जेल से छूटने के बाद लंबा काफिला निकालना पड़ा भारी:गोंडा पुलिस ने सपा नेता के हत्यारोपी भाजपा सभासद को दोबारा भेजा जेल, जमानत की शर्तें तोड़ीं

यूपी के गोंडा में जमानत पर छूटने के बाद शहर में रैली निकालना भाजपा नेता को भारी पड़ गया। सपा नेता ओमप्रकाश सिंह के हत्याकांड के आरोपी भाजपा सभासद उदयभान सिंह को पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उन पर इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप है। एक महीने पहले भाजपा नेता को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी। जेल से छूटने के बाद उन्होंने गाड़ियों का लंबा काफिला लेकर करीब 25 किलोमीटर लंबी रैली निकाली थी। इतना ही नहीं, जिस सपा नेता की हत्या का आरोप था, उसके घर के सामने से भी रैली लेकर गुजरे। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था। वीडियो को संज्ञान में लेते हुए पुलिस ने अब कार्रवाई की है। अब पूरा मामला विस्तार से उदयभान सिंह को 15 अप्रैल 2026 की शाम करीब 7 बजे इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ से सशर्त जमानत मिली थी। रिहाई के बाद वह गोंडा मंडलीय कारागार से अपने घर परसपुर के राजा टोला तक काफिले के साथ पहुंचे। बताया गया कि जेल से घर तक करीब 25 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 4–5 लग्जरी कारों और एक दर्जन से अधिक मोटरसाइकिलों का काफिला निकाला गया। आरोप है कि यह काफिला उसी वार्ड से गुजरा जहां मृतक सपा नेता ओमप्रकाश सिंह का घर है। इससे उनके परिवार में दहशत फैल गई। काफिले के दौरान नारेबाजी और लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप भी लगे। समर्थक “लल्लन दादा जिंदाबाद” और “जेल का ताला टूट गया, शेर हमारा छूट गया” जैसे नारे लगाते नजर आए। 15 अप्रैल को जेल से छूटने पर निकाली थी रैली, तस्वीरें…
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में 18 अप्रैल को मामला सामने आने के बाद पुलिस ने संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने कहा कि जमानत मिलने के बाद शर्तों का पालन अनिवार्य होता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। एसपी के निर्देश पर परसपुर पुलिस ने जांच की और 19 अप्रैल की देर शाम आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे फिर जेल भेज दिया गया। सपा नेता हत्याकांड: क्या है पूरा केस 19 जुलाई 2024 को परसपुर के राजा टोला में दिनदहाड़े धारदार हथियार से सपा नेता ओमप्रकाश सिंह की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक की पत्नी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ था। केस में भाजपा सभासद उदयभान सिंह उर्फ लल्लन सिंह, उनके तीन बेटे सूरज, नंदन और धर्मवीर तथा रोहित सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया। घटना के बाद से उदयभान उर्फ लल्लन सिंह फरार था। पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। परसपुर पुलिस ने 23 जुलाई को मुठभेड़ में उदयभान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। करीब 21 महीने बाद 15 अप्रैल को उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी। परिवार में दहशत, कार्रवाई की मांग जेल से छूटने के बाद निकाले गए जुलूस से मृतक सपा नेता के परिवार में डर का माहौल है। परिजनों का कहना है कि छोटे-छोटे बच्चे दहशत में हैं और घर से बाहर निकलने से डर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। मामले की जांच जारी है।
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‘साहब ये मेरी मां का कटा हाथ है। मैं तीन दिन से थाने, चौकी और एडीसीपी से लेकर डीसीपी ऑफिस के चक्कर काट रहा हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। इंसाफ चाहिए।’ यह कहते हुए ITBP जवान विकास सिंह फफक पड़े। सोमवार को विकास पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के पास पहुंचे थे। उन्होंने कमिश्नर को अपनी मां का कटा हाथ दिखाया तो वे सन्न रह गए। पढ़ें पूरी खबर…

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