पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 4 मई को हुई बैठक में 7 वकीलों को हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कॉलेजियम की सिफारिश के अनुसार जिन अधिवक्ताओं को जज बनाने की मंजूरी मिली है, उनमें मोनिका छिब्बर शर्मा, हरमीत सिंह देओल, पूजा चोपड़ा, सुनीश बिंदलिश, नवदीप सिंह, दिव्या शर्मा और रविंदर मलिक शामिल हैं। लंबे समय से न्यायिक नियुक्ति प्रक्रिया में विचाराधीन यह सभी नाम लंबे समय से न्यायिक नियुक्ति प्रक्रिया में विचाराधीन थे। कॉलेजियम द्वारा मंजूरी मिलने के बाद अब इनकी नियुक्ति की फाइल केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। केंद्र सरकार की औपचारिक स्वीकृति और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इनकी नियुक्ति आधिकारिक रूप से लागू होगी। कानूनी जानकारों के अनुसार, हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढ़ने से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। फिलहाल पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में कई पद खाली चल रहे हैं, जिससे केसों की सुनवाई पर असर पड़ रहा है। पेंडेंसी को कम करने में भी मदद मिलेगी इन नई नियुक्तियों का सीधा असर हाईकोर्ट के कामकाज पर पड़ेगा। अभी तक जजों के कई पद खाली होने के कारण एक-एक जज पर मामलों का बोझ काफी ज्यादा था। इसके चलते सुनवाई की तारीखें आगे बढ़ती रहती थीं और कई मामलों में फैसला आने में सालों लग जाते थे। अब जब नए जज नियुक्त होंगे तो बेंचों की संख्या बढ़ेगी और ज्यादा मामलों की रोजाना सुनवाई संभव हो पाएगी। केसों का बैकलॉग धीरे-धीरे घटेगा जजों की संख्या बढ़ने से लंबित मामलों (पेंडेंसी) को कम करने में भी मदद मिलेगी। खासकर पुराने केस, जो लंबे समय से फैसले का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा सकेगा। इससे अदालतों में लंबी कतारें कम होंगी और केसों का बैकलॉग धीरे-धीरे घटेगा। वकीलों के लिए भी यह राहत की बात होगी, क्योंकि अब उन्हें अपने केस की सुनवाई के लिए बार-बार तारीख नहीं लेनी पड़ेगी। केस जल्दी लिस्ट होंगे और सुनवाई में तेजी आएगी, जिससे उनका समय और मेहनत दोनों बचेंगे। सबसे बड़ा फायदा आम लोगों यानी पक्षकारों को होगा। कोर्ट में केस लड़ रहे लोगों को अक्सर वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे मानसिक, आर्थिक और सामाजिक दबाव बढ़ता है। नए जज आने से मामलों का जल्दी निपटारा होगा, जिससे लोगों को समय पर न्याय मिल सकेगा।