चंडीगढ़ ट्रिब्यून चौक से जीरकपुर बॉर्डर तक बनेगा फ्लाईओवर:4.5 KM लंबा प्रोजेक्ट: ट्रैफिक जाम से मिलेगी निजात, DPR तैयार करने को एजेंसी नियुक्त

चंडीगढ़ के सबसे व्यस्त और जाम प्रभावित मार्गों में शामिल ट्रिब्यून चौक से जीरकपुर बॉर्डर तक लोगों को जल्द ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पोल्ट्री फार्म चौक से जीरकपुर बॉर्डर तक प्रस्तावित फ्लाईओवर प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए सलाहकार एजेंसी नियुक्त कर दी है। करीब 4.5 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 300 करोड़ रुपये है। एजेंसी अगले तीन महीनों में अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपेगी। अधिकारियों के अनुसार एनएच-05 पर ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए जीएमसीएच-32 चौक से सीधे जीरकपुर बॉर्डर तक एक ही फ्लाईओवर बनाना संभव नहीं था, क्योंकि पोल्ट्री फार्म चौक के पास रेलवे ओवरब्रिज पहले से मौजूद है। इसी वजह से परियोजना को दो हिस्सों में विभाजित किया गया है। ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद योजना के तहत पहला फ्लाईओवर ट्रिब्यून चौक पर बनाया जाएगा, जबकि दूसरा रेलवे ओवरब्रिज के पास से शुरू होकर जीरकपुर बॉर्डर पर हाल ही में बने फ्लाईओवर तक जाएगा। इससे पोल्ट्री फार्म चौक, हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट और पुराने एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। पूरा मार्ग होगा सिग्नल-फ्री फ्लाईओवर बनने के बाद ट्रिब्यून चौक से जीरकपुर बॉर्डर तक पूरा मार्ग सिग्नल-फ्री हो जाएगा। फिलहाल सुबह और शाम ऑफिस समय में इस रूट पर भारी जाम लगना आम बात है। सलाहकार एजेंसी मौजूदा सड़क ढांचे का अध्ययन कर विभिन्न डिजाइन विकल्पों का मूल्यांकन करेगी और तकनीकी व आर्थिक दृष्टि से सबसे उपयुक्त मॉडल की सिफारिश करेगी। हाईकोर्ट ने पेड़ों की कटाई पर लगाई रोक इधर, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह आदेश उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें परियोजना को शहर की विरासत और मास्टर प्लान-2031 के विपरीत बताया गया था। याचिकाकर्ता का कहना था कि मास्टर प्लान-2031 के तहत चंडीगढ़ को पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के अनुकूल शहर के रूप में विकसित किया जाना है। फ्लाईओवर से शहर की दृश्य पहचान और गैर-मोटर चालित परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। हालांकि प्रशासन ने अदालत में दलील दी कि मास्टर प्लान में फ्लाईओवर निर्माण की अनुमति है और केवल सेक्टर-1 से 30 तक का क्षेत्र हेरिटेज जोन में आता है। प्रशासन ने यह भी बताया कि पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए 5:1 अनुपात में 2,799 पेड़ लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। मई 2026 से शुरू होगा निर्माण प्रशासन के अनुसार ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर का ठेका सिंगला कंस्ट्रक्शन को 147.98 करोड़ रुपये में दिया गया है, जो अनुमानित लागत से करीब 31 प्रतिशत कम है। लगभग 1.6 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट में रोटरी और अंडरपास भी शामिल होंगे। निर्माण कार्य मई 2026 में शुरू होकर अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में ट्रिब्यून चौक से प्रतिदिन करीब 1.43 लाख वाहन गुजरते हैं, जिनमें अधिकांश यात्री वाहन शामिल हैं। फ्लाईओवर बनने के बाद यहां लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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