गुरुग्राम में 4 साल से बंधक झारखंड की युवती रेस्क्यू:5 साल पहले हुई किडनैप, घर में जबरन काम करवाया; पुलिस ने रेड मारकर छुड़वाया

गुरुग्राम के पॉश इलाके सेक्टर-40 में बंधक बनाकर घर का कार्य करवाने का मामला सामने आया है। यहां की कोठी में पिछले चार साल से जबरन बंधक बनाकर रखी गई झारखंड की 24 वर्षीय युवती को सकुशल मुक्त करा लिया गया है। युवती को न केवल बंधक बनाकर रखा गया था, बल्कि उससे शुरुआत में बिना वेतन के दिन-रात घर का काम कराया जा रहा था। उसे अपने परिवार से संपर्क करने की भी इजाजत नहीं थी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद गुरुग्राम पुलिस ने यह कार्रवाई की है। 5 साल पहले साहेबगंज से हुई थी किडनैप पीड़ित युवती मूल रूप से झारखंड के साहेबगंज जिले की रहने वाली है। करीब पांच साल पहले 19 साल की उम्र में कुछ अज्ञात तस्करों ने उसे उसके गृहनगर से किडनैप कर लिया था। इसके बाद उसे दिल्ली-एनसीआर के प्लेसमेंट रैकेट के हाथों बेच दिया गया। 4 साल से गुरुग्राम थी, बाहर निकलने की पाबंदी पिछले करीब चार साल से उसे गुरुग्राम के सेक्टर-40 स्थित कोठी में घरेलू नौकरानी के तौर पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। इस दौरान कोठी मालिक ने उसे बंधक जैसी स्थिति में रखा। उसे घर से बाहर निकलने की पाबंदी थी। भाई को चुपके से किया फोन कोठी मालिकों की सख्त निगरानी के बावजूद, पीड़ित युवती ने किसी तरह एक दिन एक मोबाइल का इंतजाम किया और चुपके से झारखंड में रह रहे अपने भाई से संपर्क साधा। उसने रोते हुए अपने भाई को अपनी आपबीती सुनाई और गुरुग्राम की उस कोठी का पता नोट कराया जहां उसे कैद करके रखा गया था। बहन की आपबीती सुनकर भाई के होश उड़ गए। उसने बिना वक्त गंवाए दिल्ली का रुख किया और चाणक्यपुरी स्थित ‘झारखंड भवन’ पहुंचकर वहां के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को लिखित शिकायत सौंपकर अपनी बहन को बचाने की गुहार लगाई। मानवाधिकार आयोग के दखल के बाद हुआ रेस्क्यू मामले की गंभीरता और किडनैप का मामला होने के कारण, झारखंड भवन के अधिकारियों ने तुरंत इसकी सूचना राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को दी। मानवाधिकार आयोग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए तुरंत गुरुग्राम पुलिस और स्थानीय प्रशासन को युवती को रेस्क्यू करने के कड़े निर्देश जारी किए। आयोग के दबाव के बाद हरकत में आई गुरुग्राम पुलिस की एक विशेष टीम ने सेक्टर-40 की कोठी पर छापेमारी की। पुलिस ने युवती को कोठी के चंगुल से छुड़ाया और उसे सुरक्षित स्थान पर भेजा। परिजनों को सौंपी गई युवती पुलिस ने पीड़ित युवती की मेडिकल जांच कराने और मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराने के बाद उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत उसके परिजनों को सौंप दिया है। पांच साल बाद अपनी बेटी को सुरक्षित पाकर परिवार की आंखें नम हो गईं। पुलिस जांच कर रही सेक्टर-40 थाना एसएचओ राजेश बागड़ी ने बताया कि बाहर की टीम आई थी। हमारी एक टीम भी साथ थी। मामले की गहराई से जांच की जा रही है कि इस कोठी तक लड़की को पहुंचाने में किन-किन बिचौलियों का हाथ था।

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