जालंधर पुलिस कमिश्नरेट ने नशा मुक्त अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए भारी मात्रा में जब्त नशीले पदार्थों को नष्ट कर दिया है। पुलिस द्वारा नष्ट की गई इस खेप में 34 किलो 544 ग्राम हेरोइन, 1,05,930 नशीली गोलियां और 4,272 कैप्सूल शामिल थे। एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत तय नियमों का पालन करते हुए इन प्रतिबंधित पदार्थों को पूरी पारदर्शिता के साथ भट्टी में जलाकर नष्ट किया गया। नशे के खिलाफ पुलिस का कड़ा प्रहार कमिश्नरेट पुलिस ने शहर को नशा मुक्त बनाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए जब्त किए गए नशीले पदार्थों के निपटान की प्रक्रिया पूरी की। यह कार्रवाई ‘ड्रग डिस्पोजल कमेटी’ की देखरेख में आयोजित की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कदम न केवल अपराधियों को संदेश देता है, बल्कि जनता में भी विश्वास जगाता है। नष्ट की गई हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। लंबे समय से विभिन्न छापों और नाकाबंदी के दौरान पकड़े गए इन पदार्थों को अदालती आदेशों और कानूनी औपचारिकताओं के बाद सुरक्षित रूप से नष्ट करने का फैसला लिया गया। पारदर्शिता के साथ हुआ विनाश नशीले पदार्थों को नष्ट करने की यह प्रक्रिया पूरी तरह से वीडियो-रिकॉर्ड की गई। एनडीपीएस कमेटी के सदस्यों की उपस्थिति में, सभी नशीले पदार्थों के स्टॉक का मिलान सरकारी रिकॉर्ड से किया गया। इसके बाद, पर्यावरण मानकों का ध्यान रखते हुए इन्हें एक हाई-टेक भट्टी में डालकर नष्ट कर दिया गया। इस खेप में शामिल दवाओं और हेरोइन को अलग-अलग मामलों (FIR) के तहत जब्त किया गया था। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई एक नियमित प्रक्रिया है ताकि थानों और मालखानों में जब्त सामान का बोझ कम हो सके और नशीले पदार्थ दोबारा किसी गलत हाथ में न पड़ें। नशीली गोलियों और कैप्सूलों का बड़ा स्टॉक हेरोइन के साथ-साथ, पुलिस ने 1.05 लाख से अधिक नशीली गोलियों और 4,000 से ज्यादा कैप्सूलों को भी जलाया। ये दवाएं अक्सर युवाओं को नशे की लत लगाने के लिए अवैध रूप से बेची जाती थीं। पुलिस की इस कार्रवाई से नशा तस्करों के नेटवर्क को एक बड़ा आर्थिक झटका लगा है। जनता से सहयोग की अपील पुलिस कमिश्नर ने इस अवसर पर कहा कि ड्रग्स के खिलाफ यह युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक जड़ों से नशा खत्म नहीं हो जाता। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशा बेचता या तस्करी करता पाया जाता है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का मानना है कि नशीले पदार्थों का सार्वजनिक रूप से विनाश करना समाज को यह दिखाने का एक तरीका है कि कानून नशे के व्यापार को बर्दाश्त नहीं करेगा। आने वाले दिनों में इसी तरह के और भी अभियान चलाए जाएंगे ताकि शहर को पूरी तरह से सुरक्षित बनाया जा सके।