आप ही हमें सिखाती हैं कि सच बोलना चाहिए…फिर जब मैंने सच कहा तो मुझे ही पीट दिया…ये कहना है कि फरीदकोर्ट कोटकपूरा के डीसीएम स्कूल के 8वीं के छात्र का। उसने कहा कि मैडम ‘महान महिलाओं’ के बारे में पढ़ा रही थीं। पहले कल्पना चावला का जिक्र हुआ, तब तक सब ठीक था। लेकिन जैसे ही उन्होंने इंदिरा गांधी को ‘आयरन लेडी’ और अच्छी महिला बताया, तो मैंने खड़े होकर कहा कि मैं इससे सहमत नहीं हूं। मैंने कहा कि उन्होंने ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान दरबार साहिब पर हमला करवाया था, इसलिए उन्हें अच्छा नहीं कहा जा सकता। मैंने जब दोबारा अपनी बात रखी तो मैडम ने मुझे रोका और फिर मुझे थप्पड़ मारे। इसके बाद मुझे दूसरे टीचर के पास ले जाया गया, जहां मुझे फिर सजा दी गई। वहीं जब विवाद बढ़ा तो लेडी टीचर ने माफी मांग ली। उन्होंने कहा कि मैंने उसे सिर्फ यह कहा कि इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री रही हैं उनके बारे में ऐसा न कहें। पीटने के आरोप गलत हैं। वहीं इंदिरा गांधी ही हत्या में शामिल बेअंत सिंह के बेटे व सांसद सरबजीत सिंह खालसा की एंट्री भी हो गई। खालसा ने कहा कि बच्चे ने कुछ भी गलत नहीं किया। उधर, स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पवन मित्तल ने कहा कि टीचर की मंशा बच्चे को चोट पहुंचाने की नहीं थी। स्कूल में सिख धर्म का पूरा सत्कार किया जाता है। इस घटना से बच्चे और उसके परिवार को जो भी ठेस पहुंची है, उसके लिए मैं पछतावा करता हूं और माफी मांगता हूं..पढ़ें पूरी रिपोर्ट… क्लास में पंजाबी के पीरियड में विवाद… स्टूडेंट्स के पेरेंट्स ने कही ये अहम बातें इंदिरा गांधी को अच्छी लेडी कहने पर सांसद को भी ऐतराज इंदिरा गांधी की हत्या में शामिल बेअंत सिंह के बेटे व फरीदकोट से सांसद सरबजीत सिंह ने कहा कि एक सिख इंदिरा गांधी को अच्छी लेडी कैसे स्वीकार कर सकता है? उनका कहना है कि इंदिरा गांधी को अच्छी लेडी कहने पर उन्हें भी ऐतराज है। उन्होंने कहा कि जिनकी वजह से सिख धर्म को भारी नुकसान हुआ हो, उन्हें अच्छा नहीं कह सकते। सरबजीत सिंह खालसा ने कहा कि उन्होंने अपने संगठन के साथियों को मौके पर भेजा था और देर शाम मालिक ने माफी मांग ली है और मामला शांत हो गया है। स्कूल प्रबंधन बोला- जाने अनजाने में गलती हुई स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पवन मित्तल ने कहा कि टीचर की मंशा बच्चे को चोट पहुंचाने की नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि टीचर ने केवल स्टूडेंट का कंधा थपथपाया था और उसे सिलेबस के दायरे में रहने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि स्कूल में जो कुछ हुआ उसके लिए मैं माफी मांगता हूं। उन्होंने कहा कि स्कूल में सिख धर्म का पूरा सत्कार किया जाता है। इस घटना से बच्चे और उसके परिवार को जो भी ठेस पहुंची है, उसके लिए मैं पछतावा करता हूं और माफी मांगता हूं। टीचर बोलीं- सिलेबस में जो है, उसे पढ़ाया पंजाबी टीचर का कहना है कि बच्चों के सिलेबस में जो है, वही पढ़ाया है। मैंने उसे सिर्फ यह कहा कि इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री रही हैं उनके बारे में ऐसा न कहें। उसके बाद भी यह बोलता रहा। मैंने उसके कंधे पर हाथ रखा और कहा कि दोबारा मत कहना। उन्होंने पीटने के आरोप को सरासर गलत बताया। विवाद खत्म हो गया, दोबारा हुआ तो नहीं छोड़ेंगे अकाली दल वारिस पंजाब दे के जिला फरीदकोट के प्रधान दलेर सिंह ने बताया कि मालिक ने टीचर्स व अन्य सभी की तरफ से लिखित माफी मांगी है, जिसके बाद इस विवाद को खत्म कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की घटना दोबारा हुई तो नहीं छोड़ेंगे। ******** ये खबर भी पढ़ें: जब गोल्डन टेंपल में टैंकों ने बरसाए 80 गोले: विरोध ऐसा कि 45 मिनट में आर्मी को बदलनी पड़ी रणनीति, 8 दिन चलती रहीं गोलियां ऑपरेशन ब्लू स्टार की आज 41वीं बरसी है। यह ऑपरेशन भारतीय सेना के सबसे विवादित सैन्य अभियानों में एक माना जाता है जो 1 से 8 जून 1984 के बीच चला। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेश पर शुरू हुए इस ऑपरेशन की कमान लेफ्टिनेंट जनरल के.एस. बराड़ के हाथ में थी। ऑपरेशन का मकसद गोल्डन टेंपल में पनाह लेकर बैठे जरनैल सिंह भिंडरांवाला और उसके साथियों को बाहर निकालना था। (पढ़ें पूरी खबर)