जालंधर में बिजली कटों पर अकाली दल का प्रदर्शन:बिजली दफ्तर घेर की नारेबाजी, पुतला फूंका; संघा बोले- सरकार केवल जुमलेबाजी में माहिर

जालंधर में भीषण गर्मी के बीच लग रहे लंबे बिजली कटों को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने बूटा मंडी में प्रदर्शन किया। इस दौरान नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर पुतला फूंका। जालंधर कैंट से अकाली दल के मुख्य सेवादार हरजाप सिंह संघा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने XEN दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। अकाली दल ने चेतावनी दी कि यदि बिजली की आपूर्ति तुरंत नहीं सुधारी गई, तो यह जन आंदोलन और उग्र होगा। प्रदर्शन के दौरान हरजाप सिंह संघा ने कहा कि पंजाब सरकार केवल जुमलेबाजी में माहिर है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार 300 यूनिट मुफ्त बिजली का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी तरफ भीषण गर्मी में घंटों बिजली गायब रहती है। इन कटों के कारण न केवल घरेलू उपभोक्ता बल्कि छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी बेहद परेशान हैं। किसान और इंडस्ट्री के लोग परेशान संघा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसान पहले से ही मंडियों में अपनी समस्याओं को लेकर बैठा है। अब बिजली की कमी ने खेती और सिंचाई के संकट को और बढ़ा दिया है। यही हाल औद्योगिक क्षेत्र (Industry) का है। बिजली न होने के कारण फैक्ट्रियां जनरेटर पर तेल फूंकने को मजबूर हैं, जिससे राज्य की आर्थिक तरक्की पर गहरा असर पड़ रहा है। सरकार के मरम्मत वाले बहाने पर उठाए सवाल जब बिजली मंत्री के उस बयान का जिक्र हुआ जिसमें कहा गया था कि ग्रिड की मरम्मत के कारण कट लगाए गए थे, तो हरजाप सिंह ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि ऐसी कौन सी ‘जादुई छड़ी’ थी कि सरकार ने रातों-रात मरम्मत का काम पूरा करने का दावा कर दिया और नोटिफिकेशन वापस ले लिया? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीयत में खोट है और जनता के जागने के डर से वे अपने बयान बदल रहे हैं। अकाली दल के नेताओं ने बिजली संकट को सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई से जोड़ा। उन्होंने कहा कि रात के समय बिजली न होने से बच्चे पढ़ नहीं पा रहे हैं। बिना बिजली के मुफ्त यूनिटों का कोई अर्थ नहीं रह जाता। सरकार को विज्ञापन छोड़कर जमीनी स्तर पर बिजली के बुनियादी ढांचे को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। अधिकारियों को दी नसीहत प्रदर्शनकारियों ने दफ्तर में मौजूद अधिकारियों को भी स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन अधिकारियों को यहीं रहकर जनता की सेवा करनी है। इसलिए वे सरकार के दबाव में आने के बजाय जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दें और उन्हें बिजली जैसी बुनियादी सुविधा मुहैया कराएं। शिरोमणि अकाली दल ने साफ किया कि यह केवल एक दिन का प्रदर्शन नहीं है। यदि पंजाब के लोगों को उनका हक नहीं मिला और बिजली की सुचारू सप्लाई बहाल नहीं हुई, तो पूरे राज्य में इसी तरह के धरने और प्रदर्शन लगातार जारी रहेंगे।

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