भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पंजाब-चंडीगढ़ में आज सीवियर हीटवेव यानी भीषण लू का अलर्ट जारी किया। दोपहर 2 बजे जारी इस अलर्ट में कहा गया है कि इस दौरान लोग धूप में निकलने में सावधानी बरतें। भीषण गर्मी व लू से लोग हीट स्ट्रोक और गर्मी से जुड़ी बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। बच्चों-बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को ज्यादा खतरा हो सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि ज्यादा गर्मी में बाहर निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। प्यास लगे तो खूब पानी पिएं। ORS, लस्सी, नींबू पानी और छाछ जैसी चीजें पीते रहें। बाहर निकलते वक्त हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें और सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर रखें। इसी बीच चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने भी दूसरी एडवाइजरी जारी कर कहा- लोग गर्मी से बचने की कोशिश करें। इसके अलावा धूप के सीधे संपर्क में आने से बचने की सलाह दी गई। 14 दिन में यह दूसरी एडवाइजरी है। इससे पहले AC का टेंपरेचर 24-25 रखने को कहा गया था। इसके साथ चंडीगढ़ के स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां 23 मई से 30 जून 2026 तक रहेंगी (कुल 39 दिन)। हालांकि 29 और 30 जून को टीचर स्कूल आएंगे। इसके अलावा 25 मई तक दोनों जगहों पर लू चलने की बहुत अधिक संभावना है। इस दौरान 20-30 किमी प्रति घंटे की स्पीड से गर्म हवाएं चलेंगी। हवाओं की स्पीड 40 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को बाहर निकलने पर लू के थपेड़े सहने होंगे। विभाग के मुताबिक बीती रात चंडीगढ़ का टेंपरेचर नॉर्मल से 5.1 °C और पंजाब का टेंपरेचर 5.0°C तक ज्यादा रहा। इसका मतलब ये है कि अब दिन के बाद रातें भी बहुत तेजी से गर्म होती जा रही हैं। सोमवार को सबसे गर्म जिला बठिंडा रहा, जहां मैक्सिमम टेंपरेचर 47 डिग्री तक पहुंच गया है। गर्मी बढ़ने के 3 बड़े असर चंडीगढ़ में स्कूलों के लिए हीट एडवाइजरी जारी
चंडीगढ़ प्रशासन ने सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों के लिए हीट सेफ्टी एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने कहा है कि स्कूल समय के दौरान बच्चों, खासकर प्री-प्राइमरी और प्राइमरी क्लास के बच्चों को तेज धूप से बचाया जाए। स्कूलों को खेलकूद और आधी छुट्टी जैसी बाहरी गतिविधियां दिन के ठंडे समय या छायादार जगहों पर कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्कूल परिसर में साफ और पर्याप्त पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। वाटर कूलर का सही रखरखाव करने और बच्चों को पूरे समय हाइड्रेटेड रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा कि अगर किसी बच्चे में गर्मी से जुड़ी परेशानी के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत मेडिकल सहायता दी जाए। वहीं अभिभावकों और अटेंडेंट्स को भी बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के दौरान जरूरी सावधानी बरतने के लिए जागरूक करने को कहा गया है। अगले 3 दिन कैसा मौसम रहेगा
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 20 से 23 मई तक 22 जिलों में हीटवेव चलेगी। इन जिलों में फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, रूपनगर और एसएएस नगर (मोहाली) में हीट वेव चलेगी। पंजाब में इतनी गर्मी क्यों, एक्सपर्ट से जानिए
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अधिकारी डॉ. शिविंद्र सिंह कहते हैं- हमारी रेनफॉल एक्टिविटी खत्म हो गई है। अब कोई वेस्टर्न डिस्टरबेंस नहीं है, जिसके चलते हमें मेनली क्लियर स्काई (साफ आसमान) मिल रहा है। इस कारण सूरज का ताप बढ़ने और बादल न होने की वजह से वह तापमान इस सीजन के नॉर्मल टेंपरेचर के आसपास आ गया है। आने वाले दिनों में इसमें और बढोतरी होगी। 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। अब जानिए, मानसून की एंट्री कब तक होगी
मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के मुताबिक पंजाब में मानसून बंगाल की खाड़ी और अरब सागर (दोनों शाखाओं) से होकर पहुँचता है। भौगोलिक रूप से पंजाब इन दोनों समुद्री किनारों से लगभग समान दूरी पर है, इसलिए यहां दोनों तरफ की मानसूनी हवाएं आकर मिलती हैं। इसके बाद आगे मानसून चलता है। बंगाल की खाड़ी के रास्ते से मानसून आता है तो यह उत्तर प्रदेश और दिल्ली को पार करने के बाद यह हवाएं पूर्वी पंजाब (जैसे पटियाला, मोहाली, रूपनगर) के रास्ते राज्य में प्रवेश करती हैं। वहीं, अरब सागर के रास्ते मानसून आता है तो यह राजस्थान को पार कर दक्षिणी और पश्चिमी पंजाब (जैसे बठिंडा, फाजिल्का, फिरोजपुर) के रास्ते दाखिल होती हैं। पंजाब में इस बार मानसून की एंट्री 30 जून से 5 जुलाई 2026 के बीच होने की संभावना है। इस बार सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। *********** ये खबरें भी पढ़ें: गर्मियों में ये 8 गलतियां पड़ सकती हैं भारी, डॉक्टर से जानिए समर हाइड्रेशन से लेकर हाइजीन तक के बेस्ट टिप्स गर्मियों में लोग कई ऐसी छोटी-छोटी गलतियां करते हैं, जो सेहत पर बड़ा असर डालती हैं। बहुत ठंडा पानी पीना, कम पानी पीना, धूप में बिना तैयारी निकलना, ये गलतियां तुरंत असर नहीं दिखातीं। लेकिन डिहाइड्रेशन, थकान, स्किन प्रॉब्लम्स और पाचन संबंधी दिक्कतों का कारण बन सकती हैं। गर्मियों में लोग आमतौर पर कौन-सी गलतियां करते हैं और इनसे बचने के लिए क्या करें? पढ़ें पूरी खबर…
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