पार्टी के विस्तार के लिए कांग्रेसी बिहार में गांधीगीरी करेंगे। आजादी की लड़ाई के दौरान महात्मा गांधी ने जिन तरीकों से आमजन के विशाल समूह को अपने साथ जोड़ा, उन सभी तरीकों को जनाधार मजबूत करने के लिए पार्टी अपनाएगी। इस प्रक्रिया में चरखा और श्रमदान संघर्ष के मुख्य हथियार होंगे। बापू के तरीकों से प्रखंड तक के कार्यकर्ता को चरणवार ट्रेनिंग दी जाएगी। पहले चरण में कांग्रेस के 100 कार्यकर्ताओं को सदाकत आश्रम में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें दिल्ली और वर्धा से आए प्रशिक्षकों ने कहा कि कांग्रेस फिर से रचनात्मक कामों के जरिए जनता में पैठ बढ़ाएगी। रविवार को सदाकत आश्रम परिसर में साफ-सफाई कर श्रमदान की प्रैक्टिस कराई गई। मुख्य प्रशिक्षक सुनीत शर्मा ने चरखा से जनेऊ बनाकर जीवन यापन करने वाली कांग्रेस की महिला कार्यकर्ता को सम्मानित किया। बातचीत में सुनीत ने कहा कि चरखा आज भी प्रासंगिक है। दुनिया भर में पैसिव इनकम पर जोर दिया जा रहा है। गांव की घरेलू महिलाएं खाली समय में चरखा के जरिए सूत कातकर या हथकरघा पर वस्त्र बनाकर अपने परिवार की आमदनी बढ़ा सकती हैं। यह उनकी जरूरत को भी पूरा करेगा। इसी तरह पार्टी कार्यकर्ता स्थानीय स्तर पर श्रमदान कर लोगों ले जुड़ सकते हैं। पुराने वोट बैंक दलित-सवर्ण को वापस लाने की कवायद
कांग्रेस दलितों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के जरिए राजनीतिक पैठ बनाएगी। बिहार में लगातार करारी हार का सामना कर रही पार्टी की कवायद भी फिलहाल सवर्ण, दलित और मुस्लिम वोट बैंक को वापस लाने की है। इसके अलावा महात्मा गांधी ने जिस तरह सामाजिक सद्भाव के प्रयास किए, उसी तरह की कोशिशें जैसे पदयात्रा या सामाजिक गोष्ठियां करते हुए आने वाले दिनों में कांग्रेस के कार्यकर्ता मिल सकते हैं। मनरेगा की निगरानी करेंगे कार्यकर्ता
कांग्रेस मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री रहते शुरू किए गए फ्लैगशिप कार्यक्रमों को जमीन पर लागू करने के लिए निगरानी की प्रक्रिया बढ़ाएगी। मास कनेक्ट अभियान के तहत मनरेगा, सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार और भोजन का अधिकार को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए आमलोगों के साथ संघर्ष की योजना बनाएगी। कांग्रेस के प्रदेश प्रशिक्षण प्रभारी और पूर्व आईपीएस अधिकारी करुणा सागर कहते हैं कि हमारा अभियान बैक टू बेसिक्स के जरिए पार्टी के धरातल का विस्तार करना है। प्रशिक्षण के जरिए कार्यकर्ताओं को गांधीवादी वैचारिक चेतना से लैस कर उन्हें कांग्रेस के आदर्शों को जमीन पर साकार करने के लिए प्रेरित करना है।