चंडीगढ़ के नामी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) सेक्टर-40, स्ट्रॉबेरी फील्ड्स और सेक्टर-25 के चितकारा इंटरनेशन स्कूल को ई-मेल के जरिए ब्लास्ट की धमकी दी गई। जिसके बाद पुलिस, बम स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। ई-मेल में कहा गया कि 1 बजे स्कूलों में ब्लास्ट करेंगे। 3.11 बजे हरियाणा के सीएम ऑफिस में भी ब्लास्ट करेंगे। चंडीगढ़ खालिस्तान बनेगा। अंबाला से दिल्ली तक के रेलवे ट्रैक पर लगातार धमाके किए जाएंगे। धमकी मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर को खाली करवाकर जांच की गई। ई-मेल में ये लिखा गया…
धमकी भरा ईमेल चितकारा स्कूल, स्ट्रॉबेरी फील्ड्स हाई स्कूल और डीपीएस सेक्टर-40 को भेजा गया। खालिस्तान नेशनल आर्मी द्वारा भेजे गए ईमेल में लिखा गया- चंडीगढ़ के स्कूलों में दोपहर 1 बजे बम धमाका होगा। चंडीगढ़ खालिस्तान बनेगा। खालिस्तान वाले बच्चों के खिलाफ नहीं हैं, अपने बच्चों को बचाओ। 3.11 बजे हरियाणा सीएम सैनी के ऑफिस में भी ब्लास्ट होगा। जून 1984 में दरबार साहिब पर फौज के हमले के समय हरियाणा में मिठाइयां बांटी गई थीं, उसका बदला लिया जाएगा। 6 जून 2026 तक अंबाला से दिल्ली रेल ट्रैक पर लगातार आईईडी धमाके होंगे, कोई भी रेल यात्रा न करें। ई-मेल की कॉपी पढ़ें… पुलिस बोली- बच्चे-टीचर्स सुरक्षित, कोई खतरा नहीं
मोहाली के न्यू चंडीगढ़ में स्ट्रॉबेरी फील्ड्स हाई स्कूल को धमकी भरे ईमेल मिलने की जानकारी मिलने के बाद SAS नगर पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और स्कूल में स्पेशल सिक्योरिटी चेकिंग और कड़ी निगरानी शुरू कर दी। मुल्लापुर थाना प्रभारी अमनदीप सिंह ने कहा कि मोहाली पुलिस माता-पिता, टीचरों और नागरिकों को भरोसा दिलाती है कि बच्चों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। पूरी टीम बहुत सावधानी, तैयारी और सतर्कता के साथ अपना काम कर रही है। पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
चंडीगढ़ के स्कूलों को पहले भी ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं। इससे पहले भी शहर के कई स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि हर बार जांच के दौरान पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। सिर्फ स्कूल ही नहीं, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट, जिला अदालत, सेक्टर-43 बस स्टैंड और पासपोर्ट ऑफिस को भी पहले ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। इन मामलों में भी सुरक्षा एजेंसियों ने जांच और तलाशी अभियान चलाया था, लेकिन कहीं कोई विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई।