आसाराम केस के गवाह के पुलिस रिमांड पर फैसला आज:कोर्ट ने एक दिन की कस्टडी में भेजा था, गवाही गिराने पर ₹70 लाख हड़पे

आसाराम बापू केस के मुख्य गवाह रहे महेंद्र चावला और उसके परिवार द्वारा की गई ₹70 लाख की ठगी और ₹80 लाख की अतिरिक्त रंगदारी मांगने के मामले में आज का दिन बेहद अहम है। पानीपत पुलिस की सीआईए (CIA) टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए महेंद्र चावला, उसके भाई देवेंद्र और भतीजे रामप्रसाद को लेकर कोर्ट आज तय करेगा कि उन्हें कितने दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा जाएगा। शिकायतकर्ता की तरफ से कोर्ट में पेश हुए सीनियर एडवोकेट पुष्पेंद्र सिंह ने कोर्ट में दलील दी, कि आरोपियों ने ब्लैकमेलिंग के जरिए हड़पे गए ₹70 लाख न केवल पानीपत, बल्कि उत्तर प्रदेश (शामली), पंजाब, उत्तराखंड (देहरादून) और गुजरात तक पहुंचाए हैं। पुलिस को इन सभी राज्यों में छापेमारी कर रकम बरामद करनी है, जिसके लिए 10 दिन का समय मांगा गया है। किसके पास है कितनी रकम पुलिस पूछताछ और अब तक की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल ने खोली पोल मामले से जुड़ा एक CCTV भी सामने आया है। जिसमें महेंद्र का भाई देवेंद्र मीडिएटर पूर्ण शर्मा के घर से 70 लाख रुपए से भरा बैग ले जाता दिख रहा है। पुलिस ने महेंद्र चावला का मोबाइल फोन और उसकी कार को मौके पर ही जब्त कर लिया है। फोन को सील कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि ब्लैकमेलिंग के अन्य सबूत जुटाए जा सकें। आरटीआई को बनाया ब्लैकमेलिंग का हथियार अदालत में यह भी दलील दी गई कि आरोपी महेंद्र चावला का पुराना इतिहास आरटीआई (RTI) लगाकर पब्लिक सर्वेंट और रसूखदार लोगों को ब्लैकमेल करने का रहा है। इसी पैटर्न पर उसने सरपंच से गवाही बदलने के नाम पर ₹70 लाख हड़पे और फिर ₹80 लाख की और मांग की। आज की सुनवाई पर टिकी नजरें 19 अप्रैल को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपियों को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। आज, 20 अप्रैल को कोर्ट रिमांड की अवधि पर फैसला सुनाएगा। पुलिस का कहना है कि आरोपी बेहद शातिर हैं और पूरी रकम की रिकवरी के लिए उनसे गहन पूछताछ जरूरी है। जानिए महेंद्र ने कैसे ठगे ₹70 लाख 3 पॉइंट में पढ़िए…क्यों मुकरा महेंद्र चावला

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