर में पत्नी के नाम पर बेशुमार संपत्ति है। वहीं, मधुबनी के बाबूबरही में भाई के नाम पर जमीन है और साले चुन्नू चौधरी के साथ मिलकर ‘जीटी मार्ट’ तथा ‘जीटी हेल्थ मेमोरियल हॉस्पिटल’ का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा दरभंगा हवाई अड्डे और एम्स के पास भी पत्नी व साले के नाम पर जमीनें खरीदी गई हैं।