कनाडा के टोरंटो में बुजुर्गों को डरा-धमकाकर कंस्ट्रक्शन के नाम पर पैसे ऐंठने के आरोप में पुलिस ने पंजाबी मूल के गैंगस्टर अर्शदीप सिंह को गिरफ्तार किया है। अर्शदीप साथियों के साथ मिलकर बुजुर्गों को निशाना बनाकर उन्हें लूटता रहा। आरोपी उन घरों को निशाना बनाते थे जिनमें बुजुर्ग रहते हैं। वह सिटी ऑफ टोरंटो के अफसर बनाकर घरों में जाते और बिल्डिंग का सर्वे करते। उसके बाद बुजुर्गों को घरों की तुरंत मरम्मत करने के लिए कहते। जो रिपेयर के लिए आनाकानी करते उन्हें कानूनी कार्रवाई के नाम पर धमकाते हैं।आरोपी कनाडा में 2024 से लगातार ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। आरोपी अर्शदीप सिंह के गैंग की करतूतों का पता तब चला जब एक बुजुर्ग ने इस मामले में पुलिस को शिकायत दी। फ्रॉड के शिकार लोगों के लिए पुलिस ने नंबर जारी किया पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की और अर्शदीप सिंह को गिरफ्तार किया। अब खुलासा हुआ है कि अर्शदीप सिंह व उसके गैंग ने कंस्ट्रक्शन फ्रॉड के नाम पर कई बुजुर्गों को लूटा है। पुलिस ने उन सभी लोगों से कंप्लेंट देने का कहा है जिनके साथ पूर्व में भी इस तरह का फ्रॉड हुआ है। पुलिस ने इसके लिए बाकायदा नंबर भी जारी किया है। घर में घुसे, खुद को बताया सिटी ऑफ टोरंटो का अफसर टोरंटो पुलिस के अनुसार आरोपी अर्शदीप सिंह 2024 में अपने गैंग के साथ एक घर में घुसे। घर में दो बुजुर्ग रहते थे। अर्शदीप के साथ उसके साथी भी दे। सभी ने खुद को सिटी ऑफ टोरंटो का अधिकारी व अपने साथियों को ठेकेदार बताया। अधिकारी ने कार्रवाई का डर दिखाया और कहा कि जल्दी रिपेयर करवाएं नहीं तो कार्रवाई होगी। जो लोग अर्शदीप सिंह के साथ थे उन्हें कांट्रैक्टर बताया और उन्हें रिपेयर का ठेका देने की बात कही। कार्रवाई का इतना डर दिखाया कि बुजुर्गों से कंस्ट्रक्शन के लिए एडवांस पैसे ले लिए। बाद में पता चला कि जो लोग आए थे वो फर्जी थे और मकान को अभी रिपेयर की जरूरत नहीं है। आरोपी की गिरफ्तारी और गंभीर धाराएं लंबी जांच के बाद, मंगलवार 21 अप्रैल 2026 को पुलिस ने 23 वर्षीय अर्शदीप सिंह को ब्रैम्पटन से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों की एक लंबी सूची तैयार की गई है। पुलिस रिलीज के अनुसार आरोपी के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किया गया है। फर्जी कंस्ट्रक्शन कंपनियों के नामों का खुलासा जांचकर्ताओं ने उन कंस्ट्रक्शन कंपनियों के नाम भी सार्वजनिक किए जिनका उपयोग अर्शदीप सिंह ने धोखाधड़ी के लिए कर रहा था। इसमें एक्सीलेंट कस्टम होम्स लिमिटेड को भी सार्वजनिक किया है जिनका उपयोग अरशदीप सिंह धोखाधड़ी करने के लिए कर रहा था। अर्शदीप ने फर्जी कंपनियों के नाम एक्सीलेंट कस्टम होम्स लिमिटेड, फ्रेंडली मेसनरी लिमिटेड और 17051450 कनाडा इंक रखा था। पुलिस का मानना है कि इन कंपनियों का इस्तेमाल केवल पीड़ितों से चेक लेने या बैंक ड्राफ्ट जमा करने के लिए किया जा रहा था। टोरंटो पुलिस ने जारी की पब्लिक एडवाइजरी टोरंटो पुलिस और ‘टोरंटो स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ ने जनता के लिए एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घर-घर आकर काम मांगने वाले ठेकेदारों से सावधान रहना ही बचाव का सबसे बड़ा तरीका है। अक्सर ठग खुद को नगर निगम का कर्मचारी बताकर आपके घर का दरवाजा खटखटाते हैं। याद रखें, सरकारी विभाग बिना पूर्व सूचना के इस तरह से घर की मरम्मत का दबाव नहीं डालते। ठग हमेशा ‘आपातकाल’ या ‘खतरे’ की स्थिति पैदा करते हैं ताकि पीड़ित को सोचने का समय न मिले। पुलिस ने सलाह दी है कि किसी भी मरम्मत कार्य के लिए कम से कम तीन अलग-अलग विश्वसनीय स्रोतों से कोटेशन लें। अर्शदीप सिंह के बारे में जानिए.. अर्शदीप सिंह मूल रूप से पंजाब का रहने वाला है और उसकी उम्र 23 साल है। 2022 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा पहुंचा और उसके बाद वर्क परमिट पर कनाडा के ब्रैम्पटन में रह रहा है। उसका वर्क परमिट अप्रैल माह के अंत में समाप्त हो जाएगा। अर्शदीप सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी व ठगी के तीन मामल, मनी लॉन्ड्रिंग के दो मामले, साजिश व अवैध तरीके से अर्जित धन और सामान रखने के कई मामले दर्ज हैं। इसके अलाव आरोपी के खिलाफ शॉपलिफ्टिंग व हमले के आरोप भी हैं। अर्शदीप सिंह किसी एक छोटे गिरोह का नहीं, बल्कि एक बड़े संगठित अपराधी नेटवर्क का हिस्सा है। वह एक्सटॉर्शन नेटवर्क, प्रोजेक्ट गैसलाइट व अन्य नेटवर्क का हिस्सा है और दसकी अभी जांच चल रही है।