प्रेमी संग बेटी की हत्या करने वाली मां को उम्रकैद:यमुनानगर से ले जाकर अमृतसर में दबाया गला; शव 3 घंटे गुरुद्वारे में लेकर घूमी

यमुनानगर के गांधी नगर थाना क्षेत्र में वर्ष 2022 में हुई तीन वर्षीय मासूम दिवजोत कौर की हत्या मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. सुखदा प्रीतम की कोर्ट ने आरोपी मां मनिंदर कौर उर्फ सिम्मी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। महिला प्रेमी संग मिलकर अमृतसर के होटल में बच्ची की हत्या कर गुरुद्वारा साहिब में उसका शव छोड़कर फरार हो गई थी। कोर्ट ने सजा सुनाने के बाद आरोपी महिला को जिला जेल भेजने के आदेश जारी किए हैं। इस केस की करीब चार साल तक चली सुनवाई, गवाहों के बयान, सीसीटीवी फुटेज, होटल रिकॉर्ड, मोबाइल चैट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट जैसे अहम सबूतों के आधार पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। मामले ने उस समय पूरे हरियाणा और पंजाब में सनसनी फैला दी थी, क्योंकि एक मां पर अपनी ही मासूम बेटी की हत्या का आरोप लगा था। मामला गांधी नगर थाना क्षेत्र के कुलदीप नगर का है। दोनों बच्चों को लेकर प्रेमी संग हुई थी फरार 10 अगस्त, 2022 को कुलविंदर सिंह ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि उसकी पत्नी मनिंदर कौर उर्फ सिम्मी सुबह करीब 10 बजे अपने दोनों बच्चों 8 वर्षीय बेटे हरकीरत सिंह और 3 वर्षीय बेटी दिवजोत कौर को लेकर घर से चली गई है। कुलविंदर ने यह भी बताया था कि उसकी पत्नी के किसी अन्य युवक के साथ संबंध हैं और उसे आशंका है कि वह बच्चों को नुकसान पहुंचा सकती है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसी दौरान अमृतसर से सूचना मिली कि श्री हरिमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) परिसर के पास एक तीन वर्षीय बच्ची का शव लावारिस हालत में मिला है। बच्ची का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। SGPC और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। गुरद्वारा साहिब में गोद में शव लेकर घूमती रही सीसीटीवी फुटेज में एक महिला बच्ची को गोद में लेकर घूमती दिखाई दी। बच्ची का चेहरा ढका हुआ था और उसके शरीर में कोई हरकत नहीं थी। महिला के साथ उसका 7 वर्षीय बेटा भी दिखाई दे रहा था। कुछ देर बाद दूसरी फुटेज में वही महिला एक बड़े बैग के साथ दिखाई दी, लेकिन उस समय बच्ची उसके साथ नहीं थी। इसके बाद SGPC ने महिला की तस्वीरें और फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल कर लोगों से पहचान बताने की अपील की। 230 किलोमीटर दूर बच्ची के लापता हाेने की दी शिकायत जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि महिला हरियाणा के यमुनानगर की रहने वाली मनिंदर कौर है। इसी बीच यह भी सामने आया कि यमुनानगर के गांधी नगर थाने में उसके पति द्वारा गुमशुदगी की शिकायत पहले ही दर्ज करवाई जा चुकी थी। इसके बाद अमृतसर पुलिस ने राजपुरा पुलिस और यमुनानगर पुलिस के साथ संपर्क किया। जांच में सामने आया कि बच्ची का शव छोड़ने के बाद आरोपी महिला अमृतसर से करीब 230 किलोमीटर दूर राजपुरा थाने पहुंची थी और वहां अपनी बेटी के लापता होने की झूठी सूचना देने की कोशिश कर रही थी। पुलिस ने सीसीटीवी और अन्य तथ्यों के आधार पर महिला को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी टूट गई और उसने अपनी बेटी की हत्या की बात कबूल कर ली। कॉलेज टाइम से थे संबंध, पति-पत्नी में होता था विवाद पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मनिंदर कौर के अंबाला निवासी अमित नामक युवक के साथ लंबे समय से अवैध संबंध थे। दोनों कॉलेज समय से एक-दूसरे को जानते थे और शादी के बाद भी मोबाइल फोन और मैसेंजर ऐप के जरिए लगातार संपर्क में थे। इस रिश्ते को लेकर पति-पत्नी के बीच कई बार विवाद भी हुआ था। जांच अधिकारियों के अनुसार, मनिंदर कौर और उसके प्रेमी अमित ने बच्चों को रास्ते से हटाकर नई जिंदगी शुरू करने की योजना बनाई थी। योजना के तहत 9 अगस्त 2022 को मनिंदर कौर अपने दोनों बच्चों को लेकर घर से निकली और बस के जरिए अमृतसर पहुंची। वहां आरोपी महिला और उसका प्रेमी एक होटल में रुके। पुलिस को होटल का रजिस्टर, आधार कार्ड की कॉपी और सीसीटीवी फुटेज मिले, जिनमें आरोपी महिला और बच्ची साफ दिखाई दिए। दुपट्टे से घोंटा था बच्ची का गला पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, होटल के कमरे में आरोपी महिला ने अपनी तीन वर्षीय बेटी दिवजोत कौर का दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद वह करीब तीन घंटे तक मृतक बच्ची को गोद में लेकर गोल्डन टेंपल परिसर में घूमती रही ताकि किसी को शक न हो। मौका मिलने पर उसने बच्ची के शव को गुरुद्वारा साहिब परिसर के पास बने प्लाजा क्षेत्र में छोड़ दिया और वहां से फरार हो गई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने वारदात के बाद अपने मोबाइल फोन से चैट और अन्य डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश की थी। हालांकि, पुलिस ने मोबाइल रिकॉर्ड, होटल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूत जुटाकर पूरी कड़ी जोड़ ली। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने होटल, घटनास्थल और अन्य स्थानों से भी महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। बेटा बोला- मां और अंकल ने मिलकर दबाया गला मामले में सबसे अहम गवाही आरोपी महिला के बेटे हरकीरत सिंह की रही। बच्चे ने पुलिस को बताया था कि उसकी मां ने “अंकल” के साथ मिलकर उसकी छोटी बहन का गला घोंटा था। बच्चे के बयान ने पूरे मामले को और मजबूत कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी बच्ची की मौत गला घोंटने से होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर कोर्ट में चालान पेश किया। करीब चार साल चली सुनवाई के दौरान कोर्ट में होटल के सीसीटीवी फुटेज, होटल रजिस्टर, मोबाइल कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच से जुड़े तमाम सबूत पेश किए गए। सभी तथ्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने मनिंदर कौर उर्फ सिम्मी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

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