चंडीगढ़ की बुडैल जेल में कैदियों की भिड़ंत:लात-घूंसे चले, लॉरेंस गैंग से जुड़ा कैदी घायल; डिस्पेंसरी में शुरू हुई थी कहासुनी

चंडीगढ़ की बुडैल जेल में मंगलवार को दो कैदी आपस में भिड़ गए और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। दोनों के बीच काफी देर तक झगड़ा चलता रहा, जिसके बाद जेल पुलिस ने हस्तक्षेप कर मशक्कत से दोनों को अलग किया। इस झड़प में एक कैदी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत इलाज के लिए सेक्टर-32 स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जानकारी के अनुसार, घायल कैदी की पहचान विकास के रूप में हुई है, जो पुलिस जांच में गैंगस्टर लॉरेंस गैंग का करीबी बताया जा रहा है। वहीं दूसरे कैदी की पहचान हिमांशु के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी, जो मंगलवार को अचानक हिंसक झगड़े में बदल गई। जेल की डिस्पेंसरी में शुरू हुआ विवाद सूत्रों के मुताबिक, दोनों कैदी जेल परिसर में बनी डिस्पेंसरी में नियमित जांच और दवाई लेने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान किसी पुरानी रंजिश को लेकर पहले हल्की कहासुनी हुई, जो कुछ ही मिनटों में तीखी बहस में बदल गई। बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों ने एक-दूसरे को धक्का-मुक्की करनी शुरू कर दी और मामला मारपीट तक पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हिमांशु ने अचानक आक्रामक रुख अपनाते हुए विकास पर हमला कर दिया और उसे कई बार घूंसे व लात मारीं, जिससे वह जमीन पर गिर गया। वहां मौजूद अन्य कैदियों ने तुरंत बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन तब तक विकास को चोट लग चुकी थी। इसके बाद मौके पर पहुंचे जेल स्टाफ ने दोनों को अलग किया और स्थिति को काबू में लिया। पुरानी रंजिश के चलते हुआ झगड़ा घटना की सूचना मिलते ही जेल पुलिस और सुरक्षा कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना देरी किए दोनों कैदियों को अलग कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। मौके पर ही घायल विकास को प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन चोटें ज्यादा होने के कारण उसे तुरंत सेक्टर-32 स्थित सरकारी अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस अधिकारियों ने मौके का जायजा लेकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई और जेल स्टाफ व अन्य कैदियों से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही, दोनों कैदियों के बीच चल रही पुरानी रंजिश और झगड़े के कारणों की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। दो दिन पहले हाईकोर्ट जज ने किया निरीक्षण बताया जा रहा है कि इस घटना से दो दिन पहले ही हाईकोर्ट के जज ने बुडैल जेल का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने जेल के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों के रहने की स्थिति और मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। जज ने कई कैदियों से सीधे बातचीत भी की और उनकी समस्याओं व हालात के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान जज ने कैदियों को समझाया कि वे अपराध की दुनिया से बाहर निकलकर अपने परिवार और भविष्य के बारे में सोचें। उन्होंने कहा कि गलत रास्ता छोड़कर ही जीवन में सुधार संभव है, अन्यथा पूरी जिंदगी जेल में ही बीत सकती है। जज ने जेल प्रशासन को भी निर्देश दिए कि कैदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई जेल प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। जेल के संवेदनशील हिस्सों में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और कैदियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। खासतौर पर बैरकों, डिस्पेंसरी और अन्य साझा स्थानों पर सतर्कता बढ़ाई गई है, ताकि कैदियों के बीच किसी भी तरह का विवाद समय रहते रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त प्रोटोकॉल लागू किए जा रहे हैं। साथ ही, झगड़े में शामिल दोनों कैदियों के बीच चल रही पुरानी रंजिश को लेकर भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस और जेल प्रशासन यह पता लगाने में जुटे हैं कि विवाद की असली वजह क्या थी और कहीं इसके पीछे कोई बड़ा आपराधिक या गैंग से जुड़ा एंगल तो नहीं है।

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