चंडीगढ़ के सेक्टर-10 स्थित लीजर वैली में वॉकिंग ट्रैक पर क्रेटा गाड़ी दौड़ानी महंगी पड़ी। चंडीगढ़ पुलिस ने कार मालिक का 18 हजार का चालान काट दिया। उसकी गाड़ी भी जब्त कर ली गई है। यह गाड़ी मोहाली के ट्राईसिटी इवेंट मैनेजर की निकली। हालांकि पहले पुलिस कहती रही कि इस बारे में तभी बताना था, जब गाड़ी देखी गई। फिर पुलिस ने गाड़ी मालिक के पास लीजर वैली में गाड़ी चलाने की परमिशन होने की बात कही। मगर, दैनिक भास्कर से बातचीत में प्रशासन ने साफ कहा कि सभी डिपार्टमेंट चेक कर लिए, किसी को परमिशन नहीं दी गई। इसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। जिस लीजर वैली में गाड़ी दौड़ाई गई, उसके चंद कदम दूरी पर चंडीगढ़ पुलिस का हेडक्वार्टर और पुलिस थाना-3 भी है। हालांकि सैर करने गए किसी सोशल मीडिया यूजर ने इसका वीडियो बनाकर ट्रैफिक पुलिस और निगम से कार्रवाई की मांग की। गाड़ी मालिक पर कार्रवाई से जुड़ी 3 अहम बातें… नंबर से गाड़ी ट्रेस की, मोहाली नंबर लगा था
वॉकिंग ट्रैक पर कार दौड़ाने का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस स्टेशन सेक्टर-3 की टीम ने गाड़ी का नंबर PB65BM-9156 ट्रेस कर उसकी डिटेल निकाली। इसके बाद सेक्टर-3 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संजीव सिंह ने बताया कि गाड़ी ड्राइवर की पहचान कर ली गई है और उसे पुलिस स्टेशन में बुलाया गया है। ड्राइवर ने दावा किया है कि वह किसी इवेंट के सिलसिले में लीजर वैली के अंदर गया था और उसके पास अंदर गाड़ी ले जाने की परमिशन थी। थाना प्रभारी ने यह भी कहा कि ड्राइवर को संबंधित परमिशन के दस्तावेजों के साथ पेश होने के लिए कहा गया है। यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि उसके पास वैध अनुमति नहीं थी, तो उसके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि दूसरे मामलों की तरह पुलिस ने गाड़ी के नंबर के आधार पर चालान नहीं काटा था। प्रशासन ने पुलिस का दावा खारिज किया
पुलिस के इस दावे के बाद दैनिक भास्कर ने चंडीगढ़ प्रशासन से बात की कि गाड़ी वाले को किसने परमिशन दी थी। इसके बारे में चंडीगढ़ प्रशासन के डायरेक्टर (पब्लिक रिलेशन) राजीव तिवारी ने कहा है कि उन्होंने सभी संबंधित डिपार्टमेंट्स के अधिकारियों से बात की है। लीजर वैली के अंदर कार चलाने की परमिशन किसी भी ड्राइवर को किसी डिपार्टमेंट की तरफ से नहीं दी गई है। गाड़ी इंपाउंड की, 3 नियमों के उल्लंघन में चालान काटा
चंडीगढ़ प्रशासन ने पुलिस का दावा नकारा तो पुलिस अफसर हरकत में आ गए। इसके बाद उन्होंने गाड़ी जब्त कर ली। गाड़ी पुलिस थाना-3 में खड़ी कर दी गई। पुलिस ने कहा कि गाड़ी के ड्राइवर का नाम साहिल है। वह ट्राईसिटी में इवेंट करवाता है। जिसमें पुलिस ने ड्राइवर पर 3 ऑफेंस लगाए। इनमें विदाउट ड्राइविंग लाइसेंस के बदले 5 हजार, विदाउट आरसी का 3 हजार और डेंजरस ड्राइविंग का 8 हजार का चालान काट दिया। डेंजरस ड्राइविंग का जुर्माना कोर्ट में भरना पड़ेगा। जिसमें कोर्ट चाहे तो 25 हजार रुपए तक का भी जुर्माना लगा सकती है। अब जानिए, यह पूरा मामला सामने कैसे आया