हरियाणा के करनाल में रविवार रात एक कुत्ते ने घर के बाहर खड़े एक बुजुर्ग पर हमला कर दिया और उनके चेहरे को बुरी तरह नोच डाला। उसने माथे से मांस तक बाहर खींच लिया। बुजुर्ग के चेहरे पर 2 बड़े कट लगे और काफी खून बह गया। आसपास के लोगों ने लाठी-डंडों से कुत्ते को भगाया और घायल बुजुर्ग को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें गंभीर हालत में करनाल रेफर कर दिया गया। इलाज के बाद अब उन्हें छुट्टी दे दी गई है और कुछ दिन के लिए घर पर बेड रेस्ट करने को कहा गया है। जानिए क्या है पूरा मामला… घरौंडा के वार्ड-7 का मामला रविवार रात घरौंडा के वार्ड-7 स्थित बालीनगर में सोम्मी राम (55) नामक एक बुजुर्ग अपने घर के बाहर खड़े थे। उसी समय, एक कुत्ते ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमले में बुजुर्ग नीचे गिर गए और कुत्ते ने उनके चेहरे से मांस तक बाहर खींच लिया। उनकी आंखें बाल-बाल बचीं। लोगों ने बचाया, अस्पताल में भर्ती कराया हमला होते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कुत्ते को वहां से भगाया। इसके बाद वार्ड पार्षद को भी सूचना दी गई। पार्षद प्रतिनिधि विभोर गुप्ता तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल सोम्मी राम को घरौंडा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें करनाल के सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया। इलाज के बाद अब उन्हें छुट्टी दे दी गई है और वे घर पर बेड रेस्ट कर रहे हैं। डॉक्टर ने बताया कि बुजुर्ग को टांके नहीं लगाए गए, क्योंकि कुत्ते के काटने वाले घाव पर टांके लगाने से इंफेक्शन बढ़ने का खतरा होता है। पार्षद प्रतिनिधि बोले- कुत्तों को पकड़ने के लिए टेंडर नहीं लगाया घटना के बाद पार्षद प्रतिनिधि विभोर गुप्ता ने नगरपालिका और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार कुत्तों के हमले हो रहे हैं, लेकिन न तो डॉग शेल्टर पूरी तरह तैयार है और न ही कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई टेंडर जारी किया गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इन कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। 10 महीने से बढ़ रही समस्या, बच्चे और महिलाएं भी निशाने पर विभोर गुप्ता ने बताया कि पिछले करीब 10 महीनों से वार्ड-7 में आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ी है। ये कुत्ते रोजाना छोटे बच्चों पर हमला कर रहे हैं। महिलाओं और बुजुर्गों पर भी हमले हो चुके हैं। इस बारे में कई बार SDM और नगरपालिका सचिव को शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। समाधान नहीं हुआ तो होगा आंदोलन पार्षद प्रतिनिधि ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है, क्योंकि इतने समय के बाद भी न तो कुत्तों की नसबंदी की गई है और न ही उन्हें पकड़ा गया है। नगरपालिका सचिव बोले- डॉग शेल्टर बन रहा नगरपालिका सचिव रविप्रकाश शर्मा ने बताया कि डॉग शेल्टर का काम अंतिम चरण में चल रहा है और कुत्तों की नसबंदी का काम भी आने वाले दो हफ्ते में शुरू हो जाएगा, जिसके लिए टेंडर भी जारी किया गया है।