जॉर्डन की जेल में फंसा सुपौल का नौशाद:पत्नी ने सांसद पप्पू यादव से लगाई मदद की गुहार; कर्ज लेकर परिवार ने भेजा था विदेश

सुपौल से बेहतर कमाई और मोटी सैलरी के सपने लिए विदेश गया युवक फॉरेन में फंसा है। परिवार को उम्मीद थी कि विदेश में नौकरी मिलने के बाद घर की हालत सुधरेगी, बच्चों का भविष्य बेहतर होगा और कर्ज खत्म हो जाएगा। लेकिन अब वही नौशाद जॉर्डन की जेल में बंद है। पति की गिरफ्तारी से परेशान पत्नी शबाना खातून परिवार संग पूर्णिया पहुंची और सांसद पप्पू यादव से मदद की गुहार लगाई। सुपौल के सिमराही बाजार का रहने वाला नौशाद अली परिवार की गरीबी दूर करने के सपने लिए दो महीने पहले ही जॉर्डन गया था। मगर महीने भर पहले ही जॉर्डन में किसी लड़की से जुड़े मामले में नौशाद अली को गिरफ्तार किया गया है। घर वालों का कहना है कि उन्हें मामले की पूरी जानकारी नहीं दी जा रही है, लेकिन इतना पता चला है कि नौशाद जेल में बंद है और मामला गंभीर बताया जा रहा है। विदेश भेजने के लिए लिया था कर्ज पत्नी शबाना खातून ने बताया कि नौशाद को विदेश भेजने के लिए परिवार ने गांव और रिश्तेदारों से कर्ज लिया था। घर की आर्थिक हालत पहले से खराब थी, इसलिए परिवार ने उम्मीद के सहारे नौशाद को विदेश भेजा। लेकिन अब हालत यह हो गई है कि घर चलाना भी मुश्किल हो रहा है। शबाना ने बताया कि कुछ दिन पहले जॉर्डन से एक वकील का फोन आया था। उसने कहा कि नौशाद जेल में बंद है और उसे छुड़ाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। इसके लिए करीब चार लाख रुपये की मांग की गई है। परिवार का कहना है कि उनके पास इतनी बड़ी रकम जुटाने का कोई साधन नहीं है। शबाना ने कहा कि पति जेल में हैं, घर में कमाने वाला कोई नहीं है। हम लोग पहले से कर्ज में डूबे हैं। ऊपर से 15 दिन पहले मेरे पिता की भी मौत हो गई। अब बच्चों का पालन-पोषण कैसे होगा और पति को कैसे छुड़ाएंगे, कुछ समझ नहीं आ रहा है। जॉर्डन के कानून और वहां की प्रक्रिया की कोई जानकारी नहीं है। भाषा की परेशानी भी सामने आ रही है। ऐसे में वे पूरी तरह असहाय महसूस कर रहे हैं। इसी उम्मीद में शबाना खातून अपने परिवार के साथ पूर्णिया पहुंची और सांसद पप्पू यादव से मुलाकात कर मदद की अपील की। नौशाद को कानूनी मदद दिलाने की मांग की परिवार ने सांसद से भारतीय दूतावास और केंद्र सरकार से संपर्क कर नौशाद को कानूनी मदद दिलाने की मांग की है। सांसद पप्पू यादव ने परिवार को भरोसा दिलाया कि मामले को गंभीरता से उठाया जाएगा और हर संभव मदद करने की कोशिश होगी। फिलहाल नौशाद अली का परिवार सरकार और प्रशासन से मदद की उम्मीद लगाए बैठा है। परिवार की सबसे बड़ी मांग यही है कि किसी तरह नौशाद को जॉर्डन की जेल से बाहर निकालकर सुरक्षित भारत वापस लाया जाए।

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