चंडीगढ़ लीजर वैली में वॉकिंग ट्रैक पर दौड़ाई कार:सैर करने आए व्यक्ति ने VIDEO बनाया; ट्रैफिक पुलिस बोली- उसी समय बताना था

चंडीगढ़ के सेक्टर-10 स्थित लीजर वैली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। रोजाना सैकड़ों लोग जिस वॉकिंग ट्रैक पर सुबह-शाम सैर करने पहुंचते हैं, रविवार सुबह उसी ट्रैक पर एक ग्रे रंग की क्रेटा कार चलती नजर आई। यह कार काफी देर तक ट्रैक पर दौड़ती रही। इसके बाद ड्राइवर उसे लेकर बाहर निकल गया। हैरानी की बात है कि लीजर वैली से चंद कदम दूर चंडीगढ़ पुलिस का हेडक्वार्टर और पुलिस स्टेशन-3 है। कार ड्राइवर पार्क में नियम तोड़ता रहा और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। जब एक यूजर ने सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो शेयर कर ट्रैफिक पुलिस और चंडीगढ़ नगर निगम से कार्रवाई की मांग की तो चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस का रिप्लाई आया- ऐसी स्थिति दिखे तो उसी समय बताना चाहिए। हमारा फील्ड स्टाफ मौके पर ही कार्रवाई कर सकता है। वहीं, पुलिस का कहना है कि ड्राइवर ने बताया है उसके पास लीजर वैली में कार चलाने की परमिशन थी। पुलिस ने ड्राइवर को परमिशन के दस्तावेजों के साथ पुलिस स्टेशन में पेश होने का आदेश दिया है। जबकि, प्रशासन ने परमिशन के दावों को खारिज किया है। वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने गाड़ी का नंबर ट्रेस किया
घटना का करीब 17 सेकेंड का एक वीडियो सामने आया है, जिसे लीजर वैली में सैर करने आए किसी व्यक्ति ने शूट किया। इसके बाद उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। इससे यह वीडियो वायरल हो गया। लोगों ने इस पर अपने रिएक्शन भी दिए। वीडियो में P‌B65BM-9156 नंबर की कार दौड़ती दिख रही है। इसमें दो लोग सवार हैं। मामला तूल पकड़ता देख चंडीगढ़ पुलिस हरकत में आई। पुलिस स्टेशन सेक्टर-3 की टीम ने गाड़ी का नंबर ट्रेस कर उसकी डिटेल निकाली। पुलिस बोली- ड्राइवर को पुलिस स्टेशन बुलाया है
जांच में सामने आया कि कार मोहाली रजिस्ट्रेशन की है। उसे मोहाली का ही व्यक्ति चला रहा था। हालांकि, पुलिस ने गाड़ी मालिक की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। सेक्टर-3 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संजीव सिंह ने बताया कि गाड़ी ड्राइवर की पहचान कर ली गई है और उसे पुलिस स्टेशन में बुलाया गया है। ड्राइवर ने दावा किया है कि वह किसी इवेंट के सिलसिले में लीजर वैली के अंदर गया था और उसके पास अंदर गाड़ी ले जाने की अनुमति थी। थाना प्रभारी ने यह भी कहा कि ड्राइवर को संबंधित परमिशन के दस्तावेजों के साथ पेश होने के लिए कहा गया है। यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि उसके पास वैध अनुमति नहीं थी, तो उसके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीपीआरओ ने परमिशन का दावा नकारा
हालांकि, चंडीगढ़ प्रशासन के डायरेक्टर डीपीआरओ राजीव तिवारी ने कहा है कि उन्होंने सभी संबंधित डिपार्टमेंट्स के अधिकारियों से बात की है। लीजर वैली के अंदर कार चलाने की परमिशन किसी भी ड्राइवर को किसी डिपार्टमेंट की तरफ से नहीं मिली है। यूजर की पोस्ट पर ट्रैफिक पुलिस ने यह रिप्लाई किया…

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