चंडीगढ़ के कॉलेजों में पहली बार ओबीसी वर्ग के छात्रों को दाखिले में आरक्षण दिया जाएगा। नए शैक्षणिक सत्र से अंडर ग्रेजुएट (यूजी) एडमिशन में ओबीसी छात्रों को 3 प्रतिशत कोटा मिलेगा। प्रशासन ने इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर आने वाले वर्षों में 27 प्रतिशत तक ले जाने की योजना बनाई है। अब तक शहर के कॉलेजों में केवल एससी-एसटी वर्ग के लिए आरक्षण लागू था, लेकिन केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद ओबीसी छात्रों को भी इस दायरे में शामिल किया गया है। इस नई व्यवस्था का लाभ शहर के 11 कॉलेजों में होने वाले यूजी दाखिलों में मिलेगा। 85% सीटों पर लागू होगा कोटा चंडीगढ़ के कॉलेजों में दाखिला 85:15 के अनुपात से होता है। इसमें 85% सीटें यूटी पूल के तहत शहर के स्कूलों से 12वीं पास करने वाले छात्रों के लिए निर्धारित होती हैं, जबकि 15% सीटें अन्य राज्यों के छात्रों के लिए रखी जाती हैं। ओबीसी आरक्षण का लाभ फिलहाल केवल यूटी पूल की 85% सीटों पर ही लागू किया जाएगा। शहर के कॉलेजों में हर साल करीब 21 हजार से अधिक छात्र यूजी कोर्सेज में दाखिला लेते हैं। यह आरक्षण सभी प्रमुख संकायों आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स और वोकेशनल कोर्सेज में लागू होगा। दाखिले मेरिट के आधार पर किए जाएंगे और पूरी प्रक्रिया कॉमन शेड्यूल के तहत ऑनलाइन माध्यम से पूरी होगी। अन्य आरक्षण जारी रहेंगे चंडीगढ़ के कॉलेजों में पहले से लागू आरक्षण व्यवस्था भी जारी रहेगी। इसके तहत एससी-एसटी वर्ग को 15 से 18 प्रतिशत तक आरक्षण मिलता है, जबकि दिव्यांग, सैनिक और अर्धसैनिक बल कर्मियों के बच्चों के लिए 5 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। इसके अलावा सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए भी अलग से सीटों का प्रावधान रखा गया है। यूजी एडमिशन प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। सेक्टर-46 स्थित पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज द्वारा प्रोस्पेक्ट्स तैयार किया जा रहा है। जैसे ही सीबीएसई और अन्य शिक्षा बोर्ड 12वीं कक्षा के परिणाम घोषित करेंगे, उसके तुरंत बाद दाखिला प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। ऐसे करें आवेदन चंडीगढ़ में कॉलेज एडमिशन के लिए छात्रों को उच्चतर शिक्षा विभाग की वेबसाइट dhe.chd.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन करते समय रजिस्ट्रेशन फीस जमा करनी अनिवार्य होगी। सीट अलॉट होने के बाद विद्यार्थियों को संबंधित कॉलेज में जाकर दस्तावेजों का सत्यापन करवाना होगा और फीस जमा करने के बाद ही उनका प्रवेश पूर्ण माना जाएगा। एडमिशन प्रक्रिया सेंट्रलाइज और नॉन-सेंट्रलाइज दोनों तरीकों से होगी। बीए जैसे कोर्स के लिए नॉन-सेंट्रलाइज सिस्टम के तहत छात्रों को अलग-अलग कॉलेजों में अलग-अलग आवेदन करना होगा। वहीं बीबीए, बीसीए, बीकॉम और बीएससी जैसे कोर्स के लिए सेंट्रलाइज सिस्टम लागू होगा, जिसमें छात्र एक ही आवेदन के जरिए कई कॉलेजों का चयन कर सकेंगे।